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Hindi News ›   Chandigarh ›   Broken roads, lack of drinking water and start buying in Mandi

टूटी सड़कें, पेयजल की कमी और मंडी में खरीद शुरू

Thu, 02 Oct 2014 01:04 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र Updated Thu, 02 Oct 2014 01:04 AM IST
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सीजन शुरू होने से पहले अनाजमंडी में पुख्ता प्रबंध कर समस्याएं दूर करने के प्रशासनिक दावों बुधवार को हवा हो गए।
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सरकारी एजेंसियों ने खरीद कार्य तो शुरू कर दिया गया लेकिन किसानों की समस्याएं दूर करने में मार्केट अधिकारी सफल नहीं हो पाए।

अनाज मंडी में सड़कों की मरम्मत का कार्य अधर में है। जबकि पेयजल के लिए भी किसानों व मजदूरों को दूरी तय करनी पड़ रही है।

इसके अलावा कहीं-कहीं गंदगी के ढेर भी दिखाई दिए। मार्केट अधिकारी अभी भी पुख्ता प्रबंध किए जाने के दावे कर रहे हैं।

लेकिन जब उनसे समस्याओं की बात कही गई, तो वे कुछ संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। टूटी सड़कें, शौचालयों में बदहाली और पेयजल संकट अनाजमंडी के हालात बयां करने के लिए काफी हैं।

नई अनाजमंडी में सड़कों का बुरा हाल
कुरुक्षेत्र नई अनाजमंडी में सड़कों का बुरा हाल है, जबकि गड्ढों में मिट्टी और सफाई अव्यवस्था चरमराना अधिक परेशानी का सबब है।

इसके अलावा शौचालय का भी बुरा हाल है, जिसके कारण न सिर्फ किसान, बल्कि मजदूर भी परेशान हैं। पिछले सीजन में भी इन्हीं समस्याओं को लेकर किसानों ने रोष व्यक्त किया था, लेकिन अभी तक इनका हल नहीं हो पाया है।
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शाहाबाद अनाजमंडी में भी टूटी सड़कें
शाहाबाद अनाजमंडी तो समस्याओं से जूझ रही है। जहां टूटी सड़कें इसकी प्रमुख समस्याओं में से एक है, वहीं किसानों को शौचालय के लिए भी करीब एक किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है।
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ट्रॉली को लगते हैं झटके
फसल लेकर अनाजमंडी पहुंचे युवा किसान शैंकी सैनी ने कहा कि मंडी में सड़कों का बुरा हाल है। ट्रॉली लेकर आने पर झटकों के कारण व्यक्ति को काफी परेशानी होती है।

प्रशासन हर बार समस्याओं को दूर करने दावा करता है, लेकिन प्रत्येक सीजन की प्रमुख समस्या टूटी सड़कों की मरम्मत कराने में अधिकारी हमेशा नाकाम रहते हैं।

उचित भाव नहीं मिल रहा
युवा किसान गुरविंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को फसल का उचित भाव नहीं मिल रहा। किसानों की मेहनत की सही कीमत नहीं मिल रहा है और आढ़ती मनमाना रेट दे रहे हैं।

खरीद के हैं पुख्ता प्रबंध : सचिव
मार्केट सचिव दलेल सिंह ने कहा कि खरीद के पुख्ता प्रबंध किए हैं। खरीद कार्य में लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जब उनसे टूटी सड़कों और पेयजल की समस्या के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह उनके अंडर नहीं है।

अभी खरीद की डिटेल नहीं आई
मार्केट सचिव दलेल सिंह ने कहा कि अभी तक उनके पास कुल कितनी खरीद हुई है, इसका विवरण नहीं आया है। यह जानकारी देररात तक ही मिल पाएगी।

इस्माईलाबाद अनाजमंडी में सरकारी खरीद शुरू हो गई है। इसके चलते आढ़तियों और किसानों ने राहत की सांस ली। मार्केट कमेटी सचिव रामकुमार दहिया ने बताया कि कस्बे की अनाजमंडी में सरकारी खरीद का जिम्मा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वेयरहाउस और हैफेड को सौंपा है।


जिसमें वेयरहाउस की ओर से खरीद का कार्य मैनेजर जनेश्वर प्रसाद करेंगे। जबकि खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार और हैफड एजेंसी दो दिन बाद ही अनाजमंडी से खरीद का कार्य शुरू करेगी।
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