चंडीगढ़ में एएसआई थे कुलदीप सिंह चहल, अब बने शहर के एसएसपी
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साल 2009 बैच के आईपीएस व मोहाली के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल शहर के नए सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) होंगे। केंद्रीय कैबिनेट अप्वाइंटमेंट कमेटी की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद सोमवार को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने उनकी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। चंडीगढ़ में उनका कार्यकाल तीन साल रहेगा।
चंडीगढ़ में एसएसपी का पद पंजाब कैडर के अधिकारी के लिए सुरक्षित है। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने पंचकूला में पढ़ाई कर यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा पास की थी। उस समय वे मनीमाजरा थाने में एएसआई के पद पर तैनात थे। शहर की पहली महिला एसएसपी नीलांबरी जगदले का कार्यकाल 22 अगस्त को समाप्त हो गया था, इसके बाद से शहर में एसएसपी का पद खाली था।
चंडीगढ़ के आग्रह पर एसएसपी पद के लिए पंजाब की तरफ से तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजे गए थे। इनमें कुलदीप सिंह चहल के अलावा अमृतसर काउंटर इंटेलिजेंस में एआईजी तैनात पाटिल केतन बलिराम और लुधियाना ग्रामीण एसएसपी विवेकशील सोनी का नाम शामिल था। चहल साल 2009 बैच, केतन पाटिल 2010 और विवेकशील सोनी 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। बावजूद इसके चंडीगढ़ प्रशासन ने इन तीनों अधिकारियों में से विवेकशील सोनी का नाम तय कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्तावित किया था। लेकिन अंतिम मुहर चहल के नाम पर लगी।
पंचकूला में रहकर की थी आईपीएस की तैयारी
कुलदीप चहल का जन्म साल 1981 में हरियाणा के जींद जिले के उझाना गांव में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा भी वहीं हुई। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री ली। इसके बाद वे पंचकूला अपने भाई के पास आ गए। पंजाब यूनिवर्सिटी से एमए किया। उसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की।
साल 2005 में वे चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर चयनित हुए। उन्होंने इसी नौकरी के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, क्योंकि वे नौकरी छोड़ने का रिस्क नहीं लेना चाहते थे। वे हमेशा अपने पास एक पिट्ठू बैग रखते थे, जिसमें किताबें रहती थीं। थाने में या कहीं भी जब भी उन्हें समय मिलता, वे किताबें निकालकर पढ़ने लगते थे। कड़ी मेहनत, प्रबल इच्छाशक्ति और सही दिशा में किए गए प्रयासों से तीसरे साल यूपीएससी में उन्होंने 82वीं रैंक हासिल की। उस समय वे मनीमाजरा थाने में एसआई के पद पर तैनात थे।
मिली हुई है बुलेटप्रूफ गाड़ी
पंजाब के एक चर्चित गैंगस्टर को मार गिराने के बाद आईपीएस कुलदीप चहल को लगातार धमकी मिल रही थी। उसके बाद पंजाब सरकार ने उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी मुहैया करवाई। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए विशेष दस्ता भी दिया है। गुरप्रीत सिंह भुल्लर के बाद वे ही लंबे समय तक मोहाली में तैनात रहे हैं।
मेरी पहली प्राथमिकता वरिष्ठ नागरिक व महिलाओं की सुरक्षा रहेगी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाकी योजनाओं के बारे में जानकारी दूंगा। -कुलदीप सिंह चहल