फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh mayor asha jaiswal at amarujala chandigarh office, samwad program

चौथी क्लास में लड़के को गले से पकड़कर मारा तमाचा: आशा जसवाल

Thu, 09 Mar 2017 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 09 Mar 2017 09:34 AM IST
विज्ञापन
chandigarh mayor asha jaiswal at amarujala chandigarh office, samwad program
संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
मेयर आशा जसवाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ‘अमर उजाला’ कार्यालय में पहुंचीं और महिला स्टाफ के साथ केक काटकर सेलिब्रेट किया। इस मौके पर उन्होंने ‘अमर उजाला’ की ओर से आयोजित ‘संवाद’ में हिस्सा लिया।  मेयर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि वह महिला हैं और आने वाले जन्मों में भी वह लड़की ही बनना चाहती हैं। 
विज्ञापन


इस मौके पर आशा जसवाल ने कहा कि हमारे यहां तो शुरू से ही महिलाओं को शक्ति के तौर पर पूजा जाता रहा है। मुगल काल में जरूर कुछ कुरीतियां आ गई थीं। संयुक्त परिवार की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी अब भी जरूरत है। संयुक्त परिवार में दादी- नानी एक डाक्टर के साथ साथ कंसलटेंट की भी भूमिका निभाती हैं। महिलाएं कोमल नहीं बल्कि सबसे मजबूत होती हैं। वह बहुत कुछ सहती हैं। महिला को पुरुष की अर्द्धांगिनी कहा जाता है जबकि महिला पूर्ण है और पुरुष अधूरा है। उन्होंने कहा कि अभी भी मानसिकता बदलने की जरूरत है महिला ही समाज को सुधार सकती है। 
विज्ञापन


चौथी कक्षा में लड़के को गले से पकड़कर मारा तमाचा
आशा जसवाल ने अपने बचपन की एक घटना भी शेयर की। उन्होंने बताया कि चौथी कक्षा में वह क्लास मानीटर थीं। क्लास टीचर ने  जिम्मेवारी दी थी कि उनकी अनुपस्थिति में वह बच्चों को शोर शराबा नहीं करने देंगी। इसी दौरान एक लड़के लड़कियों के बैग से कापियां निकालकर कमेंट लिख लिख दिया कि लड़कियां कमजोर होती हैं। पहले उन्होंने लड़के को चेतावनी दी जब वह नहीं माना तो उसे गले से पकड़ कर थप्पड़ मार दिया। वह रोने लगा तो लड़कियों से तालियां भी बजवा दीं । इसके बाद शर्म से वह लड़का दो दिन तक स्कूल नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

'पोता- पोती के साथ नहीं खेल पाती'

chandigarh mayor asha jaiswal at amarujala chandigarh office, samwad program
संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
पोता- पोती के साथ नहीं खेल पाती
आशा जसवाल ने बताया कि मेयर बनने के बाद वह अपने पोता- पोती के साथ नहीं खेल पा रहीं। उन्होंने कहा कि समय न मिलने के कारण 89 साल की उनकी मां सेे मिलने  रात में ही जा पाती हैं। मां से बात करके उनकी सारी थकान दूर हो जाती है। इस मौके पर उनसे पूछा गया कि सबसे परेशानी वाला दिन उनके लिए कौन सा था उन्होंने कहा कि जब उनके ससुर और पिता का निधन हुआ था।

तीन साल तक नहीं मिली
उन्होंने कहा कि उनके ससुर ने कभी उनको बहू नहीं समझा।  रिश्ता होने के तीन साल बाद उनकी शादी हुई लेकिन वह शहर  में पढ़ने के बावजूद अपने पति से इस दौरान नहीं मिलीं।

मेयर का कार्यकाल दो साल का होना चाहिए
एक सवाल के जवाब में जसवाल ने कहा कि मेयर ने का एक साल का कार्यकाल काफी कम है। ऐसे में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत पड़ती है। कार्यकाल कम होने के कारण वह सुबह 5 बजे ही काम करना शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि मेयर का कार्यकाल कम से कम दो साल का होना चाहिए। 

