फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Clerk Recruitment Scam Exposed in Punjab University Chandigarh

पंजाब यूनिवर्सिटी में एक और घोटाला, क्लर्क के 50 पद खाली, 150 डेलीवेज कर्मियों को दे दिया ग्रेड

Fri, 27 Sep 2019 02:28 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 27 Sep 2019 02:28 PM IST
विज्ञापन
Clerk Recruitment Scam Exposed in Punjab University Chandigarh
प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में एक और गड़बड़झाला उजागर हुआ है और अब दोनों ही मामलों में जांच करने की तैयारी शुरू हो गई है। दरअसल, पीयू में क्लर्क की 50 पोस्ट रिक्त हैं, उनके स्थान पर उतने ही पद भरे जाने चाहिए थे, लेकिन 150 डेली वेजिज कर्मियों को क्लर्क बनाकर उन्हें ग्रेड पे देने के आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन


हालांकि यह कर्मचारी स्थाई नहीं किए गए, लेकिन इनके वेतन में 10 हजार की बढ़ोत्तरी होगी। ऐसे में पीयू के खजाने पर प्रतिवर्ष 1.80 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। बुद्धिजीवियों ने इस सभी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पंजाब यूनिवर्सिटी फाइनेंशियल क्रंच में नहीं था, लेकिन इसे सुनियोजित तरीके से लाया गया।
विज्ञापन


इसका जिम्मेदार सिंडिकेट, सीनेट, बोर्ड ऑफ फाइनेंस व पीयू प्रशासन खुद है। सूत्रों का कहना है कि इस्टेब्लिसमेंट ब्रांच ने प्रथम चरण में 30 कर्मियों को लाभ देने की फाइल तैयार कर ऑडिट विभाग के पास भेजी तो वहां इस पर रोक लगा दी गई। बताया जाता है कि उसकी जांच ऑडिट विभाग अपने स्तर से कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

300 डेली वेज कर्मियों को क्लर्क का ग्रेड पे देने की योजना

सूत्रों के मुताबिक पीयू की ओर से लगभग 300 डेली वेजिज कर्मियों को क्लर्क का ग्रेड पे देने की योजना है। अभी फिलहाल 150 कर्मियों को लिया गया है और उन्हें ग्रेड पे देने के आदेश जारी कर दिए। यह वह कर्मचारी हैं जो 2008 के बाद पीयू में काम कर रहे हैं। जिनको दस साल पूरे हुए हैं उन्हें इस लाभ के दायरे में लाया जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि 50 क्लर्क के पद हैं तो काम चलाने के लिए 50 ही डेली वेजिज कर्मियों को क्लर्क का ग्रेड पे दिया जाए। बाकी 100 कर्मियों को पुराना मानदेय दिया जाना चाहिए लेकिन पीयू ने ऐसा नहीं किया और उनको भी ग्रेड पे का लाभ देने के आदेश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस्टैब्लिसमेंट ब्रांच ने भी नियमों को ताक पर रखकर प्रथम चरण में 30 कर्मियों को लाभ देने के आदेश दिए हैं।

हैरत तो इस बात की है कि आदेश में यह भी रास्ता दिखा दिया कि स्थाई भर्ती की प्रक्रिया जब शुरू होगा तो इन कर्मियों को पुराने मानदेय पर आना पड़ेगा, लेकिन जानकार बताते हैं कि ऐसी स्थिति बनी तो यही कर्मचारी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। डीयूआई प्रो. शंकरजी झा का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है वह पता करेंगे।

बैकडोर प्रकरण से पीयू में हड़कंप, जांच की तैयारी

200 डेली वेजिज कर्मियों की बैकडोर एंट्री करके स्थाई करने के घोटाले का खुलासा अमर उजाला ने किया तो हड़कंप मच गया। कर्मचारी अपने बचाव की तैयारी कर रहे हैं। वहीं इन कर्मियों को लाभ दिलाने वाले शिक्षा माफिया भी अपने बचाव के रास्ते ढूंढने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में वीसी प्रो. राजकुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। इसमें कई लोगों की गर्दनें फंस रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed