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गोल्फ कार्ट में घूमेंगे सैलानी, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट दूर करेंगी अंधेरा, तीन नए प्रोजेक्ट के टेंडर
Mon, 10 Jun 2019 03:31 PM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 10 Jun 2019 03:31 PM IST
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गोल्फ कार्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में विकास की गति को तेज करने के लिए स्मार्ट सिटी जून में तीन नए प्रोजेक्ट के टेंडर करने जा रहा है। इन प्रोजेक्ट के टेंडर से सेक्टर 17 मार्केट में घूमने वाले लोगों को आ रही समस्या के साथ ही शहर की स्ट्रीट लाइटों की समस्या भी दूर हो जाएगी। पार्क और सड़क पर खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द सुधारने के लिए यह कवायद की गई है।
लगभग तीन माह तक आचार संहिता के कारण शहर में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ। उसके बाद गवर्नर ने अगले 100 दिनों की कार्य योजना प्रत्येक विभाग को देने के लिए कहा था। उसके तहत स्मार्ट सिटी ने कुछ प्रोजेक्ट का टेंडर मई में कर दिया था। कुछ का जून में किया जाएगा। लगभग 28 प्रोजेक्ट जुलाई तक स्मार्ट सिटी के तहत हर हाल में चालू होने हैं।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ केके यादव का कहना है कि प्रत्येक प्रोजेक्ट का सोच समझकर सभी मानकों के अनुसार ही टेंडर किया जा रहा है ताकि समय सीमा में प्रोजेक्ट पूरे हो सकें। स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा का कहना है कि सभी प्रोजेक्ट के बारे में 14 जून को टेक्निकल कमेटी की बैठक में चर्चा करके टेंडर कर दिया जाएगा।
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लगभग तीन माह तक आचार संहिता के कारण शहर में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ। उसके बाद गवर्नर ने अगले 100 दिनों की कार्य योजना प्रत्येक विभाग को देने के लिए कहा था। उसके तहत स्मार्ट सिटी ने कुछ प्रोजेक्ट का टेंडर मई में कर दिया था। कुछ का जून में किया जाएगा। लगभग 28 प्रोजेक्ट जुलाई तक स्मार्ट सिटी के तहत हर हाल में चालू होने हैं।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ केके यादव का कहना है कि प्रत्येक प्रोजेक्ट का सोच समझकर सभी मानकों के अनुसार ही टेंडर किया जा रहा है ताकि समय सीमा में प्रोजेक्ट पूरे हो सकें। स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा का कहना है कि सभी प्रोजेक्ट के बारे में 14 जून को टेक्निकल कमेटी की बैठक में चर्चा करके टेंडर कर दिया जाएगा।
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प्रोजेक्ट - एसटीपी से छोड़े पानी को साफ करना
लागत - 808 करोड़
वर्क ऑर्डर- 8 अगस्त
काम की शुरुआत - 7 सितंबर
काम पूरा करने की तिथि - 2 साल
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में बने पांच सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के डायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (डीओडी) को कम करना है। वर्तमान में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से नाले में छोड़ा जाने वाला पानी काफी हानिकारक है। एनजीटी के निर्देशानुसार इस प्रोेजेक्ट में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी का डीओडी लेसदेन पांच कर दिया जाएगा। हालांकि लेसदेन 10 तक डीओडी हो सकता है। इसके अलावा नाइट्रेट व फास्फोरस की मात्रा भी काफी कम हो जाएगी। वहीं, किशनगढ़ में एक नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी। जहां डीओडी लेसदेन 2 तक रहेगा। इस प्लांट से निकलने वाले पानी को लेक में भी उपयोग कर सकेंगे।
वर्क ऑर्डर- 8 अगस्त
काम की शुरुआत - 7 सितंबर
काम पूरा करने की तिथि - 2 साल
