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खरड़: तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अभी गिरफ्तारी नहीं

Mon, 10 Feb 2020 12:42 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, खरड़(मोहाली)
अमर उजाला, खरड़(मोहाली) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 10 Feb 2020 12:42 PM IST
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Case Filed against Builder in Issue of Kharar Building Collapse
मलबे का ढेर बनी इमारत - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को तीन मंजिला बिल्डिंग के जमींदोज हो जाने के मामाले में थाना खरड़ सदर में बिल्डर प्रवीण कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लेकिन अभी बिल्डर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस हादसे में जेसीबी चालक की मौत होने के कारण दर्ज मुकदमे में आइपीसी की धारा 304 भी जोड़ दी गई है।
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उधर, रविवार को खरड़ के सिविल अस्पताल में जेसीबी चालक हरविंदर सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, एसडीएम हिमांशु जैन ने जांच शुरू कर करते हुए कई लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इस हादसे की जगह पूरा दिन मलबा हटाने का काम चलता रहा।
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शनिवार को खरड़ में गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग का मलबा हटाने के लिए स्थानीय प्रशासन को अंबाला से बड़ी क्रेन मंगवानी पड़ी। इसके बावजूद गिरी बिल्डिंग के लैंटर के एक बड़े हिस्से को नहीं हटाया जा सका। मृतक जेसीबी चालक का शव रविवार को उसके गांव बडियाली में भेजकर वहां पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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हादसे में घायल हुए हरदीप सिंह और प्रेम बहादुर की हालत में सुधार बताया जा रहा है। दोनों घायलों का इलाज खरड़ के सिविल अस्पताल में चल रहा है। डाक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत में सुधार है और दोनों घायल खतरे से बाहर हैं।

एसडीएम ने शुरू की जांच, बयान दर्ज किए

डीसी मोहाली ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच एसडीएम खरड़ हिमांशु जैन को सौंपी थी। एसडीएम ने रविवार को जांच शुरू कर दी है। उन्होंने रविवार को बेसमेंट खोदने का काम कर रहे ठेकेदार पंकज कुमार के बयान दर्ज किए। इसके अलावा एसडीएम ने खरड़ नगर काउंसिल के कई अधिकारियों के नक्शा पास करने और बेसमेंट खोदे जाने की जानकारी लेने के लिए बयान दर्ज किए। खरड़ नगर काउंसिल के ईओ संगीत कुमार ने बताया कि बिल्डर इस बिल्डिंग का नक्शा पास करवा चुका था।

छाती पर 15 इंच लंबा जख्म होने से हुई तीन बेटियों के पिता हरविंदर की मौत
हरविंदर सिंह की मौत छाती पर 15 इंच लंबा गहरा जख्म हो गया था, जो उसकी मौत का कारण बना है। यह बात पोस्टमार्टम में सामने आई है। जिस जेसीबी मशीन को हरविंदर सिंह चला रहा था, बिल्डिंग गिरने से उसी जेसीबी मशीन की छत का लोहा उसकी छाती को चीर गया था। मलबे में दबने से हरविंदर के हाथों, टांगों और छाती की हडिड्यां टूट गई थीं। उसके सिर पर गहरा घाव था। मृतक के भाई सुरिंदर ने बताया कि हरविंदर सिंह की तीन बेटियां हैं।

दो साल पहले वह दुबई से लौटा था। दुबई में भी हरविंदर जेसीबी मशीन चलाने का काम करता था। यहां आने के बाद उसने काफी समय तक चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घड़ूआं में भी काम किया। तीन-चार दिन पहले ही उसने जेसीबी मशीन चलाने की नई नौकरी शुरू की थी। चर्चा है कि बिल्डर और हरविंदर के परिवार के बीच 20 लाख रुपए में समझौता हो गया है। हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

बिल्डर ने खुदाई करने से पहले नहीं दी थी नगर काउंसिल को जानकारी

खरड़ में तीन मंजिला बिल्डिंग के जमींदोज होने के मामले की सीएम के आदेश पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जांच में कई खामियां सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरूआती जांच में सामने आया है कि बिल्डर ने बेसमेंट की खुदाई संबंधी नगर काउंसिल को सूचना ही नहीं दी थी। जबकि खुदाई की वजह से ही यह हादसा हुआ है। इसके साथ ही पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि बिल्डर ने बिल्डिंग का नक्शा और बेसमेंट की मंजूरी नगर काउंसिल से ले रखी थी। लेकिन बिल्डर ने काउंसिल को बेसमेंट की खुदाई के बारे में सूचना नहीं दी थी। जबकि बिल्डर की जिम्मेदारी है कि जब भी बेसमेंट की खुदाई  शुरू करे तो पहले नगर काउंसिल को सूचित करे। इसके बाद नगर काउंसिल की टीम मौके पर जगह की जांच करती है। इसके बाद ही काम शुरू होता है।

मिली जानकारी के अनुसार बिल्डर ने प्रशासन के अधिकारियों को बताया है कि ठेकेदार ने सहमति से ही खुदाई शुरू की थी और उसने मिली परमिशन से ज्यादा जगह में खुदाई कर डाली थी। इसी कारण बिल्डिंग नीचे गिर गई थी। डीसी गिरीश दियालन ने कहा कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। जल्दी ही रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। बता दें कि सीएम अमरिंदर सिंह ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने सात दिन में रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।

रात साढ़े 12 बजे तक चला बचाव कार्य
डीसी ने बताया कि शुक्रवार-शनिवार की रात साढ़े 12 बजे एनडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य चलाया। रात को स्नीफर डॉग अंदर गए थे। जिसके बाद साफ हो गया कि अब मलबे में कोई नहीं बचा है। इसके बाद यह काम बंद कर दिया गया। हालांकि रविवार को पूरा दिन मलबे को हटाने की कार्रवाई चलती रही।
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