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मुसीबतः मुंबई में पड़ा केंद्र सरकार का प्याज का स्टॉक सड़ने की आशंका, सस्ता बेचना मजबूरी
Fri, 31 Jan 2020 10:14 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 31 Jan 2020 10:14 AM IST
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देश में प्याज के दाम लुढ़कने से केंद्र सरकार का मुंबई में पड़ा प्याज का आयातित (अन्य देशों से मंगवाया हुआ) स्टॉक खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। ये स्टॉक यहां कई दिनों से ट्रकों में ही लोड पड़ा है, मगर राज्यों की ओर से इस आयातित प्याज को खरीदने में रूचि न दिखाने की वजह से अब इस स्टॉक को लेकर विकट परिस्थिति पैदा हो गई है।
ऐसे में अब केंद्र सरकार के लिए इस प्याज को सस्ते में निकालना मजबूरी हो गया है। केंद्र सरकार के अधीनस्थ उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वे अपनी-अपनी प्याज की डिमांड नेशनल एग्रीकल्चर कोओपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) को भेजें।
सभी राज्यों के मुख्य एवं प्रधान सचिवों को भी बाकायदा पत्र भेजकर उन्हें इस बात से अवगत करवाया गया है। राज्यों को ऑफर दिया गया है कि उन्हें ये आयातित प्याज सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाया जाएगा। राज्य सरकारें इन प्याजों को अपने-अपने राशन डिपुओं पर सस्ते दाम पर ही बंटवा सकती है।
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हरियाणा सरकार ने भी केंद्र सरकार के इस ऑफर पर गौर करते हुए नेफेड के जरिए 2200 मीट्रिक टन प्याज खरीदने की तैयारी कर ली है।
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ऐसे में अब केंद्र सरकार के लिए इस प्याज को सस्ते में निकालना मजबूरी हो गया है। केंद्र सरकार के अधीनस्थ उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वे अपनी-अपनी प्याज की डिमांड नेशनल एग्रीकल्चर कोओपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) को भेजें।
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सभी राज्यों के मुख्य एवं प्रधान सचिवों को भी बाकायदा पत्र भेजकर उन्हें इस बात से अवगत करवाया गया है। राज्यों को ऑफर दिया गया है कि उन्हें ये आयातित प्याज सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाया जाएगा। राज्य सरकारें इन प्याजों को अपने-अपने राशन डिपुओं पर सस्ते दाम पर ही बंटवा सकती है।
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हरियाणा सरकार ने भी केंद्र सरकार के इस ऑफर पर गौर करते हुए नेफेड के जरिए 2200 मीट्रिक टन प्याज खरीदने की तैयारी कर ली है।
प्याज निकालने की टेंशन, केंद्र ने 6 दिन में गिराया 11 रुपये दाम
जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है। प्याज के इस बंपर स्टॉक के सड़ने की आशंका पैदा हो रही है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द इस स्टॉक को राज्य सरकारें खरीद लें। जिसके चलते केंद्र सरकार ने 6 दिन के भीतर ही इस आयातित प्याज का रेट 11 रुपये गिरा दिया है।
23 जनवरी को राज्य सरकारों के मुख्य एवं प्रधान सचिवों को भेजे पत्र में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 21 रुपये प्रति किलो आयातित का ऑफर दिया था। मगर प्याज के खराब होने की टेंशन इतनी ज्यादा है कि 29 जनवरी को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इसका रेट 11 रुपये कम कर अब 10 रुपये प्रति किलो प्याज खरीदने का ऑफर दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के बाजारों में प्याज का थोक रेट अब 40 व फुटकर रेट 50 रुपये प्रति किलो है।
