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CAT Result: चंडीगढ़ के प्रमोद को 100 परसेंटाइल, बताया कैसे रचा इतिहास?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 Jan 2018 05:12 PM IST
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कैट रिजल्ट चंडीगढ़ टॉपर
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मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए देश के 20 संस्थानों में दाखिले के लिए हुई परीक्षा में चंडीगढ़ के प्रमोद बेरी को 100 परसेंटाइल मिले, ऐसे रचा इतिहास। प्रमोद बेरी के मुताबिक उसने जो भी परीक्षा दी, उसके बाद अपनी खामियां पहचानी। फिर उन्हें दूर कर इस परीक्षा का सामना किया। कॉलेज स्टडी के अलावा रोजाना तीन से चार घंटे कैट की तैयारी में लगाए। प्रमोद बेरी के पिता इंद्रजीत व्यापारी हैं, जबकि उसकी मां सुनिता गृहिणी हैं।
बता दें कि पिछले साल की तरह इस साल भी चंडीगढ़ ने 100 परसेंटाइल के क्लब में एंट्री की है। सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज से कामर्स स्ट्रीम में पास आउट प्रमोद बेरी ने यह आंकड़ा छुआ है। हालांकि प्रमोद जालंधर के फगवाड़ा के रहने वाले हैं, लेकिन उसकी पढ़ाई और कैट की कोचिंग चंडीगढ़ से हुई है। भले ही कामर्स बैकग्राउंड के प्रदीप ने चंडीगढ़ रीजन में टॉप किया हो, लेकिन इस बार भी कैट की परीक्षा में अव्वल ज्यादा स्टूडेंट इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं।
ट्राईसिटी के करीब 12 होनहारों ने 98 परसेंटाइल से ज्यादा का आंकड़ा छुआ है। अब इनके लिए आईआईएम में दाखिला लेकर मैनेजमेंट करने के दरवाजे खुल गए हैं। 100 और 98 परसेंटाइल के बीच जो विद्यार्थी हैं, उनमें लड़कियां सिर्फ दो ही हैं।
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कभी गिनकर पढ़ाई नहीं की : प्रियम गुप्ता
प्रियम पैक में कंप्यूटर साइंस के आखिरी समेस्टर का छात्र है। कैट परीक्षा में प्रियम ने 99.61 परसेंटाइल हासिल किए। उसकेपिता सतेंद्र गुप्ता वेरका में जीएम हैं। जबकि मां नीलम शिक्षिका हैं। प्रियम ने अपनी सफलता का मंत्र बताया कि उसने कभी समय गिनकर पढ़ाई नहीं की। प्रियम ने बाहरवीं की परीक्षा में भी करीब 94 फीसदी अंक हासिल किए थे।
कैट में चमका टेनिस प्लेयर रिशभ
पंचकूला के सेक्टर-15 निवासी रिशभ गोयल ने 99.6 परसेंटाइल हासिल किए। वह पैक में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का छात्र है। रिशभ एक होनहार छात्र होने के साथ-साथ टेनिस खिलाड़ी भी है। स्टेट लेवल गेम खेल चुका रिशभ पैक की टेनिस टीम में भी शामिल है। उसके पिता चंद्रमोहन गोयल व्यापारी हैं, जबकि मां अंजलि गृहिणी हैं।
हर सप्ताह में 12 घंटे की पढ़ाई जरूरी : राघव
पंचकूला सेक्टर-12 निवासी राघव राय सिंगला ने 99.54 परसेंटाइल पाए। वह पैक में सिविल इंजीनियरिंग कर रहा है। उसके पिता अशोक सिंगला व्यापारी हैं। राघव ने बताया कि वह सप्ताह में 10 से 12 घंटे अलग से कैट की परीक्षा की तैयारी की। यही उसकी सफलता का मंत्र है।
शशांक ने पढ़ाई के साथ एनजीओ में भी समय दिया
पंचकूला सेक्टर-21 निवासी शशांक सरोहा ने 99.1 परसेंटाइल हासिल किए। उसके पिता डीआर सरोहा डीआरडीओ से रिटायर हैं। खास बात यह है कि शशांक पढ़ाई केसाथ एक एनजीओ में भी काम करता है, जो अनाथालय में रह रहे बच्चों के उत्थान के लिए काम करता है।
छात्राओं में चमकी सोफिया धवन
सेक्टर-26 स्थित सीसीईटी में कंप्यूटर साइंस की छात्रा सोफिया ने 99.52 परसेंटाइल लेकर छात्राओं में अपनी धमक जमाई। सोफिया के पिता बृजेश धवन बैंक कर्मी हैं। जबकि उसकी मां कुसुम गृहिणी हैं। मोहाली की रहने वाली सोफिया के मुताबिक उसने चार महीने पहले कैट की तैयारी शुरू की थी।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट संस्थान की कुछ जानकारी
- देश में कुल 19 आईआईए हैं।
- अहमदाबाद, बंगलूरू और कर्नाटक टॉप के तीन आईआईएम हैं।
- कुछ छात्र आईआईएम के बजाए दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमबीए करना उचित समझते हैं।
- चंडीगढ़ की बात करें तो पीयू स्थित यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल में भी 90 परसेंटाइल से ज्यादा के छात्रों का दाखिला होता है।
परीक्षा परिणाम के बाद अब छात्रों को अगले पड़ाव यानी इंटरव्यू पर फोकस करना चाहिए। कई छात्र अच्छे परसेंटाइल पाने के बाद ध्यान भटका लेते हैं और अपने लक्ष्य पर नहीं पहुंच पाते।
- ह्देश मदान, नार्थ हैड, बुलस आई- सेक्टर-8 चंडीगढ़
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बता दें कि पिछले साल की तरह इस साल भी चंडीगढ़ ने 100 परसेंटाइल के क्लब में एंट्री की है। सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज से कामर्स स्ट्रीम में पास आउट प्रमोद बेरी ने यह आंकड़ा छुआ है। हालांकि प्रमोद जालंधर के फगवाड़ा के रहने वाले हैं, लेकिन उसकी पढ़ाई और कैट की कोचिंग चंडीगढ़ से हुई है। भले ही कामर्स बैकग्राउंड के प्रदीप ने चंडीगढ़ रीजन में टॉप किया हो, लेकिन इस बार भी कैट की परीक्षा में अव्वल ज्यादा स्टूडेंट इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं।
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ट्राईसिटी के करीब 12 होनहारों ने 98 परसेंटाइल से ज्यादा का आंकड़ा छुआ है। अब इनके लिए आईआईएम में दाखिला लेकर मैनेजमेंट करने के दरवाजे खुल गए हैं। 100 और 98 परसेंटाइल के बीच जो विद्यार्थी हैं, उनमें लड़कियां सिर्फ दो ही हैं।
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कभी गिनकर पढ़ाई नहीं की : प्रियम गुप्ता
प्रियम पैक में कंप्यूटर साइंस के आखिरी समेस्टर का छात्र है। कैट परीक्षा में प्रियम ने 99.61 परसेंटाइल हासिल किए। उसकेपिता सतेंद्र गुप्ता वेरका में जीएम हैं। जबकि मां नीलम शिक्षिका हैं। प्रियम ने अपनी सफलता का मंत्र बताया कि उसने कभी समय गिनकर पढ़ाई नहीं की। प्रियम ने बाहरवीं की परीक्षा में भी करीब 94 फीसदी अंक हासिल किए थे।
कैट में चमका टेनिस प्लेयर रिशभ
पंचकूला के सेक्टर-15 निवासी रिशभ गोयल ने 99.6 परसेंटाइल हासिल किए। वह पैक में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का छात्र है। रिशभ एक होनहार छात्र होने के साथ-साथ टेनिस खिलाड़ी भी है। स्टेट लेवल गेम खेल चुका रिशभ पैक की टेनिस टीम में भी शामिल है। उसके पिता चंद्रमोहन गोयल व्यापारी हैं, जबकि मां अंजलि गृहिणी हैं।
हर सप्ताह में 12 घंटे की पढ़ाई जरूरी : राघव
पंचकूला सेक्टर-12 निवासी राघव राय सिंगला ने 99.54 परसेंटाइल पाए। वह पैक में सिविल इंजीनियरिंग कर रहा है। उसके पिता अशोक सिंगला व्यापारी हैं। राघव ने बताया कि वह सप्ताह में 10 से 12 घंटे अलग से कैट की परीक्षा की तैयारी की। यही उसकी सफलता का मंत्र है।
शशांक ने पढ़ाई के साथ एनजीओ में भी समय दिया
पंचकूला सेक्टर-21 निवासी शशांक सरोहा ने 99.1 परसेंटाइल हासिल किए। उसके पिता डीआर सरोहा डीआरडीओ से रिटायर हैं। खास बात यह है कि शशांक पढ़ाई केसाथ एक एनजीओ में भी काम करता है, जो अनाथालय में रह रहे बच्चों के उत्थान के लिए काम करता है।
छात्राओं में चमकी सोफिया धवन
सेक्टर-26 स्थित सीसीईटी में कंप्यूटर साइंस की छात्रा सोफिया ने 99.52 परसेंटाइल लेकर छात्राओं में अपनी धमक जमाई। सोफिया के पिता बृजेश धवन बैंक कर्मी हैं। जबकि उसकी मां कुसुम गृहिणी हैं। मोहाली की रहने वाली सोफिया के मुताबिक उसने चार महीने पहले कैट की तैयारी शुरू की थी।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट संस्थान की कुछ जानकारी
- देश में कुल 19 आईआईए हैं।
- अहमदाबाद, बंगलूरू और कर्नाटक टॉप के तीन आईआईएम हैं।
- कुछ छात्र आईआईएम के बजाए दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमबीए करना उचित समझते हैं।
- चंडीगढ़ की बात करें तो पीयू स्थित यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल में भी 90 परसेंटाइल से ज्यादा के छात्रों का दाखिला होता है।
परीक्षा परिणाम के बाद अब छात्रों को अगले पड़ाव यानी इंटरव्यू पर फोकस करना चाहिए। कई छात्र अच्छे परसेंटाइल पाने के बाद ध्यान भटका लेते हैं और अपने लक्ष्य पर नहीं पहुंच पाते।
- ह्देश मदान, नार्थ हैड, बुलस आई- सेक्टर-8 चंडीगढ़