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Chandigarh News: क्लर्क-स्टेनो को मिलेगा 2015 भर्ती का ग्रेड-पे
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के क्लर्क और स्टेनो-टाइपिस्ट कर्मचारियों को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) से बड़ी राहत मिली है। कैट ने प्रशासन की तरफ से भर्ती विज्ञापन में तय वेतनमान और नियुक्ति पत्र में दिए गए वेतनमान में किए गए बदलाव को गलत ठहराते हुए आदेश दिया है कि कर्मचारियों को 2015 के भर्ती नियमों और विज्ञापन के अनुसार ही 3200 का ग्रेड-पे दिया जाए।
साल 2019 में प्रशासन ने क्लर्क और स्टेनो-टाइपिस्ट की भर्ती निकाली थी जिसमें वेतनमान 10,300-34,800 रुपये ग्रेड पे 3200 तय था लेकिन 2021 में नियुक्ति पत्र जारी करते समय प्रशासन ने एक कॉरिजेंडम के जरिए वेतनमान घटाकर 5,910-20,200 रुपये ग्रेड पे 1900 कर दिया जिससे नए भर्ती कर्मचारियों का वेतन डीसी रेट के बराबर रह गया। कर्मचारियों ने इसे कैट में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रोहित सेठ और अधिवक्ता रजत मोर ने पैरवी की।
उन्होंने दलील दी कि भर्ती नियम 2015 संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए वैधानिक नियम हैं और इन्हें किसी भी प्रशासनिक आदेश या करेक्शन नोटिस से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही पंजाब सरकार के इसी तरह के आदेश को रद्द कर चुका है, बावजूद इसके चंडीगढ़ प्रशासन ने उसे लागू कर दिया।
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साल 2019 में प्रशासन ने क्लर्क और स्टेनो-टाइपिस्ट की भर्ती निकाली थी जिसमें वेतनमान 10,300-34,800 रुपये ग्रेड पे 3200 तय था लेकिन 2021 में नियुक्ति पत्र जारी करते समय प्रशासन ने एक कॉरिजेंडम के जरिए वेतनमान घटाकर 5,910-20,200 रुपये ग्रेड पे 1900 कर दिया जिससे नए भर्ती कर्मचारियों का वेतन डीसी रेट के बराबर रह गया। कर्मचारियों ने इसे कैट में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रोहित सेठ और अधिवक्ता रजत मोर ने पैरवी की।
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उन्होंने दलील दी कि भर्ती नियम 2015 संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए वैधानिक नियम हैं और इन्हें किसी भी प्रशासनिक आदेश या करेक्शन नोटिस से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही पंजाब सरकार के इसी तरह के आदेश को रद्द कर चुका है, बावजूद इसके चंडीगढ़ प्रशासन ने उसे लागू कर दिया।
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