मेयर ने यह बताई प्राथमिकताएं

chandigarh mayor asha jaiswal at amarujala chandigarh office, samwad program
संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
मेयर ने यह बताई प्राथमिकताएं
. शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सप्लाई मिले। इसके लिए नगर निगम ने प्रयास शुरू कर दिए हैं ।
. शिकायत दर्ज न होने से पहले नगर निगम खुद ही उसे दूर कर दे ऐसा सिस्टम लागू होना चाहिए।
  इस समय शहर का डंपिंग ग्राउंड लोगों के लिए सिरदर्दी बना हुआ है। वह चाहती हैं कि उनके कार्यकाल में ही डंपिंग ग्राउंड की दिक्कत दूर हो जाए। डंपिंग ग्राउंड को डड्डूमाजरा से शिफ्ट करवाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है।
. ट्रैफिक की दिक्कत को दूर करने के लिए समाधान यह है कि सड़क पर कम से कम वाहन चलें। लोगों को कार पुल करने की आदत पैदा करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
. स्वास्थ्य के लिए शहर के सभी कम्यूनिटी सेंटरों में जिम चलने चाहिए और इसके प्रयास किए जा रहे हैं। ओपन एयर जिम भी सभी पार्कों में खुलने चाहिए।

पहले सुविधाएं, फिर टैक्स 

chandigarh mayor asha jaiswal at amarujala chandigarh office, samwad program
संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
पहले सुविधाएं, फिर टैक्स 
मेयर ने कहा कि विकास के लिए पैसे की जरूरत है।  अगर शहर में टैक्स लगेंगे तो इससे पहले शहरवासियों को सुविधाएं भी मिलेंगी। उनका दावा है कि शहरवासी नोमिनल टैक्स लगाने के खिलाफ नहीं है। कम बजट मिलने के सवाल पर मेयर ने कहा कि पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। केंद्र में भाजपा की सरकार है और यूटी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है। वह खुद केंद्र में जाकर कम पड़ रहे बजट को शहर के लिए लाएंगी। पूरे शहर की पार्किंग को स्मार्ट बनाया जा रहा है इसके लिए स्मार्ट बनाने के बाद बढ़े हुए पार्किंग रेट चार्ज किए जाएंगे। मल्टीलेवल पार्किंग से भी उस समय मुनाफा होना शुरू हो जाएगा क्योंकि मल्टीलेवल पार्किंग के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं।

वास्तुकार विभाग से नहीं मिलती है मंजूरी
जसवाल ने बताया कि वास्तुकार विभाग कई बार विकास के कामों में अड़चन डाल देता है। कम्यूनिटी सेंटरो को मैरिज पैलेस में बदलने की जरूरत है। लेकिन वास्तुकार विभाग इनकी मंजूरी में देरी कर देता है। कई बार कई विकास के कामों के लिए मंजूरी नहीं मिलती है। लेकिन प्रशासन और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल बन सके इसके प्रयास किए जा रहे हैं।  संवाद के दौरान शहर की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अभियान की मेयर ने प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान का फायदा मिल रहा है कि अधिकारी लाइटों को ठीक करवा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि अमर उजाला को जनता से जुड़ी समस्याओं को लेकर आगे भी अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नगर निगम के बीच लाइटों का झगड़ा खत्म हो जाएगा क्योंकि पूरे शहर में एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। मालूम हो कि इस समय 60 हजार में से 15 हजार स्ट्रीट लाइट्स प्रशासन के पास हैं जिस कारण लोगों को शिकायत दर्ज करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिवाली तक सभी एलईडी लाइटें चलनी शुुरू हो जाएंगी।

 भाग्यशाली है जो मामला दर्ज हुआ
मेयर ने कहा कि स्नेहालय में घुसने का मामला दर्ज होने के मामलें में वह अपने आप को भाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा कि स्नेहालय में जो खामियां थीं अब वह दूर होनी शुरू हो गई हैं। मामला दर्ज होने के बाद ही सेशन जज ने स्नेहालय में जाकर चेकिंग की। उन्होंने बताया कि उसके बाद ही अब बच्चों को वहां पर पूजा करवानी शुरू की गई है। इससे उनको अच्छे संस्कार मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग से उन्होंने स्नेहालय में कुछ रिकार्ड मांगा था जिस कारण उनको दिक्कत हो गई थी। उन्होंने कहा कि अफसरशाही भाजपा के नहीं बल्कि कांग्रेस के कार्यकाल में हावी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed