गौ रक्षकों को आईकार्ड जारी करने की घोषणा का मामला जाएगा हाईकोर्ट
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गौ रक्षकों के नाम पर हो रही गुंडागर्दी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट मोहम्मद अर्शद आज जनहित याचिका दाखिल कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में तहसीन पूनावाला की याचिका में हरियाणा को शामिल न करने के चलते उन्होंने हरियाणा का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सामने जनहित याचिका के तौर पर रखने का निर्णय लिया है।
मामले में एडवोकेट मोहम्मद अर्शद ने कहा कि हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि गौ रक्षकों को आई कार्ड जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला सही नहीं है क्योंकि अभी तक कितने ही वीडियो सामने आ चुके हैं जहां खुद को गौ रक्षक बताने वाले सरेआम लोगों को पीट कर आतंक मचाते हैं।
'गौ रक्षकों के नाम पर हो रही गुंडागर्दी को बंद किया जाए'
हाल ही में हुए डिंगरहेडी गैंगरेप और मर्डर को इस मामले से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष ने जो अपने बयान दर्ज करवाएं हैं उसमें यह साफ कहा गया है कि उनके साथ वारदात को अंजाम देने वाले कह रहे थे कि तुम गौ को मारते हो उसे खाते हो इसलिए यह सब कर रहे हैं।
एडवोकेट अर्शद ने कहा कि गौ रक्षकों को लेकर तहसीन पूनावाला ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया था। इस याचिका में हरियाणा को शामिल नहीं किया गया इसके चलते यह याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह जनहित याचिका वे मंगलवार को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में फाईल कर देंगे और इसी सप्ताह इसपर सुनवाई संभव हो सकेगी। हरियाणा में यह मामला बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी हाल ही में शाहबाद में कथित तौर पर एक व्यक्ति की गौ रक्षकों ने हत्या कर दी थी।
इसके बाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि गौ रक्षकों के नाम पर हो रही गुंडागर्दी को बंद किया जाए।