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9 महीने की बच्ची के इलाज में आड़े आई गरीबी, मदद के लिए परिवार लगा रहा गुहार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 16 May 2017 09:21 AM IST
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चाहत को मदद की जरुरत
- फोटो : file photo
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ओवरवेट चाहत के इलाज में गरीबी आड़े आ गई है। चाहत के जीन को जांच के लिए बंगलूरू स्थित लैब में भेजा जाना है। एक जीन की जांच में करीब 70 हजार रुपये का खर्चा आता है। चाहत के साथ उसके चाचा मलकीत के जीन का भी सैंपल भेजा जाएगा। दोनों सैंपल की जांच में करीब डेढ़ से दो लाख का खर्च आना है। चाहत के पिता सूरज ने बताया कि वे केबल का काम करते हैं। 200 रुपये रोजाना की उनकी मजदूरी है।
इतने पैसे में वे अपनी बेटी का इलाज नहीं करा सकते। उन्होंने चंडीगढ़ वासियों से अपील की है कि वे उनकी बेटी के इलाज में मदद करें। यदि कोई निवासी उनकी बेटी के इलाज में मदद करना चाहता है तो सूरज के मोबाइल नंबर 9888084583 पर संपर्क कर सकता है। सूरज ने बताया कि यदि उनके पास रुपये का इंतजाम नहीं होता है तो वे वापस अमृतसर लौट जाएंगे। पीजीआई ने उनके नार्मल टेस्ट किए थे, जिनमें सब कुछ ठीक निकला है। अब इसके एडवांस टेस्ट होने हैं, जिन्हें बंगलूरू स्थित एक लैब में भेजा जाना है।
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इतने पैसे में वे अपनी बेटी का इलाज नहीं करा सकते। उन्होंने चंडीगढ़ वासियों से अपील की है कि वे उनकी बेटी के इलाज में मदद करें। यदि कोई निवासी उनकी बेटी के इलाज में मदद करना चाहता है तो सूरज के मोबाइल नंबर 9888084583 पर संपर्क कर सकता है। सूरज ने बताया कि यदि उनके पास रुपये का इंतजाम नहीं होता है तो वे वापस अमृतसर लौट जाएंगे। पीजीआई ने उनके नार्मल टेस्ट किए थे, जिनमें सब कुछ ठीक निकला है। अब इसके एडवांस टेस्ट होने हैं, जिन्हें बंगलूरू स्थित एक लैब में भेजा जाना है।
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नौ महीने की चाहत का वजन 20 किलो
चाहत को वजन 20 किलो
- फोटो : file photo
अमृतसर की रहने वाली चाहत मात्र नौ महीने की है, जिसका वजन 20 किलो है। आमतौर पर इस उम्र में बच्ची का वजन सात से दस किलो के बीच रहता है। चाहत का जन्म 24 जुलाई 2016 को हुआ था। जन्म के समय वह नार्मल थी। चौथे माह से उसका वजन बढ़ने लगा था। चार माह में उसका वजन नौ किलोग्राम हो गया। छठे माह में 15 और नौंवे में उसका वजन 20 किलो दर्ज किया गया है। इससे सूरज व उसकी पत्नी रेनू घबरा गई। उन्होंने अमृतसर के गुरु नानक बेबी नानकी हॉस्पिटल में दिखाया। वहां के डाक्टरों ने उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया।
चाहत के चाचा व दादी भी ओवरवेट
चाहत की मम्मी व पापा अपनी उम्र के मुताबिक फिट हैं। सूरज की दादी का वजन ज्यादा है। उनकी उम्र 85 साल है, लेकिन उनका वजन 100 किलो के आसपास है। इसी तरह से सूरज का चचेरा भाई मलकीत भी ओवरवेट है। उसकी उम्र मात्र 14 साल है, लेकिन उसका वजन 68 किलो है। हालांकि मलकीत को कोई बीमारी नहीं है। सूरज ने बताया कि बेटी का इलाज कराने के बाद वह अपने भाई का भी इलाज करवाएगा।
चाहत के चाचा व दादी भी ओवरवेट
चाहत की मम्मी व पापा अपनी उम्र के मुताबिक फिट हैं। सूरज की दादी का वजन ज्यादा है। उनकी उम्र 85 साल है, लेकिन उनका वजन 100 किलो के आसपास है। इसी तरह से सूरज का चचेरा भाई मलकीत भी ओवरवेट है। उसकी उम्र मात्र 14 साल है, लेकिन उसका वजन 68 किलो है। हालांकि मलकीत को कोई बीमारी नहीं है। सूरज ने बताया कि बेटी का इलाज कराने के बाद वह अपने भाई का भी इलाज करवाएगा।