क्या किरण आएंगी सलाहकार समिति की बैठक में?
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यूटी के प्रशासक की सलाहकार समिति को लेकर चंडीगढ़ की सांसद और प्रशासन के बीच तनातनी शुरू हो गई है। प्रशासन ने सांसद किरण खेर से बिना पूछे समिति की बैठक 16 जून को रख दी। बाद में जब खेर ने बैठक के दिन शहर में उपलब्ध न होने की सूचना प्रशासन को दी तो प्रशासन ने बैठक स्थगित कर दी।
खेर ने प्रशासन से स्पष्ट कर दिया था कि वह 25 जून के बाद ही उपलब्ध हो पाएंगी, लेकिन प्रशासन ने किरण खेर के आग्रह को दरकिनार करते हुए बैठक 19 जून को रख दी। अब खेर इस दिन भी बैठक में नहीं आ पाएंगी। अगर यह बैठक दोबारा से स्थगित नहीं होती है तो समिति में शामिल भाजपा के नेता बैठक के दौरान इसे मुद्दा बना सकते हैं।
हालांकि प्रशासन के सूत्रों के अनुसार इस बैठक में चंडीगढ़ के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर चर्चा होनी है और यह मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण इस बैठक को अगले सप्ताह आयोजित करना जरूरी है।
10 दिन बाद हो सकती थी बैठक
सांसद किरण खेर ने फोन पर मुंबई से बात करते हुए कहा कि सलाहकार समिति की बैठक 20 माह बाद हो रही है। ऐसी आफत क्या आ गई कि प्रशासन बैठक के लिए 10 दिनों का इंतजार भी नहीं कर पा रहा है।
प्रशासन ने पहले तो मुझसे पूछे बिना बैठक 16 को रख दी। बाद में जब मुझे पता चला तो मैंने प्रशासन से कहा कि मैं शूटिंग में व्यस्त हूं और 25 जून के बाद चंडीगढ़ आऊंगी और इसके बाद यहीं रहूंगी।
अगर इसके बाद भी 19 को बैठक रख दी गई है तो यह बात समझ से परे है कि इतनी जल्दी आखिर क्यों है बैठक करने की।
नई समिति की पहली बैठक होगी
चंडीगढ़ का सांसद सलाहकार समिति का पदेन सदस्य होता है। नवंबर, 2013 में सलाहकार समिति का गठन हुआ था और नई समिति की यह पहली बैठक है। इससे पहले सलाहकार समिति की छठी बैठक नवंबर, 2012 में हुई थी।
ऐसे में समिति की पहली बैठक में सांसद के न होने का मुद्दा तूल ले सकता है। शहर के पूर्व सांसद और समिति के सदस्य सत्यपाल जैन ने कहा कि समिति की पहली बैठक में सांसद का होना जरूरी है। सांसद से पूछ कर बैठक की तिथि को तय करना चाहिए था।
मास्टर प्लान पर होगी चर्चा
सलाहकार समिति के सदस्यों को शनिवार शाम को बैठक 16 की जगह 19 जून को होने की सूचना के साथ ही एजेंडा भेज दिया गया। एजेंडे में सिर्फ चंडीगढ़ के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को शामिल किया गया है।