फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh: Case of girl death due to cake reaches High Court

Chandigarh: केक से बच्ची की मौत का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, मिलावटखोरों पर एक्शन की मांग

Sun, 07 Apr 2024 09:51 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 07 Apr 2024 09:51 AM IST
सार

याचिका में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट का सही पालन सुनिश्चित करने के निर्देश की अपील की गई है। जनहित याचिका एडवोकेट कुंवर पाहुल सिहं ने दाखिल की है, मामले में जल्द होगी सुनवाई।

विज्ञापन
Chandigarh: Case of girl death due to cake reaches High Court
पटियाला में केक खाने से बच्ची की मौत - फोटो : फाइल

विस्तार

केक खाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में बच्ची की मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए मिलावटखोरों पर कार्रवाई करने और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट का सही पालन सुनिश्चित करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल की गई इस याचिका पर जल्द सुनवाई होगी।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि 24 मार्च 2024 को अपने जन्मदिन पर केक खाने के बाद 10 साल की बच्ची मानवी की मौत हो गई थी। याची ने बताया कि बीते कुछ समय में मिलावट का खेल बहुत अधिक बढ़ गया है लेकिन इसे रोकने के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन


2013 में सुप्रीमकोर्ट ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया को आदेश दिया था कि मिलावट को रोकने के लिए मंडियों का लगातार निरीक्षण किया जाए और मिलावट के धंधे पर लगाम लगाई जाए। 2016 में एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य को आदेश दिया था कि डेयरी व अन्य प्रकार के कार्य करने वालों को चेतावनी दी जाए और बताया जाए कि ऐसा साबित होने पर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी। इसके बावजूद मिलावट का धंधा रुक नहीं रहा है। 24 मार्च को मोहाली निवासी मानवी भी ऐसी ही एक मिलावट का शिकार हुई थी। इस मामले में सिविल सर्जन जांच का आदेश दे चुके हैं और बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की थी और जांच का आदेश दिया था।


याची ने कहा कि बिना मजबूत तंत्र विकसित किए मिलावट के इस कारोबार पर रोक नहीं लगाई जा सकती। नियमों का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण होते रहने चाहिए। ऐसे में जनहित याचिका में राज्य व केंद्र सरकार को इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जा री करने की मांग की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed