{"_id":"5be7e3b5bdec2269317c9b1e","slug":"chandigarh-people-need-to-be-alert-from-nine-snatchers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़वासियों, देखिए और इन 9 स्नैचरों से बचकर रहें, कभी भी कर सकते हैं छीनाझपटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़वासियों, देखिए और इन 9 स्नैचरों से बचकर रहें, कभी भी कर सकते हैं छीनाझपटी
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 11 Nov 2018 01:40 PM IST
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चेन स्नेचिंग
- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ पुलिस ने ऐसे 9 स्नैचरों की लिस्ट जारी की है, जिनसे शहरवासियों को बचकर रहने की जरूरत है, ये कभी भी छीना झपटी कर सकते हैं। पुलिस के तमाम प्रयास बेलगाम स्नैचरों पर बेकार साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों पर युवतियां और महिलाएं डर-डरकर निकल रही हैं। शहर में जनवरी से लेकर अब तक करीब 170 स्नैचिंग हो चुकी है। इस तरह देखा जाए तो औसतन हर दूसरे दिन एक स्नैचिंग हो रही है।
स्नैचिंग को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हुई है। दरअसल, इसकी सबसे बड़ी वजह स्नैचरों के खिलाफ सिर्फ छीना झपटी (आईपीसी की धारा 379, 356) की धारा लगाना है। इस धारा के लगने से स्नैचर एक महीने के भीतर जमानत पर बाहर आ जाते हैं। जेल से बाहर आते ही कई स्नैचर दोबारा अपने-अपने इलाके में सक्रिय हो जाते हैं।
वहीं, इसमें अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है, जबकि दिल्ली और पंजाब-हरियाणा में स्नैचरों के खिलाफ 379ए और बी का इस्तेमाल करती है ताकि किसी भी छीना-झपटी या इससे जुड़े मामले में इन धाराओं का इस्तेमाल कर आरोपी को सजा दिलाई जा सके। इसमें पांच से दस साल की सजा का प्रावधान है। अमर उजाला ने स्नैचरों के केसों की पड़ताल की तो पता चला कि चंडीगढ़ में 9 स्नैचरों ने पुलिस की नाक पर दम कर रखा हुआ है।
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स्नैचिंग को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हुई है। दरअसल, इसकी सबसे बड़ी वजह स्नैचरों के खिलाफ सिर्फ छीना झपटी (आईपीसी की धारा 379, 356) की धारा लगाना है। इस धारा के लगने से स्नैचर एक महीने के भीतर जमानत पर बाहर आ जाते हैं। जेल से बाहर आते ही कई स्नैचर दोबारा अपने-अपने इलाके में सक्रिय हो जाते हैं।
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वहीं, इसमें अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है, जबकि दिल्ली और पंजाब-हरियाणा में स्नैचरों के खिलाफ 379ए और बी का इस्तेमाल करती है ताकि किसी भी छीना-झपटी या इससे जुड़े मामले में इन धाराओं का इस्तेमाल कर आरोपी को सजा दिलाई जा सके। इसमें पांच से दस साल की सजा का प्रावधान है। अमर उजाला ने स्नैचरों के केसों की पड़ताल की तो पता चला कि चंडीगढ़ में 9 स्नैचरों ने पुलिस की नाक पर दम कर रखा हुआ है।
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mobile snatching
- फोटो : सोशल मीडिया
स्नैचर 1
नाम - विक्की
उम्र 30
पता मनीमाजरा
कुल केस 91
एक्टिव : सेंट्रल, ईस्ट और साउथ डिवीजन
स्नैचर 2
नाम शान ए आलम
उम्र 30
पता बुड़ैल
केस 28
एक्टिव : सेंट्रल, ईस्ट और साउथ डिवीजन
स्नैचर 3
नाम दिलशाद उर्फ रोहित
उम्र 21
पता इंदिरा कॉलोनी (पंचकूला)
केस 23
एक्टिव : सेंट्रल और साउथ डिवीजन
स्नैचर 4(बवारिया गिरोह)
नाम अशोक कुमार उर्फ बिल्लू
उम्र 32
पता यूपी शामली
केस 11
एक्टिव - साउथ और सेंट्रल डिवीजन
नाम - विक्की
उम्र 30
पता मनीमाजरा
कुल केस 91
एक्टिव : सेंट्रल, ईस्ट और साउथ डिवीजन
स्नैचर 2
नाम शान ए आलम
उम्र 30
पता बुड़ैल
केस 28
एक्टिव : सेंट्रल, ईस्ट और साउथ डिवीजन
स्नैचर 3
नाम दिलशाद उर्फ रोहित
उम्र 21
पता इंदिरा कॉलोनी (पंचकूला)
केस 23
एक्टिव : सेंट्रल और साउथ डिवीजन
स्नैचर 4(बवारिया गिरोह)
नाम अशोक कुमार उर्फ बिल्लू
उम्र 32
पता यूपी शामली
केस 11
एक्टिव - साउथ और सेंट्रल डिवीजन
snatching
स्नैचर 5
नाम नमन सहगल
उम्र 24
पता मोहल्ला कोट किशन चंद, जालंधर
केस 9
एरिया : साउथ और ईस्ट डिवीजन
स्नैचर 6
नाम शुभम सहगल
उम्र 26
पता मोहल्ला कोट किशन चंद, जालंधर
केस 7
एक्टिव : साउथ और ईस्ट डिवीजन
स्नैचर 7
नाम देव कोहली उर्फ हनी
उम्र 24
पता शामली (यूपी)
केस 7
एक्टिव : साउथ और ईस्ट डिवीजन
स्नैचर 8
नाम राजेश कुमार (बवारिया गिरोह)
उम्र 23
पता शामली (यूपी)
केस 6
एक्टिव : सेंट्रल और साउथ डिवीजन
स्नैचर 9
नाम काली राम
उम्र 30
पता सेक्टर-37डी (चंडीगढ़)
केस 6
एक्टिव : सेंट्रल, ईस्ट और साउथ डिवीजन
नाम नमन सहगल
उम्र 24
पता मोहल्ला कोट किशन चंद, जालंधर
केस 9
एरिया : साउथ और ईस्ट डिवीजन
स्नैचर 6
नाम शुभम सहगल
उम्र 26
पता मोहल्ला कोट किशन चंद, जालंधर
केस 7
एक्टिव : साउथ और ईस्ट डिवीजन
स्नैचर 7
नाम देव कोहली उर्फ हनी
उम्र 24
पता शामली (यूपी)
केस 7
एक्टिव : साउथ और ईस्ट डिवीजन
स्नैचर 8
नाम राजेश कुमार (बवारिया गिरोह)
उम्र 23
पता शामली (यूपी)
केस 6
एक्टिव : सेंट्रल और साउथ डिवीजन
स्नैचर 9
नाम काली राम
उम्र 30
पता सेक्टर-37डी (चंडीगढ़)
केस 6
एक्टिव : सेंट्रल, ईस्ट और साउथ डिवीजन
शाम के वक्त मानते हैं मुफीद
महिला के साथ पर्स स्नैचिंग
- फोटो : डेमो फोटो
शातिर स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने से पहले पीड़ित का पीछा करते हैं और फिर रास्ता पूछने के बहाने या फिर अचानक पीछे से आकर वारदात को अंजाम देते हैं। बाइक सवार स्नैचर अक्सर शाम का वक्त चुनते हैं। इस समय वह मार्केट और भीड़भाड़ वाले एरिया में घूमते रहते हैं। ज्यादातर स्नैचिंग की वारदात शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच हुई है।
ज्यादातर नशे के लिए करते हैं स्नैचिंग
शहर की पुलिस ने अब तक जितने स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। उनमें ज्यादातर 20 से 35 साल के बीच हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में ज्यादातर केसों में सामने आया कि जितने भी स्नैचर होते हैं, वह नशे की लत को पूरा करने के लिए स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देते हैं।
दूसरे राज्यों में स्थानीय एक्ट लगने के कारण कड़ा प्रावधान है। इस वजह से स्नैचर्स पर पुलिस पूरी तरह शिकंजा कस लेती है, लेकिन चंड़ीगढ़ में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस को चाहिए कि स्नैचिंग की वारदात सामने आने पर उसमें लूट या फिर दूसरे राज्यों की तरह लोकल एक्ट की धारा लगाए। इस धारा के तहत आरोपियों को जल्दी जमानत नहीं मिलती है। इससे वे दोबारा वारदात को अंजाम देने से डरेंगे।
- जगबीर सिंह, डीएसपी (रिटायर्ड) चंडीगढ़।
स्नैचिंग के बढ़ते मामलों को लेकर एमएचए में प्रपोजल भेजा गया है ताकि चंडीगढ़ में भी दूसरे राज्यों की तरह स्नैचरों पर धारा 379 ए, बी का प्रावधान हो। इसकी रिपोर्ट आते ही चंडीगढ़ में लागू कर दिया जाएगा।
- निलांबरी विजय जगदाले, एसएसपी, चंडीगढ़
ज्यादातर नशे के लिए करते हैं स्नैचिंग
शहर की पुलिस ने अब तक जितने स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। उनमें ज्यादातर 20 से 35 साल के बीच हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में ज्यादातर केसों में सामने आया कि जितने भी स्नैचर होते हैं, वह नशे की लत को पूरा करने के लिए स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देते हैं।
दूसरे राज्यों में स्थानीय एक्ट लगने के कारण कड़ा प्रावधान है। इस वजह से स्नैचर्स पर पुलिस पूरी तरह शिकंजा कस लेती है, लेकिन चंड़ीगढ़ में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस को चाहिए कि स्नैचिंग की वारदात सामने आने पर उसमें लूट या फिर दूसरे राज्यों की तरह लोकल एक्ट की धारा लगाए। इस धारा के तहत आरोपियों को जल्दी जमानत नहीं मिलती है। इससे वे दोबारा वारदात को अंजाम देने से डरेंगे।
- जगबीर सिंह, डीएसपी (रिटायर्ड) चंडीगढ़।
स्नैचिंग के बढ़ते मामलों को लेकर एमएचए में प्रपोजल भेजा गया है ताकि चंडीगढ़ में भी दूसरे राज्यों की तरह स्नैचरों पर धारा 379 ए, बी का प्रावधान हो। इसकी रिपोर्ट आते ही चंडीगढ़ में लागू कर दिया जाएगा।
- निलांबरी विजय जगदाले, एसएसपी, चंडीगढ़