Chandigarh: पीजीआई में जल्द शुरू होंगी ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट सर्जरी, गंभीर मरीज भी सुन सकेंगे
ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांटेशन उन रोगियों में किया जाता है, जिनमें कोक्लीय और कोक्लियर तंत्रिका या तो नहीं हैं या अच्छी तरह से काम नहीं कर रही हैं। वयस्कों में ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट द्विपक्षीय ध्वनिक न्यूरोमा को हटाने के बाद किया जाता है। ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट कोक्लीय और कोक्लियर नर्व को बायपास करता है। इंप्लांट को ब्रेन स्टेम में रखा जाता है।
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चंडीगढ़ पीजीआई में जल्द ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट (एबीआई) सर्जरी शुरू होने जा रही है। इसके साथ पीजीआई देश के उन केंद्रों में शामिल हो जाएगा, जहां ये सर्जरी हो रही है।
अभी यह सुविधा एम्स नई दिल्ली, एसजीपीजीआई लखनऊ और कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल मुंबई के साथ में उपलब्ध है। इसके बाद पीजीआई भी उन अस्पतालों के एक विशेष समूह का हिस्सा होगा, जो उन रोगियों के लिए जीवन बदलने में सहायक होगा, जो श्रवण तंत्रिकाओं की क्षति के कारण कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी नहीं करा सकते हैं। हालांकि, इस तकनीक का प्रयोग करते हुए पीजीआई में 2022 में ट्रायल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी है।
उस कड़ी को आगे बढ़ाने और इसकी पूरी तरह से शुरुआत के लिए संस्थान में पहली बार ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसमें अब तक रिकॉर्ड 103 एबीआई सर्जरी करने वाले मद्रास ईएनटी रिसर्च फाउंडेशन, चेन्नई के संस्थापक पद्मश्री प्रो. मोहन कामेश्वरन स्थानीय सर्जनों और चिकित्सा पेशेवरों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रो. कामेश्वरन ने बताया कि यह एक जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए सर्जनों, ऑडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट और पुनर्वास विशेषज्ञों की एक समर्पित उच्च कुशल टीम की आवश्यकता होती है, जबकि विशेषज्ञता का स्तर आमतौर पर अधिकांश संस्थानों में नहीं पाया जाता है। उन्होंने बताया कि हमने एबीआई सर्जरी को समझने और लागू करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ खोजा जाना बाकी है। इस क्षेत्र का विस्तार जारी रहेगा, जिससे हम मस्तिष्क व श्रवण कार्यों को समझने और उनका इलाज करने के तरीके पर गहरा प्रभाव डालेंगे।
पीजीआई में एबीआई कार्यशाला के आयोजन अध्यक्ष डॉ. रमनदीप विर्क ने कहा कि यह कार्यशाला क्षेत्र में श्रवण स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पेशेवरों के बीच सहयोग, नवाचार और शिक्षा को बढ़ावा देता है, जो इस विशेष क्षेत्र में रोगी परिणामों को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस कार्यशाला में एम्स दिल्ली, एसजीपीजीआई लखनऊ और कोकिलाबेन अस्पताल मुंबई के विशेषज्ञ तकनीक पर चर्चा करेंगे।
ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट आप भी जानें
ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट सुनने की शक्ति खो देने वाले लोगों को सुनने की शक्ति वापस लौटाने के लिए किया जाता है। यह ट्रीटमेंट उन्हीं लोगों के लिए है, जो सुन नहीं सकते हैं। आमतौर पर यह एक बहुत छोटी ऑडिटरी नर्व या आंतरिक कान के न होने पर किया जाता है। ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट सीधे ब्रेन के मार्ग में ऑडिटरी मार्ग को उत्तेजित कर आंतरिक कान और ऑडिटरी नर्व को दरकिनार करता है। ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इंप्लांट मूलरूप से न्यूरोफा इब्रोमैटोसिस टाइप 2 के निदान वाले लोगों के लिए निकाला गया था। यह एक रेयर जेनेटिक स्थिति है, जो ट्यूमर को नसों पर बढ़ने का कारण बनती है।