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हरियाणा सरकार के छोटे-छोटे खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी से 'कैग' नाखुश, पत्र लिखकर जताई आपत्ति
Wed, 11 Dec 2019 12:46 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 11 Dec 2019 12:46 PM IST
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फाइल फोटो
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हरियाणा सरकार के छोटे खर्चों में भारी वृद्धि होने पर कैग ने आपत्ति जाहिर की है। सरकार के सालाना बजट के मुख्य शीर्ष की तुलना लघु शीर्ष में पचास फीसदी ज्यादा व्यय हो रहा है। इसे लेकर प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने बीते दिनों पत्र लिखकर वित्त महकमे से नाराजगी जताई है। इससे पहले भी समय-समय पर वित्त महकमे के संज्ञान में यह मामला लाया जा चुका है।
प्रधान महालेखाकार कार्यालय के निर्देशों को सरकार ने गंभीरता से लिया है और वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा है कि लघु शीर्ष-800 अन्य व्यय में मुख्य शीर्ष से पचास प्रतिशत अधिक खर्च हुआ है।
प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने इच्छा जताई है कि मुख्य शीर्ष की समीक्षा की जाए। 800-लघु शीर्ष की बजाए अन्य छोटे शीर्ष में भी बजट स्वीकृति लें, जिससे एक ही शीर्ष में अत्याधिक छोटे खर्चों से बचा जा सकेगा। वित्त महकमे ने भविष्य में कैग की आपत्ति से बचने के लिए नई व्यवस्था भी लागू कर दी है।
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अब लघु शीर्ष-800 अन्य व्यय के तहत सबहेड विभाग अपनी मर्जी से नहीं खोल सकेंगे, इसके लिए विभागाध्यक्षों को पहले व्यक्तिगत तौर पर प्रधान महालेखाकार ओर उसके बाद प्रतिनिधियों को नए सबहेड खोलने के लिए संपर्क करना होगा। इसके बाद ही वित्त महकमे को बजट मंजूरी के लिए केस भेजे जा सकेंगे। प्रधान महालेखाकार कार्यालय की व्यवस्था अनुसार वित्त महकमा वित्तीय प्रबंधन करेगा।
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प्रधान महालेखाकार कार्यालय के निर्देशों को सरकार ने गंभीरता से लिया है और वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा है कि लघु शीर्ष-800 अन्य व्यय में मुख्य शीर्ष से पचास प्रतिशत अधिक खर्च हुआ है।
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प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने इच्छा जताई है कि मुख्य शीर्ष की समीक्षा की जाए। 800-लघु शीर्ष की बजाए अन्य छोटे शीर्ष में भी बजट स्वीकृति लें, जिससे एक ही शीर्ष में अत्याधिक छोटे खर्चों से बचा जा सकेगा। वित्त महकमे ने भविष्य में कैग की आपत्ति से बचने के लिए नई व्यवस्था भी लागू कर दी है।
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अब लघु शीर्ष-800 अन्य व्यय के तहत सबहेड विभाग अपनी मर्जी से नहीं खोल सकेंगे, इसके लिए विभागाध्यक्षों को पहले व्यक्तिगत तौर पर प्रधान महालेखाकार ओर उसके बाद प्रतिनिधियों को नए सबहेड खोलने के लिए संपर्क करना होगा। इसके बाद ही वित्त महकमे को बजट मंजूरी के लिए केस भेजे जा सकेंगे। प्रधान महालेखाकार कार्यालय की व्यवस्था अनुसार वित्त महकमा वित्तीय प्रबंधन करेगा।
ग्रांट इन एड के लिए भी होगा व्यवस्थित खाता
हरियाणा सरकार की ओर से दी जाने वाली ग्रांट इन एड का भी अब व्यवस्थित खाता होगा। प्रधान महालेखाकार कार्यालय द्वारा वित्तीय कुप्रबंधन को संज्ञान में लाने के बाद वित्त महकमे ने यह निर्णय लिया है। जरूरत पड़ने पर इसके लिए खोले जाने वाले लघु शीर्ष भी विभागों को सुझा दिए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र और उपक्रमों को वित्तीय सहायता के लिए 190 नंबर लघु शीर्ष होगा।
नगर निगमों के लिए 191 नंबर, नगर पालिकाओं व परिषदों केलिए 192 नंबर, नगर पंचायत, नगर समिति के लिए 193 नंबर, सहकारी क्षेत्र के लिए 195 नंबर, जिला परिषद के लिए 196 नंबर, ब्लॉक समिति के लिए 197 नंबर, ग्राम पंचायत के लिए 198 नंबर व अन्य गैर सरकारी संस्थानों को 199 नंबर लघु शीर्ष के जरिए ग्रांट इन एड मुहैया कराई जाएगी।
नगर निगमों के लिए 191 नंबर, नगर पालिकाओं व परिषदों केलिए 192 नंबर, नगर पंचायत, नगर समिति के लिए 193 नंबर, सहकारी क्षेत्र के लिए 195 नंबर, जिला परिषद के लिए 196 नंबर, ब्लॉक समिति के लिए 197 नंबर, ग्राम पंचायत के लिए 198 नंबर व अन्य गैर सरकारी संस्थानों को 199 नंबर लघु शीर्ष के जरिए ग्रांट इन एड मुहैया कराई जाएगी।