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फ्लैट देने के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड आज निकलेगा ड्रा
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चंडीगढ़। कॉलोनी नंबर-4 में कई ऐसे लोग हैं, जिनके सभी दस्तावेज पूरे हैं और उन्होंने सिक्योरिटी मनी भी जमा करा दी है लेकिन चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की तरफ से ड्रा नहीं निकाले जाने की वजह से वह इंतजार में बैठे हैं। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो सीएचबी ने अब मंगलवार को सुबह 11 बजे कंप्यूटराइज्ड ड्रा निकालने का फैसला किया है।
सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यशपाल गर्ग ने सोमवार को ऐसे सभी मामलों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि सीएचबी के पास अभी ऐसे 4 मामले हैं लेकिन तीन अन्य मामलों में भी दस्तावेजों को पूरा कराया जा रहा है, ताकि सात मामलों में कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ निकाला जाए। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सुबह 11 बजे कंप्यूटराइज्ड ड्रा निकाला जाएगा। इसमें सुपरविजन के लिए प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया जाएगा। दरअसल, यूटी प्रशासन ने कॉलोनी नंबर-4 को तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। दो महीने का नोटिस पूरा हो चुका है। प्रशासन ने बीते शनिवार तक का आखिरी समय दिया था और कॉलोनी को खाली करने के निर्देश दिए थे ताकि तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सके। हालांकि अभी भी कॉलोनी में कई ऐसे लोग हैं, जो एस्टेट ऑफिस व अन्य विभागों की गलतियों की वजह से मकान के इंतजार में बैठे हैं। करीब 200 से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिनके पास वर्ष 2006 के बायोमीट्रिक सर्वे के दस्तावेज हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कॉलोनी तोड़ने से पहले उन्हें अन्य किसी जगह विस्थापित किया जाएगा या नहीं। कॉलोनी में मकान टूटने के डर से लोगों को रात में नींद नहीं आ रही है। लोग प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि पहले प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि जिन लोगों के पास बायोमीट्रिक सर्वे व अंगूठे के निशान की कॉपी मौजूद है, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्हें पुनर्वास योजना के तहत मलोया में फ्लैट नहीं मिला है तो उन्हें किफायती किराया आवासीय योजना के तहत 3000 रुपये प्रति महीने किराये पर मलोया में फ्लैट दिया जाएगा लेकिन अब सभी को कॉलोनी से जाने के लिए कह दिया गया है।
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सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यशपाल गर्ग ने सोमवार को ऐसे सभी मामलों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि सीएचबी के पास अभी ऐसे 4 मामले हैं लेकिन तीन अन्य मामलों में भी दस्तावेजों को पूरा कराया जा रहा है, ताकि सात मामलों में कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ निकाला जाए। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सुबह 11 बजे कंप्यूटराइज्ड ड्रा निकाला जाएगा। इसमें सुपरविजन के लिए प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया जाएगा। दरअसल, यूटी प्रशासन ने कॉलोनी नंबर-4 को तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। दो महीने का नोटिस पूरा हो चुका है। प्रशासन ने बीते शनिवार तक का आखिरी समय दिया था और कॉलोनी को खाली करने के निर्देश दिए थे ताकि तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सके। हालांकि अभी भी कॉलोनी में कई ऐसे लोग हैं, जो एस्टेट ऑफिस व अन्य विभागों की गलतियों की वजह से मकान के इंतजार में बैठे हैं। करीब 200 से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिनके पास वर्ष 2006 के बायोमीट्रिक सर्वे के दस्तावेज हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कॉलोनी तोड़ने से पहले उन्हें अन्य किसी जगह विस्थापित किया जाएगा या नहीं। कॉलोनी में मकान टूटने के डर से लोगों को रात में नींद नहीं आ रही है। लोग प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि पहले प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि जिन लोगों के पास बायोमीट्रिक सर्वे व अंगूठे के निशान की कॉपी मौजूद है, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्हें पुनर्वास योजना के तहत मलोया में फ्लैट नहीं मिला है तो उन्हें किफायती किराया आवासीय योजना के तहत 3000 रुपये प्रति महीने किराये पर मलोया में फ्लैट दिया जाएगा लेकिन अब सभी को कॉलोनी से जाने के लिए कह दिया गया है।
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