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में बने पांच सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के डायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (डीओडी) को कम करना है। वर्तमान में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से नाले में छोड़ा जाने वाला पानी काफी हानिकारक है। एनजीटी के निर्देशानुसार इस प्रोेजेक्ट में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी का डीओडी लेसदेन पांच कर दिया जाएगा। हालांकि लेसदेन 10 तक डीओडी हो सकता है। इसके अलावा नाइट्रेट व फास्फोरस की मात्रा भी काफी कम हो जाएगी। वहीं, किशनगढ़ में एक नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी। जहां डीओडी लेसदेन 2 तक रहेगा। इस प्लांट से निकलने वाले पानी को लेक में भी उपयोग कर सकेंगे।
प्रोजेक्ट- एबीडी में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट
लागत - 03 करोड़
वर्क ऑर्डर - 14 अगस्त
काम की शुरुआत - 13 सितंबर
काम पूरा करने की तिथि - 6 माह
इस प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 17, 22, 35 व 43 में सड़क और पार्कों में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। इन स्ट्रीट लाइटों की मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी में लगे कंप्यूटर व अधिकारियों के मोबाइल से आसानी से कराई जा सकेगी। जो भी स्ट्रीट लाइट खराब होगी वह कंप्यूटर व मोबाइल पर जलती हुई नहीं दिखेगी। इससे उन्हें जल्द से जल्द सही कराया जा सकेगा। वहीं इन स्ट्रीट लाइटों में इस प्रकार के बल्ब का प्रयोग किया जाएगा जिससे कि बिजली की कम से कम खपत हो सकेगी। साथ ही कोहरे में भी बल्ब की रोशनी हो सकेगी। इन सेक्टरों में यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य सेक्टरों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जाएगी।
वर्क ऑर्डर - 14 अगस्त
काम की शुरुआत - 13 सितंबर
काम पूरा करने की तिथि - 6 माह
इस प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 17, 22, 35 व 43 में सड़क और पार्कों में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। इन स्ट्रीट लाइटों की मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी में लगे कंप्यूटर व अधिकारियों के मोबाइल से आसानी से कराई जा सकेगी। जो भी स्ट्रीट लाइट खराब होगी वह कंप्यूटर व मोबाइल पर जलती हुई नहीं दिखेगी। इससे उन्हें जल्द से जल्द सही कराया जा सकेगा। वहीं इन स्ट्रीट लाइटों में इस प्रकार के बल्ब का प्रयोग किया जाएगा जिससे कि बिजली की कम से कम खपत हो सकेगी। साथ ही कोहरे में भी बल्ब की रोशनी हो सकेगी। इन सेक्टरों में यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य सेक्टरों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जाएगी।
प्रोजेक्ट - गोल्फ कार्ट प्रोजेक्ट
लागत - 02 करोड़
वर्क ऑर्डर - 17 अगस्त
काम की शुरुआत - 14 सितंबर
काम पूरा करने की तिथि - 6 माह
सेक्टर 17 में पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को सुविधा देने के लिए 20 गोल्फ कार्ट चलाए जाएंगे। इन गोल्फ कार्ट को अलग अलग गेट पर खड़ा किया जाएगा। जरूरतमंद लोगों को यह गोल्फ कार्ट फ्री मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य है कि बाजार में लोगों की संख्या को बढ़ाना क्योंकि कई लोग पैदल चलने के डर से सेक्टर 17 की मार्केट नहीं आते हैं। इस प्रोजेक्ट से एक ओर बुजुर्गों को काफी फायदा मिलेगा वहीं दूसरी ओर लोग गाड़ियां भी लेकर नहीं आएंगे। जो लोग खरीददारी करेंगे, उन्हें सामान के साथ यह गोल्फ कोर्ट बस या ऑटो रिक्शा तक छोड़कर आएंगे। इससे पार्किंग की समस्या में काफी कमी आएगी।
वर्क ऑर्डर - 17 अगस्त
काम की शुरुआत - 14 सितंबर
काम पूरा करने की तिथि - 6 माह
सेक्टर 17 में पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को सुविधा देने के लिए 20 गोल्फ कार्ट चलाए जाएंगे। इन गोल्फ कार्ट को अलग अलग गेट पर खड़ा किया जाएगा। जरूरतमंद लोगों को यह गोल्फ कार्ट फ्री मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य है कि बाजार में लोगों की संख्या को बढ़ाना क्योंकि कई लोग पैदल चलने के डर से सेक्टर 17 की मार्केट नहीं आते हैं। इस प्रोजेक्ट से एक ओर बुजुर्गों को काफी फायदा मिलेगा वहीं दूसरी ओर लोग गाड़ियां भी लेकर नहीं आएंगे। जो लोग खरीददारी करेंगे, उन्हें सामान के साथ यह गोल्फ कोर्ट बस या ऑटो रिक्शा तक छोड़कर आएंगे। इससे पार्किंग की समस्या में काफी कमी आएगी।