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गजब का सॉफ्टवेयर, देखिए रिटायर्ड और मर चुके पुलिसकर्मियों के भी कर दिए तबादले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Sep 2018 04:01 PM IST
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पुलिसकर्मियों के तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने राजभवन में ऑटोमेटिक परसौनल प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर को लॉन्च किया था, जो गजब का निकला। लांचिंग के साथ ही सॉफ्टवेयर ने ऑटोमेटिक एक जगह पर दो वर्षों से सेवाएं दे रहे कांस्टेबल से एसआई रैंक तक के 2641 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया था। हैरत की बात यह है कि इन तबादलों में वो पुलिसकर्मी में शामिल हैं, जो पुलिस की नौकरी छोड़ चुके हैं या फिर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यही नहीं कुछ पुलिसकर्मियों की तो मौत तक हो चुकी है।
ऐसे में पुलिसकर्मियों की यह ऑटोमेटिक ट्रांसफर सूची पुलिस विभाग में ही हंसी-मजाक का सबब बन गई है। सॉफ्टवेयर ने एक और कमाल किया है। जिन पुलिसकर्मियों की रिटायरमेंट 28 सितंबर को है, उनको भी ट्रांसफर भी कर दिया है। ऑटोमेटिक परसौनल प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर की ट्रांसफर लिस्ट में हेड कांस्टेबल गुलाब सिंह का भी नाम शामिल है, जबकि उनका वर्ष 2013 में देहांत हो चुका है। अब यूटी पुलिस विभाग में उनका बेटा कांस्टेबल है। हेड कांस्टेबल राज बाला रिटायर हो चुकी हैं, लेकिन उनकी भी ट्रांसफर कर दी गई है।
यूटी पुलिस फोर्स में बतौर कांस्टेबल कार्यरत बुद्ध सिंह अब पंजाब पुलिस में बतौर एसआई कार्यरत हैं लेकिन चंडीगढ़ पुलिस विभाग में उनके तबादले का सिलसिला जारी है। हेड कांस्टेबल अंग्रेज सिंह और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं लेकिन यूटी पुलिस विभाग के प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर ने उनका डाटा भी पिक कर लिया। ऑटोमेटिक लिस्ट में कुछ ऐसे पुलिसकर्मियों के नाम भी हैं, जो आपराधिक वारदातों में संलिप्त होने के चलते सलाखों के पीछे हैं।
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आरोपों से बचने के लिए सॉफ्टवेयर लॉन्च, थानों की वर्किंग होगी प्रभावित
यूटी पुलिस विभाग की ट्रांसफर लिस्ट पर अकसर यह आरोप लगते रहे हैं कि पसंदीदा पुलिसकर्मियों को अधिकारी लंबे समय तक ट्रांसफर नहीं करते। समय-समय पर ऐसे आरोपों से बचने के लिए यूटी पुलिस विभाग ने ऑटोमेटिक प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर का सहारा लिया लेकिन इस सॉफ्टवेयर ने भी थोक में गलत डाटा पिक कर लिया। पुलिस फोर्स के जवानों में भी विभाग के इस ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर का सहारा लेने पर रोष व्याप्त है। पुलिसकर्मियों के मुताबिक प्रेक्टिकल रूप से यदि पुलिसकर्मियों की ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांसफर आदेश जारी होते रहे तो पुलिस विभाग की सुचारु व्यवस्था प्रभावित होगी।
सबसे अधिक नुकसान पुलिस थानों की वर्किंग को होगा क्योंकि थानों में हर पल मंझे हुए पुलिसकर्मियों की दरकार रहती है लेकिन ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांसफर होने पर उन पुलिसकर्मियों को भी थाने में सेवाएं देनी पड़ेंगी, जिनका आज तक थाने की ड्यूटी से वास्ता ही नहीं पड़ा और अब वे रिटायरमेंट के नजदीक है। इसका खामियाजा थानेदारों को भुगतना पड़ सकता है। बहरहाल, देखना होगा कि आगामी दिनों में यूटी पुलिस विभाग प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर क्या फैसला लेगा।
