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बड़ी राहत : पीजीआई ने खोले बंद ओटी के दरवाजे, प्लांड सर्जरी शुरू
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चंडीगढ़। पीजीआई ने नॉन कोविड मरीजों को बड़ी राहत देते हुए सर्जरी शुरू कर दी है। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान संक्रमण के खतरे को देखते हुए इलेक्टिव यानी प्लांड सर्जरी बंद कर दी गई थी। सिर्फ इमरजेंसी और ट्रॉमा के केस में ही ऑपरेशन किए जा रहे थे। इससे नॉन कोविड मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। लोगों की परेशानी को देखते हुए पीजीआई प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इसके बाद मरीजों को सर्जरी की डेट देने के साथ ही प्रतिदिन 20 से 30 ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि पीजीआई में सामान्य दिनों में लगभग 35 से 40 ओटी संचालित होती हैं। कोविड के दौरान उसमें से 10 ओटी बंद कर दी गईं थीं, लेकिन मौजूदा समय में 38 ओटी संचालित की जा रही हैं। वहीं, जीएमसीएच-32 में भी इलेक्टिव सर्जरी के लिए इक्का-दुक्का मरीजों को डेट दी जाने लगी है, जबकि जीएमएसएच 16 में सर्जरी की व्यवस्था सामान्य हो गई है।
इनसेट-
इन मरीजों को मिली राहत
रूटीन सर्जरी शुरू होने से अपेंडिक्स, गर्भाशय, हृदय संबंधी जैसे- स्टेंट, पेसमेकर लगाना, अंग प्रत्यारोपण, आंख, नाक, कान, गला, पथरी, हड्डी संबंधी मर्ज, गिल्टी, गांठ, सिस्ट, ट्यूमर, हार्निया और प्लास्टिक सर्जरी के मरीजों को राहत मिली है, क्योंकि संक्रमण के डर से इनकी सर्जरी बंद कर दी गई थी।
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इनसेट-
सामान्य दिनों में इन अस्पतालों में होती है इतनी सर्जरी (एक माह)
अस्पताल इमरजेंसी और ट्रॉमा सर्जरी रूटीन सर्जरी
पीजीआई 1050 और 1500 2500
जीएमसीएच-32 300 1200
जीएमएसएच-16 150 600
निजी अस्पताल 1500 2500
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गौरतलब है कि पीजीआई में सामान्य दिनों में लगभग 35 से 40 ओटी संचालित होती हैं। कोविड के दौरान उसमें से 10 ओटी बंद कर दी गईं थीं, लेकिन मौजूदा समय में 38 ओटी संचालित की जा रही हैं। वहीं, जीएमसीएच-32 में भी इलेक्टिव सर्जरी के लिए इक्का-दुक्का मरीजों को डेट दी जाने लगी है, जबकि जीएमएसएच 16 में सर्जरी की व्यवस्था सामान्य हो गई है।
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इनसेट-
इन मरीजों को मिली राहत
रूटीन सर्जरी शुरू होने से अपेंडिक्स, गर्भाशय, हृदय संबंधी जैसे- स्टेंट, पेसमेकर लगाना, अंग प्रत्यारोपण, आंख, नाक, कान, गला, पथरी, हड्डी संबंधी मर्ज, गिल्टी, गांठ, सिस्ट, ट्यूमर, हार्निया और प्लास्टिक सर्जरी के मरीजों को राहत मिली है, क्योंकि संक्रमण के डर से इनकी सर्जरी बंद कर दी गई थी।
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सामान्य दिनों में इन अस्पतालों में होती है इतनी सर्जरी (एक माह)
अस्पताल इमरजेंसी और ट्रॉमा सर्जरी रूटीन सर्जरी
पीजीआई 1050 और 1500 2500
जीएमसीएच-32 300 1200
जीएमएसएच-16 150 600
निजी अस्पताल 1500 2500