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रिश्वतकांडः प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशासक को दिए उचित कार्रवाई के निर्देश, शिकायतकर्ता ने लगाई थी गुहार
Sat, 15 Aug 2020 09:49 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2020 09:49 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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मनीमाजरा की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर से जुड़े दो लाख रुपये की रिश्वत प्रकरण में प्रधानमंत्री ने यूटी प्रशासक को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दरअसल, 8 जुलाई 2020 को शिकायतकर्ता प्रेम सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह धमकियां मिलने के कारण खतरा महसूस कर रहे हैं।
चंडीगढ़ पुलिस उन्हें झूठे मामलों में फंसा सकती है। वह खुद को अकेला भी महसूस कर रहे हैं, इसलिए उन्हें सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने पत्र में यह भी कहा था कि उन्हें और उनके बिजनेस पार्टनर जोसेफ को लगातार धमकियां मिल रही हैं। जोसेफ इस मामले में गवाह हैं।
आरोप के मुताबिक, मनीमाजरा की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर, सेक्टर-31 थाने के एसएचओ राजदीप सिंह और कांस्टेबल अशोक की तरफ से उन्हें धमकियां दी जा रहीं हैं। पत्र में उन्होंने कहा था कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही मामले से संबधित कुछ स्थानों के सीसीटीवी फुटेज संरक्षित करने और कुछ मोबाइल नंबरों का विवरण दिए जाने का आदेश दिया जाए।
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आरोप के मुताबिक, वर्ष 2017 में बिष्ट के तीन कर्मचारियों को हत्या के प्रयास के केस से बाहर निकालने के एवज में एसआई मोहन सिंह ने तत्कालीन सेक्टर-31 थाना एसएचओ जसविंदर कौर के कहने पर नौ लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से आठ लाख रुपये जसविंदर को जाने थे। जब एसआई मोहन सिंह रिश्वत की पहली किश्त दो लाख रुपये लेने के सेक्टर 31 मार्केट पहुंचा तो सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था।
फरवरी 2020 में शिकायतकर्ता ने जिला अदालत में याचिका दायर कर जसविंदर कौर को आरोपी बनाने की मांग की थी। इसके बाद डीआईजी ने जसविंदर कौर पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से मना कर दिया था।
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चंडीगढ़ पुलिस उन्हें झूठे मामलों में फंसा सकती है। वह खुद को अकेला भी महसूस कर रहे हैं, इसलिए उन्हें सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने पत्र में यह भी कहा था कि उन्हें और उनके बिजनेस पार्टनर जोसेफ को लगातार धमकियां मिल रही हैं। जोसेफ इस मामले में गवाह हैं।
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आरोप के मुताबिक, मनीमाजरा की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर, सेक्टर-31 थाने के एसएचओ राजदीप सिंह और कांस्टेबल अशोक की तरफ से उन्हें धमकियां दी जा रहीं हैं। पत्र में उन्होंने कहा था कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही मामले से संबधित कुछ स्थानों के सीसीटीवी फुटेज संरक्षित करने और कुछ मोबाइल नंबरों का विवरण दिए जाने का आदेश दिया जाए।
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आरोप के मुताबिक, वर्ष 2017 में बिष्ट के तीन कर्मचारियों को हत्या के प्रयास के केस से बाहर निकालने के एवज में एसआई मोहन सिंह ने तत्कालीन सेक्टर-31 थाना एसएचओ जसविंदर कौर के कहने पर नौ लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से आठ लाख रुपये जसविंदर को जाने थे। जब एसआई मोहन सिंह रिश्वत की पहली किश्त दो लाख रुपये लेने के सेक्टर 31 मार्केट पहुंचा तो सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था।
फरवरी 2020 में शिकायतकर्ता ने जिला अदालत में याचिका दायर कर जसविंदर कौर को आरोपी बनाने की मांग की थी। इसके बाद डीआईजी ने जसविंदर कौर पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से मना कर दिया था।