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पार्क में अराजक तत्वों का कुर्सी तोड़ राज
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चंडीगढ़। सेक्टर-41 के दुर्गा माता मंदिर के पास रहने वाले लोग नशा करने वालों से काफी परेशान हैं। मंदिर के पास बने पार्क में गंदगी पड़ी है, वहां लगी बेंचों को नशा करने वाले तोड़ देते हैं। शाम होते ही शरारती तत्वों का जमावड़ा हो जाता है। ऐसे में आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ जाती है। लोगों ने बताया कि पार्क में जिम भी है लेकिन उस पर भी लोग बैठ जाते हैं और गालियां निकालते हैं। अब केवल हट बचा हुआ है, उसके भी लोगों ने पोल तोड़ दिए हैं। इस संबंध में स्थानीय पार्षद और पुलिस को भी जानकारी है लेकिन इसका इलाज किसी के पास नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया शर्म और डर के कारण महिलाएं अब पार्क में जाने से बचती हैं।
सेक्टर-41 के लोगों ने बताया कि पुलिस के साथ न जाने कितनी बार बैठकें हो गई हैं। पुलिस समस्या को सुनने के बाद कुछ दिन तो पीसीआर लगाती है उसके बाद फिर वैसी ही व्यवस्था हो जाती है। लोगों का कहना है कि किसी नशेड़ी की शिकायत करना खुद के लिए मुसीबत मोल लेना है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आवाज उठाने वालों पर जानलेवा हमला हो चुके हैं। अब लोगों ने शिकायत करना भी बंद कर दिया है। कुछ महिलाओं ने बताया कि पहले कभी कभार मंदिर जाते हुए वह पार्क में टहल भी लेती थीं अब मंदिर भी जाना कम कर दिया है। लोगों ने बताया कि असामाजिक तत्व गाड़ियों का सामान तोड़ देते हैं। उसे बेचकर अपने नशे की आदत को पूरी करते हैं। जानकारी होने के बावजूद उनसे कुछ नहीं कह पाते हैं।
कोट-
पार्क में दो बार बेंच लगाए थे लेकिन दोनों बार उसे लोगों ने तोड़ दिया। यह संभव है नशा करने वालों का ही काम होगा। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग करे तो इस प्रकार की घटनाएं न हों, लेकिन इस ओर गंभीरता नहीं दिखती है।
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- हरदीप सिंह, क्षेत्रीय पार्षद
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सेक्टर-41 के लोगों ने बताया कि पुलिस के साथ न जाने कितनी बार बैठकें हो गई हैं। पुलिस समस्या को सुनने के बाद कुछ दिन तो पीसीआर लगाती है उसके बाद फिर वैसी ही व्यवस्था हो जाती है। लोगों का कहना है कि किसी नशेड़ी की शिकायत करना खुद के लिए मुसीबत मोल लेना है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आवाज उठाने वालों पर जानलेवा हमला हो चुके हैं। अब लोगों ने शिकायत करना भी बंद कर दिया है। कुछ महिलाओं ने बताया कि पहले कभी कभार मंदिर जाते हुए वह पार्क में टहल भी लेती थीं अब मंदिर भी जाना कम कर दिया है। लोगों ने बताया कि असामाजिक तत्व गाड़ियों का सामान तोड़ देते हैं। उसे बेचकर अपने नशे की आदत को पूरी करते हैं। जानकारी होने के बावजूद उनसे कुछ नहीं कह पाते हैं।
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कोट-
पार्क में दो बार बेंच लगाए थे लेकिन दोनों बार उसे लोगों ने तोड़ दिया। यह संभव है नशा करने वालों का ही काम होगा। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग करे तो इस प्रकार की घटनाएं न हों, लेकिन इस ओर गंभीरता नहीं दिखती है।
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- हरदीप सिंह, क्षेत्रीय पार्षद