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केंद्र सरकार के रिटायरमेंट के नए मसौदे से पंजाब यूनिवर्सिटी में खलबली, अप्रैल 2020 से लागू होगा

Wed, 25 Sep 2019 04:31 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 25 Sep 2019 04:31 PM IST
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Central Government New Retirement Proposal will Implement from April 2020
प्रतीकात्मक तस्वीर
केंद्र सरकार के रिटायरमेंट के नए मसौदे से पंजाब यूनिवर्सिटी के शिक्षकों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है। मसौदे के अनुसार, 1986 में या इससे पहले जिन लोगों ने नौकरी शुरू की है, उन्हें नियमानुसार रिटायर कर दिया जाएगा। जानकारों का कहना है कि कई शिक्षक व कर्मचारियों को वन डे ही रिटायर किया जा सकता है। हालांकि उन्हें सेंट्रल यूनिवर्सिटी वाले शिक्षक व कर्मचारियों वाले लाभ दिए गए तो कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यह नियम लागू होगा तो वर्तमान स्थिति में रिटायरमेंट होना भी तय है।
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बेरोजगारों की संख्या देश में बढ़ रही है। रोजगार नए सृजित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे स्थिति में केंद्र सरकार प्रस्ताव तैयार कर रही है कि रिटायरमेंट की उम्र में संशोधन किया जाए ताकि अन्य लोगों को भी नौकरी के अवसर मिल सकें। जानकारों के मुताबिक जिस व्यक्ति की सर्विस 33 साल हो गई हो या फिर 60 साल आयु हो गई हो, जो भी इसमें से पहले होगी, उसी के मुताबिक लोगों को रिटायर कर दिया जाएगा। पीयू में इस नियम के दायरे में कई शिक्षक व कर्मचारी आ रहे हैं। उनमें तो खलबली मची ही है, अन्य शिक्षक भी अपने सेवा कम होने पर चिंतित हैं।
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हालांकि इस नियम का बड़े पैमाने पर स्वागत भी हो रहा है। 1986 से पहले जिन शिक्षकों ने पीयू में ज्वाइन किया है, उनकी सर्विस अप्रैल 2020 तक 33 साल या इससे अधिक हो चुकी होगी। ऐसी स्थिति में उन्हें रिटायर किया जाएगा। अब देखना यह भी है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारियों के लिए भी यह नियम लागू होगा या पुराना रहेगा। यदि नया नियम लागू हुआ तो फिर पीयू के शिक्षक व कर्मचारियों के पास भी कोई बचाव का ऑप्शन नहीं होगा और यदि पुराना नियम लागू रहेगा तो हाईकोर्ट में चल रहे केस से कुछ उम्मीद दिखेगी।
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लेकिन जानकार यह भी कह रहे हैं कि रिटायरमेंट के नए आदेश केंद्र सरकार जैसे ही जारी करेगी तो कोर्ट में चल रहा केस भी स्वत: खत्म हो जाएगा। मालूम हो कि पीयू में सेवानिवृत्ति की आयु 60 साल है। यहां के शिक्षक इसको बढ़ाकर 65 साल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों का उदाहरण पेश किया है। यही प्रकरण हाईकोर्ट में पहुंचा है।

20 साल की आयु में नौकरी मिली तो 53 साल में हो जाएंगे रिटायर

नए नियम के मुताबिक किसी भी युवा को 20 साल में सरकारी नौकरी मिली तो उसकी रिटायरमेंट 53 साल में हो जाएगी। सबसे अधिक युवा आर्मी में जाते हैं। ऐसे में उनको जल्दी रिटायर कर दिया जाएगा। कहा यह भी जा रहा है कि राज्य सरकारें कुछ छूट अपने स्तर पर कर्मचारियों को दे सकेंगी लेकिन यह नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पता चलेगा।

क्या कहते हैं शिक्षक
नॉन टीचिंग के लोग अधिक दायरे में आएंगे
पीयू में भी नया रिटायरमेंट का आदेश लागू हुआ तो इसके दायरे में नॉन टीचिंग के लोग सर्वाधिक आएंगे और शिक्षक भी कई शामिल हैं। लोग चिंतित हैं, लेकिन युवाओं को इससे जॉब का अवसर मिलेगा।
- प्रो. रजत संधीर

सरकारी कार्यालयों पर पहले लागू हो
पहले सरकारी कार्यालयों में यह नियम लागू होना चाहिए। क्योंकि सबसे पहले लाभ भी सेंट्रल फील्ड को ही मिलता है। पीयू में भी लागू होगा लेकिन इसके लिए समय लग सकता है।
- प्रो. एएस अहलूवालिया

नया नियम एरिया वाइज हो लागू
यदि पीयू में भी रिटायरमेंट का नया आदेश लागू होगा तो तमाम कर्मचारी व शिक्षक इसके दायरे में आएंगे, लेकिन एरिया वाइज इसे लागू किया जाना चाहिए। शिक्षक नए नियम को लेकर चिंतित हैं।
- प्रो. रोनकी राम

धीरे-धीरे पीयू तक आएगा असर
पहले सेंट्रल गवर्नमेंट के कार्यालयों में नियम लागू होगा। उसके बाद यूजीसी कुछ नियम बनाएगी तो विश्वविद्यालय में भी लागू होंगे लेकिन धीरे-धीरे इसका असर यहां तक आएगा।
- प्रो. एसके मेहता
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