23 जनवरी को राज्य सरकारों के मुख्य एवं प्रधान सचिवों को भेजे पत्र में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 21 रुपये प्रति किलो आयातित का ऑफर दिया था। मगर प्याज के खराब होने की टेंशन इतनी ज्यादा है कि 29 जनवरी को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इसका रेट 11 रुपये कम कर अब 10 रुपये प्रति किलो प्याज खरीदने का ऑफर दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के बाजारों में प्याज का थोक रेट अब 40 व फुटकर रेट 50 रुपये प्रति किलो है।
राशन डिपुओ पर प्याज बेचने की तैयारी, मगर रेट में फंस गया पेच
हरियाणा सरकार नेफेड के माध्यम 2200 मीट्रिक टन प्याज खरीदने को तैयार है। मगर केंद्र सरकार द्वारा अचानक रेट गिराने के कारण खरीद में पेंच फंस गया है। दरअसल, हरियाणा सरकार 2200 मीट्रिक टन प्याज को प्रदेश के 22 जिलों केलिए खरीदना चाहती है। हर जिले में राशन डिपुओं के माध्यम से लोगों को 100 मीट्रिक टन सस्ता प्याज बेचे जाने की योजना है। एक व्यक्ति को 4-4 किलो प्याज बेचे जाना है। लेकिन अब हरियाणा सरकार एक अजीब असमंजस में फंस गई है।
हरियाणा ने पहले चरण में नेफेड से 1100 मीट्रिक टन प्याज 21 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदने का आर्डर दिया। इसमें 4 रुपये नेफेड का परिवहन खर्च, 50 पैसे कानफेड का हैंडलिंग चार्ज और 1 रुपये प्रति किलो डिपो होल्डर का मार्जिन मिलाकर प्रदेश सरकार ने राशन डिपुओ पर लोगों को 26.50 रुपये प्रति किलो के रेट पर प्याज बेचना था। लेकिन अब चूंकि अगला 1100 मीट्रिक टन प्याज केंद्र सरकार 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दे रही है, तो परिवहन खर्च, हैंडलिंग चार्ज व डिपो होल्डर का मार्जिन मिलाकर ये रेट 15.50 रुपये प्रति किलो बनता है।
अब सरकार असमंजस में है कि राशन डिपुओं पर दो अलग-अलग दामों पर प्याज कैसे बेचा जाए। हरियाणा खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए ये साफ कह दिया है कि राशन डिपुओं पर दो रेटों 26.50 रुपये व 15.50 रुपये प्रति किलो प्याज बेचना संभव नहीं है। इससे फील्ड में कई तरह की परेशनियां खड़ी हो जाएंगी। लिहाजा प्रदेश सरकार रेट के संदर्भ में मार्गदर्शन करें, ताकि फरवरी माह के शुरूआती दिनों में प्याज को राशन डिपुओं पर वितरित करवाया जा सके।
हरियाणा ने पहले चरण में नेफेड से 1100 मीट्रिक टन प्याज 21 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदने का आर्डर दिया। इसमें 4 रुपये नेफेड का परिवहन खर्च, 50 पैसे कानफेड का हैंडलिंग चार्ज और 1 रुपये प्रति किलो डिपो होल्डर का मार्जिन मिलाकर प्रदेश सरकार ने राशन डिपुओ पर लोगों को 26.50 रुपये प्रति किलो के रेट पर प्याज बेचना था। लेकिन अब चूंकि अगला 1100 मीट्रिक टन प्याज केंद्र सरकार 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दे रही है, तो परिवहन खर्च, हैंडलिंग चार्ज व डिपो होल्डर का मार्जिन मिलाकर ये रेट 15.50 रुपये प्रति किलो बनता है।
अब सरकार असमंजस में है कि राशन डिपुओं पर दो अलग-अलग दामों पर प्याज कैसे बेचा जाए। हरियाणा खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए ये साफ कह दिया है कि राशन डिपुओं पर दो रेटों 26.50 रुपये व 15.50 रुपये प्रति किलो प्याज बेचना संभव नहीं है। इससे फील्ड में कई तरह की परेशनियां खड़ी हो जाएंगी। लिहाजा प्रदेश सरकार रेट के संदर्भ में मार्गदर्शन करें, ताकि फरवरी माह के शुरूआती दिनों में प्याज को राशन डिपुओं पर वितरित करवाया जा सके।