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लोगों की मांग को देखते हुए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने 1700 फ्लैट बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए सेक्टर-51 और 54 में दो अलग-अलग नई सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम लांच करने को मंजूरी दी गई है।
सीएचबी के नए चेयरमैन बीएस भल्ला की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स की वीरवार को हुई 385 वीं बैठक में तय किया गया कि दोनों योजनाओं में ईडब्लूएस कैटेगरी के वन रूम फ्लैट, वन बीएचके (एलआईजी), टू बीएचके (एमआईजी) और थ्री बीएचके (एचआईजी) फ्लैट बनाए जाएंगे।
लगभग चार साल बाद सीएचबी कोई नई आवासीय योजना लांच करेगा। सेक्टर-51 में नई आवासीय योजना के तहत फ्लैट इस सेक्टर में बने सीएचबी के अन्य फ्लैटों की तर्ज पर ही बनाए जाएंगे। लेकिन, सेक्टर-54 में लांच होने वाली योजना नए डिजाइन के हिसाब से तैयार होगी।
सीएचबी के पास 31.8 एकड़ जमीन
इसके लिए सीएचबी राष्ट्रीय स्तर पर ओपन डिजाइन कंपीटिशन करवा कर कंसलटिंग आर्किटेक्ट का चयन करेगा। इस आवासीय योजना में ग्रीन आर्किटेक्चर के साथ साथ निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
कम से कम जमीन पर ज्यादा फ्लैट बनाए जाएंगे। यहां रेन वाटर हारवेस्टिंग और सौर ऊर्जा को भी महत्त्व दिया जाएगा। सीएचबी के पास सेक्टर-54 में 31.8 एकड़ जमीन है।
अधिकारी पिछले कई दिनों से इन दोनों सेक्टरों में जमीन की ड्राइंग फाइनल करने में व्यस्त थे। हालांकि अभी फ्लैट्स के रेट तय नहीं हैं। सीएचबी ने इससे पहले वर्ष 2010 में सेक्टर-51 में आवासीय योजना लांच की थी।
अभी लटकी हैं तीन आवासीय योजनाएं
सीएचबी की तीन आवासीय योजनाएं अभी लटकी हैं। जनवरी, 2010 में सेक्टर-51 ए में लांच की गई योजना और 2008 में सेक्टर-63 में लांच की गई आवासीय योजना का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है।
सेक्टर 51 ए में दो बैडरूम के 160 फ्लैट और सेक्टर-63 में कुल 1976 फ्लैट बन रहे हैं। हालाकि सेक्टर-51 की आवासीय योजना के सफल अलॉटियों को अगले माह चाबी दे दी जाएगी।
प्रशासन के कर्मचारियों के लिए वर्ष 2008 में लांच हुई आवासीय योजना पर भी काम शुरू नहीं हो सका है।