फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh City resident said in meeting, Governor Go Back

'गर्वनर वापस जाओ, चीफ कमिश्नर को लाओ'

Mon, 04 Aug 2014 09:44 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 04 Aug 2014 09:44 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh City resident said in meeting, Governor Go Back

रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने प्रशासक के पद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सेक्टर-46 में हुई फॉसवेक की बैठक में मांग उठी कि प्रशासक की जगह चीफ कमिश्नर का पद बहाल किया जाए।

विज्ञापन


इस संबंध में गृहमंत्री राजनाथ और शहर की सांसद किरण खेर को भी जानकारी दी जाएगी। बैठक में वर्तमान प्रशासक एवं गवर्नर के गो बैक की भी आवाज उठी। रेजिडेंट्स ने कहा कि जब से शहर में पंजाब के गवर्नर को प्रशासक का पद मिला है, तब से शहरवासियों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं।
विज्ञापन


शहरवासियों ने कहा जो फाइल एवं प्रस्ताव मंजूरी के लिए गवर्नर हाउस जाती हैं, वह कई-कई साल तक वहां पड़ी रहती हैं। यह मांग उस समय उठी है, जब कि प्रशासक शिवराज पाटिल का कार्यकाल खत्म होने वाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गर्वनर के पद पर खुलकर जताया विरोध

Chandigarh City resident said in meeting, Governor Go Back

फासवेक के चेयरमैन बलजिंद्र सिंह बिट्टू का कहना है कि प्रशासक की जगह चीफ कमिश्नर का पद बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि पंजाब के गवर्नर के लिए शहर के लिए समय नहीं होता है। इस समय प्रशासक खुले दरबार में लोगों को मिलते हैं, लेकिन वह भी कई-कई माह नहीं लगता है। उनका कहना है कि चीफ कमिश्नर तैनात होगा तो हर दिन शहरवासी मिल पाएंगे।

सेक्टर-15 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि इस समय शहर के व्यापारी, हाउसिंग बोर्ड के निवासी और अन्य वर्ग आ रहे वॉयलेशन के नोटिसों के भारी जुर्माने से परेशान है।

इसे प्रशासक शिवराज पाटिल अपने कार्यकाल में दूर करने में असफल हुए हैं। उनका कहना है कि प्रशासक शिवराज पाटिल को वापस भेज देना चाहिए।

1984 से पहले था चीफ कमिश्नर का पद

Chandigarh City resident said in meeting, Governor Go Back

साल 1984 से पहले शहर में चीफ कमिश्नर का पद ही था, लेकिन 1984 में पंजाब का माहौल खराब होने पर यूटी को भी डिस्टर्ब एरिया घोषित करते हुए पंजाब के गवर्नर को ही शहर में प्रशासक के पद पर नियुक्त कर दिया गया। फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता हितेश पुरी का कहन है कि जब डिस्टर्ब एरिया की सूची शहर बाहर हो गया है तो क्यों प्रशासक का पद शहरवासियों पर थोपा जा रहा है।

कांग्रेस और भाजपा पार्टी पहले से ही शहर में चीफ कमिश्नर का पद बहाल करने की मांग कर चुकी है। पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल तत्कालीन गृह मंत्री से इस मांग को लेकर मिला था।

कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल का कहन है कि लोगों की सुविधा के लिए चीफ कमिश्नर का पद बहाल होना चाहिए। उधर, पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता सत्यपाल जैन का कहना है कि सवाल प्रशासक या चीफ कमिश्नर के पद का नहीं है। बल्कि, आम व्यक्ति को सिर्फ अपनी समस्याएं दूर होने से मतलब है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed