{"_id":"5ef446f78ebc3e433a62c48f","slug":"cag-asked-to-haryana-government-to-provide-revenue-earnings-record","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कैग ने हरियाणा सरकार से तलब किया राजस्व प्राप्तियों का रिकॉर्ड, कार्रवाई के बारे भी बताना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैग ने हरियाणा सरकार से तलब किया राजस्व प्राप्तियों का रिकॉर्ड, कार्रवाई के बारे भी बताना होगा
Thu, 25 Jun 2020 12:11 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 25 Jun 2020 12:11 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैग ने हरियाणा सरकार से वित्त वर्ष 2019-20 के बजट अनुमान अनुरूप राजस्व प्राप्तियों व व्यय का ब्योरा तलब किया है। महालेखाकार लेखा परीक्षा ने यह विवरण जल्द उपलब्ध कराने के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसके बाद वित्त विभाग ने हरकत में आते हुए सभी विभागाध्यक्षों को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। कैग को हर वर्ष 31 मार्च को खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष की डिटेल स्टडी रिपोर्ट तैयार करनी होती है।
इसमें सरकार के हर विभाग की पूरी कुंडली मौजूद रहती है। कैग विस्तार से बताता है कि किस विभाग का बजट अनुमान कितना था, कितनी राशि खर्च हुई, कितनी राजस्व प्राप्तियां अनुमान के फलस्वरूप आईं, विभागों में क्या-क्या गड़बड़ियां हुईं व सरकार को राजस्व में कितना चूना लगा। सरकार को बजट अनुमान व खर्चों की रिपोर्ट हर वित्तीय वर्ष में अक्टूबर तक कैग को भेजनी होती है, लेकिन सूबे के अधिकांश सरकारी विभागों ने इसे अब तक नहीं भेजा, जिससे वित्त विभाग के लिए स्थिति असहज हो गई।
बजट खर्च व राजस्व प्राप्तियों का ब्योरा न मिलने पर आखिरकार महालेखाकार ऑडिट हरियाणा को वित्त विभाग को पत्र लिखना पड़ा। जिसका वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि बजट डिमांड व पदनाम, अनुमानित बजट कब प्राप्त हुआ, कितने दिन देरी से मिला, खर्च में देरी व राजस्व प्राप्ति समय पर न होने के कारण की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड निर्धारित प्रपत्र में तुरंत भेजें। वित्त विभाग ने इससे सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों को भी अवगत कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें सरकार के हर विभाग की पूरी कुंडली मौजूद रहती है। कैग विस्तार से बताता है कि किस विभाग का बजट अनुमान कितना था, कितनी राशि खर्च हुई, कितनी राजस्व प्राप्तियां अनुमान के फलस्वरूप आईं, विभागों में क्या-क्या गड़बड़ियां हुईं व सरकार को राजस्व में कितना चूना लगा। सरकार को बजट अनुमान व खर्चों की रिपोर्ट हर वित्तीय वर्ष में अक्टूबर तक कैग को भेजनी होती है, लेकिन सूबे के अधिकांश सरकारी विभागों ने इसे अब तक नहीं भेजा, जिससे वित्त विभाग के लिए स्थिति असहज हो गई।
विज्ञापन
बजट खर्च व राजस्व प्राप्तियों का ब्योरा न मिलने पर आखिरकार महालेखाकार ऑडिट हरियाणा को वित्त विभाग को पत्र लिखना पड़ा। जिसका वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि बजट डिमांड व पदनाम, अनुमानित बजट कब प्राप्त हुआ, कितने दिन देरी से मिला, खर्च में देरी व राजस्व प्राप्ति समय पर न होने के कारण की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड निर्धारित प्रपत्र में तुरंत भेजें। वित्त विभाग ने इससे सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों को भी अवगत कराया है।
विज्ञापन
कैग रिपोर्ट खोलती है वित्तीय अनियमितताओं की पोल
कैग हर साल सरकार के बजट खर्च व राजस्व प्राप्तियों का आकलन कर सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों व सार्वजनिक उपक्रमों में हुई वित्तीय अनियमितताओं की पोल खोलता है। विभाग अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए समय पर ब्योरा नहीं भेजते। चूंकि, कैग गड़बड़ी पकड़े जाने पर कड़ी टिप्पणियां करता है। जिसमें राजस्व हानियों पर पूरा प्रकाश डाला जाता है।
खनन समेत अनेक घोटाले किए उजागर
कैग अपनी पिछली रिपोर्ट में हरियाणा में खनन घोटाले के कारण हुए राजस्व नुकसान को उजागर कर चुका है। ठेकेदारों ने सरकार को कितना चूना लगाया, इसका ठेकों अनुसार पूरा डाटा कैग ने प्रस्तुत किया था। अन्य विभागों में भी कितनी राजस्व हानि हुई व कितनी कम प्राप्तियां हुईं, इसे भी सार्वजनिक किया गया था। विभाग कैग की रिपोर्ट पर कार्रवाई का ब्योरा तक नहीं देते हैं।
खनन समेत अनेक घोटाले किए उजागर
कैग अपनी पिछली रिपोर्ट में हरियाणा में खनन घोटाले के कारण हुए राजस्व नुकसान को उजागर कर चुका है। ठेकेदारों ने सरकार को कितना चूना लगाया, इसका ठेकों अनुसार पूरा डाटा कैग ने प्रस्तुत किया था। अन्य विभागों में भी कितनी राजस्व हानि हुई व कितनी कम प्राप्तियां हुईं, इसे भी सार्वजनिक किया गया था। विभाग कैग की रिपोर्ट पर कार्रवाई का ब्योरा तक नहीं देते हैं।