कुछ तकनीकी कमियां रह जाने से प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर ने गलत डाटा पिक कर लिया था। उक्त तकनीकी खामियों को ठीक कर दिया गया है।
- पवन कुमार, डीएसपी, क्राइम-ऑपरेशन एवं पीआरओ, यूटी पुलिस
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ऐसे में पुलिसकर्मियों की यह ऑटोमेटिक ट्रांसफर सूची पुलिस विभाग में ही हंसी-मजाक का सबब बन गई है। सॉफ्टवेयर ने एक और कमाल किया है। जिन पुलिसकर्मियों की रिटायरमेंट 28 सितंबर को है, उनको भी ट्रांसफर भी कर दिया है। ऑटोमेटिक परसौनल प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर की ट्रांसफर लिस्ट में हेड कांस्टेबल गुलाब सिंह का भी नाम शामिल है, जबकि उनका वर्ष 2013 में देहांत हो चुका है। अब यूटी पुलिस विभाग में उनका बेटा कांस्टेबल है। हेड कांस्टेबल राज बाला रिटायर हो चुकी हैं, लेकिन उनकी भी ट्रांसफर कर दी गई है।
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यूटी पुलिस फोर्स में बतौर कांस्टेबल कार्यरत बुद्ध सिंह अब पंजाब पुलिस में बतौर एसआई कार्यरत हैं लेकिन चंडीगढ़ पुलिस विभाग में उनके तबादले का सिलसिला जारी है। हेड कांस्टेबल अंग्रेज सिंह और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं लेकिन यूटी पुलिस विभाग के प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर ने उनका डाटा भी पिक कर लिया। ऑटोमेटिक लिस्ट में कुछ ऐसे पुलिसकर्मियों के नाम भी हैं, जो आपराधिक वारदातों में संलिप्त होने के चलते सलाखों के पीछे हैं।
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आरोपों से बचने के लिए सॉफ्टवेयर लॉन्च, थानों की वर्किंग होगी प्रभावित
यूटी पुलिस विभाग की ट्रांसफर लिस्ट पर अकसर यह आरोप लगते रहे हैं कि पसंदीदा पुलिसकर्मियों को अधिकारी लंबे समय तक ट्रांसफर नहीं करते। समय-समय पर ऐसे आरोपों से बचने के लिए यूटी पुलिस विभाग ने ऑटोमेटिक प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर का सहारा लिया लेकिन इस सॉफ्टवेयर ने भी थोक में गलत डाटा पिक कर लिया। पुलिस फोर्स के जवानों में भी विभाग के इस ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर का सहारा लेने पर रोष व्याप्त है। पुलिसकर्मियों के मुताबिक प्रेक्टिकल रूप से यदि पुलिसकर्मियों की ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांसफर आदेश जारी होते रहे तो पुलिस विभाग की सुचारु व्यवस्था प्रभावित होगी।
सबसे अधिक नुकसान पुलिस थानों की वर्किंग को होगा क्योंकि थानों में हर पल मंझे हुए पुलिसकर्मियों की दरकार रहती है लेकिन ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांसफर होने पर उन पुलिसकर्मियों को भी थाने में सेवाएं देनी पड़ेंगी, जिनका आज तक थाने की ड्यूटी से वास्ता ही नहीं पड़ा और अब वे रिटायरमेंट के नजदीक है। इसका खामियाजा थानेदारों को भुगतना पड़ सकता है। बहरहाल, देखना होगा कि आगामी दिनों में यूटी पुलिस विभाग प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर क्या फैसला लेगा।
कुछ तकनीकी कमियां रह जाने से प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर ने गलत डाटा पिक कर लिया था। उक्त तकनीकी खामियों को ठीक कर दिया गया है।
- पवन कुमार, डीएसपी, क्राइम-ऑपरेशन एवं पीआरओ, यूटी पुलिस