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चंडीगढ़ के वकीलों को मिल गए चैम्बर्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 29 Jan 2014 12:05 PM IST
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके कौल ने सेक्टर-43 जिला अदालत में वकीलों के चेंबर को उद्घाटन किया।
इस मौके पर कंस्ट्रक्शन कमेटी के चेयरमैन और एडमिनिस्ट्रेटिव जज राजन गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज एसके अग्रवाल जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक चौहान और सेक्रेटरी बलजीत सिंह मौजूद थे।
चीफ जस्टिस कौल ने कहा कि वकीलों को अपने दायित्व को निष्ठा से निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए जिला अदालत परिसर में वकीलों को जो जगह दी गई है वहां बैठना चाहिए।
सेक्टर 17 की तरह यहां भी अतिक्रमण स्वीकार नहीं होगा। नए वकीलों के बैठने के लिए एक ओर कांप्लेक्स भी तैयार किया जा सकता है।
लंबित केसों को जल्द से जल्द निपटारा करने के लिए चीफ जस्टिस ने मौके पर मौजूद वकीलों से आग्रह किया वे किसी भी मुद्दे पर वर्क सस्पेंड न करे। वर्क सस्पेंड होने से हजारों लोग परेशान होते हैं।
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उन्होंने कहा कि जिला अदालत में पांच साल पुराने लगभग 55 हजार केस लंबित हैं। हमारी प्राथमिकता पुराने केसों को शीघ्र निबटाना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला अदालत में फैमिली कोर्ट बनाए जाने के लिए काम चल रहा है।
10 नए जजों की नियुक्ति की स्वीकृति के बाद 6 सिविल जजों की नियुक्ति का काम हो चुका है। उनकी प्राथमिकता रहेगी की जल्द से जल्द अदालतों में लंबित केसों का निपटारा हो सके।
ध्यान रहे कि जिला अदालत को बने एक साल पूरा हो गया है। जनवरी 2013 में चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने सेक्टर 43 में जिला अदालत का उद्घाटन किया था। वकीलों के 440 चेंबर बनने में एक साल का समय लग गया।
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इस मौके पर कंस्ट्रक्शन कमेटी के चेयरमैन और एडमिनिस्ट्रेटिव जज राजन गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज एसके अग्रवाल जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक चौहान और सेक्रेटरी बलजीत सिंह मौजूद थे।
चीफ जस्टिस कौल ने कहा कि वकीलों को अपने दायित्व को निष्ठा से निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए जिला अदालत परिसर में वकीलों को जो जगह दी गई है वहां बैठना चाहिए।
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सेक्टर 17 की तरह यहां भी अतिक्रमण स्वीकार नहीं होगा। नए वकीलों के बैठने के लिए एक ओर कांप्लेक्स भी तैयार किया जा सकता है।
लंबित केसों को जल्द से जल्द निपटारा करने के लिए चीफ जस्टिस ने मौके पर मौजूद वकीलों से आग्रह किया वे किसी भी मुद्दे पर वर्क सस्पेंड न करे। वर्क सस्पेंड होने से हजारों लोग परेशान होते हैं।
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उन्होंने कहा कि जिला अदालत में पांच साल पुराने लगभग 55 हजार केस लंबित हैं। हमारी प्राथमिकता पुराने केसों को शीघ्र निबटाना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला अदालत में फैमिली कोर्ट बनाए जाने के लिए काम चल रहा है।
10 नए जजों की नियुक्ति की स्वीकृति के बाद 6 सिविल जजों की नियुक्ति का काम हो चुका है। उनकी प्राथमिकता रहेगी की जल्द से जल्द अदालतों में लंबित केसों का निपटारा हो सके।
ध्यान रहे कि जिला अदालत को बने एक साल पूरा हो गया है। जनवरी 2013 में चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने सेक्टर 43 में जिला अदालत का उद्घाटन किया था। वकीलों के 440 चेंबर बनने में एक साल का समय लग गया।