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एशिया कप जिताकर बेटी ने फक्र से ऊंचा किया पिता का सिर, कुछ यूं हुआ सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Nov 2017 02:33 PM IST
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हॉकी प्लेयर मोनिका
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बेटी ने 13 साल बाद देश को हॉकी में एशिया कप जिताया तो पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। देखिए हेड कांस्टेबल का कितना सम्मान मिला। एशिया कप जीतने में अहम भूमिका निभाने वाली हॉकी प्लेयर मोनिका चंडीगढ़ की रहने वाली है और उसके पिता चंडीगढ़ पुलिस में हैड कांस्टेबल तकदीर सिंह की बेटी है। जापान में खेले गए एशिया कप में फाइनल में भारत का सामना चीन से हुआ। इसमें पेनाल्टी शूट में जरिए भारत ने चीन को 5-4 से शिकस्त देकर विजेता बना।
पेनाल्टी शूट आउट में मोनिका ने भी अहम रोल निभाया और अपने प्रयास में गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। भारत को एशिया कप जीतने के बाद चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-44 में मोनिका के घर खुशी का माहौल बना हुआ है। परिवार के रिश्तेदारों और जानने वालों के फोन पर बधाईयां देने का तांता लगा हुआ है। बेटी की इस शानदार परफारमेंस पर चंडीगढ़ पुलिस केडीजीपी डॉ.तजिंदर सिंह लूथरा ने पिता हैड कांस्टेबल तकदीर सिंह को बधाई दी।
ड्यूटी पर था मुकाबला नहीं देख सका
तकदीर सिंह यूटी पुलिस में सेक्टर-26 पुलिस लाइंस में तैनात है। इन्होंने बताया कि कल जब मेरी बेटी देश को जीतने में लगी हुई थी, उस समय ड्यूटी कर रहा था। इसलिए यह मैच नहीं देख पाया। मुझे इस बात का हमेशा मलाल रहेगा, लेकिन दूसरी तरफ भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली अपनी बेटी पर गर्व भी हैं।
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बेटी ने बनाई पहचान
तकदीर सिंह ने कहा मेरे तीन लड़के और एक लड़की है। बेटी मोनिका हमेशा से खेल में आगे रही है। इसने हॉकी के खेल को चुना। इसमें पूरी मेहनत से आगे बढ़ती चली गई। पहले जूनियर तो अब सीनियर हॉकी वुमन टीम में जगह बनाई। तकदीर सिंह ने कहा बेटी मोनिका के जरिए परिवा को नई पहचान मिली।
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पेनाल्टी शूट आउट में मोनिका ने भी अहम रोल निभाया और अपने प्रयास में गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। भारत को एशिया कप जीतने के बाद चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-44 में मोनिका के घर खुशी का माहौल बना हुआ है। परिवार के रिश्तेदारों और जानने वालों के फोन पर बधाईयां देने का तांता लगा हुआ है। बेटी की इस शानदार परफारमेंस पर चंडीगढ़ पुलिस केडीजीपी डॉ.तजिंदर सिंह लूथरा ने पिता हैड कांस्टेबल तकदीर सिंह को बधाई दी।
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ड्यूटी पर था मुकाबला नहीं देख सका
तकदीर सिंह यूटी पुलिस में सेक्टर-26 पुलिस लाइंस में तैनात है। इन्होंने बताया कि कल जब मेरी बेटी देश को जीतने में लगी हुई थी, उस समय ड्यूटी कर रहा था। इसलिए यह मैच नहीं देख पाया। मुझे इस बात का हमेशा मलाल रहेगा, लेकिन दूसरी तरफ भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली अपनी बेटी पर गर्व भी हैं।
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बेटी ने बनाई पहचान
तकदीर सिंह ने कहा मेरे तीन लड़के और एक लड़की है। बेटी मोनिका हमेशा से खेल में आगे रही है। इसने हॉकी के खेल को चुना। इसमें पूरी मेहनत से आगे बढ़ती चली गई। पहले जूनियर तो अब सीनियर हॉकी वुमन टीम में जगह बनाई। तकदीर सिंह ने कहा बेटी मोनिका के जरिए परिवा को नई पहचान मिली।