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चंडीगढ़ः ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर को लेकर प्रशासन की माथापच्ची जारी, सात लोगों की प्रेजेंटेशन
Fri, 10 Jan 2020 11:45 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 10 Jan 2020 11:45 AM IST
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ट्रिब्यून चौक
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर प्रशासन की माथापच्ची जारी है। वीरवार को एडवाइजर द्वारा गठित कमेटी के सामने सात लोगों ने प्रेजेंटेशन दी और बताया कि कैसे पेड़ों को बिना काटे ट्रिब्यून चौक के जाम से निपटा जा सकता है। प्रशासन के इंजिनियरिंग, आर्किटेक्ट, टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों ने सभी प्रेजेंटेशन को देखा और उसकी बारीकियों को समझा। बीते दिनों एडवाइजर मनोज परिदा की तरफ से यूटी गेस्ट हाउस में की गई जन सुनवाई के बाद एक कमेटी का गठन किया गया।
सुनवाई के दौरान कई ऐसे लोग थे, जो प्रेजेंटेशन लेकर आए थे। इन लोगों ने कहा था कि उनके पास ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले जाम को दूर करने का ठोस प्लान है। इस पर प्रशासन की तरफ से सभी को वीरवार को सचिवालय बुलाया गया था। प्रेजेंटेशन देने वालों में आर्किटेक्ट तरुण माथुर, आर्किटेक्ट विनोद कुमार, जेएस नागी, एहसान चौफला, सुदेश कुमार, इंदरजीत घई और पवीला बाली थीं। प्रेजेंटेशन के दौरान इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से सभी के मॉडल की बारीकियों को समझा।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को दो मॉडल पसंद आए हैं, जिन पर अधिकारियों की तरफ से विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रेजेंटेशन लेकर गए आर्किटेक्ट्स ने कहा कि इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से बार-बार सवाल उठाए जाते रहे। कई बार आर्किटेक्ट्स ने सुझाव मांगे तो इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से कहा गया कि वह प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा नहीं कर सकते। प्रेजेंटेशन देने गए आर्किटेक्ट्स का कहना था कि उनको प्रशासन के विभागों की तरफ से पूरा सहयोग नहीं मिल रहा था।
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सुनवाई के दौरान कई ऐसे लोग थे, जो प्रेजेंटेशन लेकर आए थे। इन लोगों ने कहा था कि उनके पास ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले जाम को दूर करने का ठोस प्लान है। इस पर प्रशासन की तरफ से सभी को वीरवार को सचिवालय बुलाया गया था। प्रेजेंटेशन देने वालों में आर्किटेक्ट तरुण माथुर, आर्किटेक्ट विनोद कुमार, जेएस नागी, एहसान चौफला, सुदेश कुमार, इंदरजीत घई और पवीला बाली थीं। प्रेजेंटेशन के दौरान इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से सभी के मॉडल की बारीकियों को समझा।
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जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को दो मॉडल पसंद आए हैं, जिन पर अधिकारियों की तरफ से विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रेजेंटेशन लेकर गए आर्किटेक्ट्स ने कहा कि इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से बार-बार सवाल उठाए जाते रहे। कई बार आर्किटेक्ट्स ने सुझाव मांगे तो इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से कहा गया कि वह प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा नहीं कर सकते। प्रेजेंटेशन देने गए आर्किटेक्ट्स का कहना था कि उनको प्रशासन के विभागों की तरफ से पूरा सहयोग नहीं मिल रहा था।
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अब आगे क्या...
कमेटी के अध्यक्ष व वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा ने बताया कि वीरवार को प्रेजेंटेशन देने के लिए 7 लोगों को बुलाया गया था। इस बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी मॉडल की बारीकियों को समझा गया। अब अधिकारी उसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं की जांच करेंगे।
भविष्य में अगर फिर से किसी के सुझाव की जरूरत पड़ी तो उनसे बात की जाएगी। वह सभी प्रेजेंटेशन को एकत्रित करने के बाद अपनी रिपोर्ट एडवाइजर को सौंप देंगे। गौरतलब है कि बेहतर सुझावों को ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने रखा जाएगा, जिसके बाद आखिरी फैसला हाईकोर्ट का होगा।
भविष्य में अगर फिर से किसी के सुझाव की जरूरत पड़ी तो उनसे बात की जाएगी। वह सभी प्रेजेंटेशन को एकत्रित करने के बाद अपनी रिपोर्ट एडवाइजर को सौंप देंगे। गौरतलब है कि बेहतर सुझावों को ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने रखा जाएगा, जिसके बाद आखिरी फैसला हाईकोर्ट का होगा।