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बड़ी कवायदः चंडीगढ़ में लोगों को 'अमृत' के बाद मिलेगी 'संजीवनी'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 14 Sep 2016 10:00 PM IST
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पीजीआई और जीएमसीएच के मरीजों के लिए ई-संजीवनी
- फोटो : डेमो फोटो
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लोगों को चंडीगढ़ में 'अमृत' के बाद अब 'संजीवनी' मिलेगी। प्रशासन की ओर से लोगों के लिए विशेष सुविधा शुरू की जा रही है। पीजीआई और जीएमसीएच-32 पर मरीजों के बढ़ते भार को कम करने की यह कवायद हो रही है।
इसके तहत स्वास्थ्य विभाग ई-संजीवनी प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है। ई-संजीवनी सेवा से शहर के चारों बड़े अस्पताल जुड़ेंगे। जिनमें जीएमएसएच-16, गवर्नमेंट हॉस्पिटल सेक्टर-22, पॉलीक्लीनिक सेक्टर-45 और सिविल हॉस्पिटल मनीमाजरा शामिल हैं।
ई-संजीवनी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या को कम करना है। खासकर इन चार अस्पतालों में यह कोशिश होगी कि कम से कम मरीजों को रेफर किया जाए।
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ई-संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन ऐसा सिस्टम डेवलप किया जाएगा जिसमें इन चारों अस्पताल के डॉक्टर किसी भी मरीज के संबंध में तुरंत पीजीआई में बैठे डॉक्टर से राय ले सकेंगे। ऑनलाइन टेस्ट रिपोर्ट दिखाई जा सकेंगी। गंभीर स्थिति में क्या किया जाए यह सब चीजें पीजीआई केडॉक्टर समय-समय पर बताते रहेंगे।
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इसके तहत स्वास्थ्य विभाग ई-संजीवनी प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है। ई-संजीवनी सेवा से शहर के चारों बड़े अस्पताल जुड़ेंगे। जिनमें जीएमएसएच-16, गवर्नमेंट हॉस्पिटल सेक्टर-22, पॉलीक्लीनिक सेक्टर-45 और सिविल हॉस्पिटल मनीमाजरा शामिल हैं।
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ई-संजीवनी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या को कम करना है। खासकर इन चार अस्पतालों में यह कोशिश होगी कि कम से कम मरीजों को रेफर किया जाए।
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ई-संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन ऐसा सिस्टम डेवलप किया जाएगा जिसमें इन चारों अस्पताल के डॉक्टर किसी भी मरीज के संबंध में तुरंत पीजीआई में बैठे डॉक्टर से राय ले सकेंगे। ऑनलाइन टेस्ट रिपोर्ट दिखाई जा सकेंगी। गंभीर स्थिति में क्या किया जाए यह सब चीजें पीजीआई केडॉक्टर समय-समय पर बताते रहेंगे।
ऑनलाइन कर सकेंगे पीजीआई के डॉक्टर्स के कंसल्ट
इस प्लान के तहत 2 एमबीपीएस की स्पीड शुरुआत में 1 जीबी के लिए ही मिलेगी। इसके बाद 1 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी। 249 रुपये में 300 जीबी डाटा प्लान का फायदा 6 महीने तक मिलेगा। इसमें टेलीफोन का मासिक किराया अतिरिक्त से नहीं लिया जाएगा और सोमवार से शनिवार रात्रि 9 बजे से प्रात: 7 बजे तक और रविवार को पूरा दिन किसी भी नेटवर्क पर देश में कहीं भी सभी कॉल मुफ्त में होंगी।
इस प्रक्रिया के जरिए यह कोशिश होगी कि मरीज को इन्हीं अस्पतालों में रोका जा सके। जिससे पीजीआई पर भार कम हो सके। गांव किशनगढ़ में भी अब डॉक्टर बैठेगा। जहां लोगों को वहीं इलाज मिल सकेगा।
यह डॉक्टर भी पीजीआई से कंसल्ट कर मरीजों का इलाज करेगा। होम कम हेल्थ सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने बताया कि ई-संजीवनी शुरू करने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अस्पतालों को इसके लिए अपडेट किया जा रहा है। इससे मरीजों को रेफर किए जाने की संख्या में कमी लाई जाएगी।
डाइग्नोस्टिक्स की सुविधा 4 की बजाए अब 15 जगह मिलेगी
डाइग्नोस्टिक्स की सुविधा फिलहाल शहर में चार ही जगह उपलब्ध है। प्रशासन डाइग्नोस्टिक्स सेंटरों को बढ़ाकर 4 की बजाए 15 करने जा रहा है। 15 जगह टेस्ट इत्यादि से बीमारी का पता लगाया जा सकेगा। मरीजों को टेस्ट के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना होगा।
यह डॉक्टर भी पीजीआई से कंसल्ट कर मरीजों का इलाज करेगा। होम कम हेल्थ सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने बताया कि ई-संजीवनी शुरू करने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अस्पतालों को इसके लिए अपडेट किया जा रहा है। इससे मरीजों को रेफर किए जाने की संख्या में कमी लाई जाएगी।
डाइग्नोस्टिक्स की सुविधा 4 की बजाए अब 15 जगह मिलेगी
डाइग्नोस्टिक्स की सुविधा फिलहाल शहर में चार ही जगह उपलब्ध है। प्रशासन डाइग्नोस्टिक्स सेंटरों को बढ़ाकर 4 की बजाए 15 करने जा रहा है। 15 जगह टेस्ट इत्यादि से बीमारी का पता लगाया जा सकेगा। मरीजों को टेस्ट के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना होगा।