{"_id":"d15c62c7486d7df1528f0006e7c4fa5b","slug":"blackmail-women-young-married-leave-in-relationship-pathankot-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रकम लौटाने से बचने के लिए बुना ब्लैकमेलिंग का जाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रकम लौटाने से बचने के लिए बुना ब्लैकमेलिंग का जाल
Updated Sat, 06 Sep 2014 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रकम लौटाने से बचने के लिए बुना ब्लैकमेलिंग का जाल
धोखाधड़ी के एक मामले में पूर्ण नगर निवासी महिला के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला व उसका साथ देने वाले भाई की तलाश में पुलिस छापामारी कर रही है। पुलिस के अनुसार रीतिका सलारिया पुत्री हंस राज सलारिया निवासी पूर्ण नगर उच्ची पुली ने करीब डेढ़ साल पहले अजय कपूर पुत्र मोहिंद्र प्रताप निवासी गार्डन कालोनी, मिशन रोड का लमीनी स्थित घर किराए पर लिया था।
घर के मालिक अजय ने बताया कि रीतिका का तलाक हो चुका था। उसका अपने मायके पक्ष से भी रिश्ता ठीक न होने के कारण वह किराए के मकान में रहती थी। रीतिका ने किराए के घर में एक ब्यूटी पार्लर खोल रखा था। आरोप है कि 17 जनवरी 2014 को रीतिका ने उनका मकान यह कहकर खाली कर दिया कि उसके पार्लर का काम ठीक नहीं चलता। ऐसे में किराया देने में मुश्किल हो रही है।
इस दौरान रीतिका ने अजय से साढे़ 3 लाख रुपये की मदद मांगी। जान पहचान होने के कारण अजय ने रीतिका को साढ़े 3 लाख रुपये दे दिए। इस दौरान रीतिका ने अजय को एक पोस्ट डेट चैक भी दिया, जिसमें राशि चुकाने की रकम 15 मई 2014 लिखी थी। अजय ने बताया कि जब रकम चुकाने की तिथि नजदीक आई, तो उसके करीब एक सप्ताह पहले अजय ने रीतिका से संपर्क किया, तो रीतिका पैसे देने में टालमटोल करने लगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जब दोबारा उन्होंने रीतिका से पैसे मांगे, तो 13 मई 2014 को रीतिका ने ममून थाने में अजय के खिलाफ एक झूठी शिकायत दर्ज करवा दी, जिसमें आरोप लगाया कि अजय की और उसकी शादी हो चुकी है, लेकिन अजय उसे अपने घर से निकाल रहा है। इसके अलावा रीतिका ने यह भी आरोप लगाया था कि वह और अजय लिव-इन-रिलेश्नशिप में है, लेकिन अब वह मुझे खर्चा नहीं दे रहा। झूठी शिकायत दर्ज होने के बाद ही ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हुआ।
भाई ने की आरोपी की मदद
अजय ने बताया कि रीतिका ने अपने भाई विनोद सलारिया की मदद से झूठे आईडी प्रूफ भी तैयार करवा लिए थे। रीतिका ने एक ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें पति के स्थान पर अजय का नाम लिखा हुआ था, तैयार करवाया। इसके बाद उस प्रूफ पर एक झूठा आधार कार्ड भी तैयार करवा लिया।
विज्ञापन
धोखाधड़ी के एक मामले में पूर्ण नगर निवासी महिला के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला व उसका साथ देने वाले भाई की तलाश में पुलिस छापामारी कर रही है। पुलिस के अनुसार रीतिका सलारिया पुत्री हंस राज सलारिया निवासी पूर्ण नगर उच्ची पुली ने करीब डेढ़ साल पहले अजय कपूर पुत्र मोहिंद्र प्रताप निवासी गार्डन कालोनी, मिशन रोड का लमीनी स्थित घर किराए पर लिया था।
घर के मालिक अजय ने बताया कि रीतिका का तलाक हो चुका था। उसका अपने मायके पक्ष से भी रिश्ता ठीक न होने के कारण वह किराए के मकान में रहती थी। रीतिका ने किराए के घर में एक ब्यूटी पार्लर खोल रखा था। आरोप है कि 17 जनवरी 2014 को रीतिका ने उनका मकान यह कहकर खाली कर दिया कि उसके पार्लर का काम ठीक नहीं चलता। ऐसे में किराया देने में मुश्किल हो रही है।
विज्ञापन
इस दौरान रीतिका ने अजय से साढे़ 3 लाख रुपये की मदद मांगी। जान पहचान होने के कारण अजय ने रीतिका को साढ़े 3 लाख रुपये दे दिए। इस दौरान रीतिका ने अजय को एक पोस्ट डेट चैक भी दिया, जिसमें राशि चुकाने की रकम 15 मई 2014 लिखी थी। अजय ने बताया कि जब रकम चुकाने की तिथि नजदीक आई, तो उसके करीब एक सप्ताह पहले अजय ने रीतिका से संपर्क किया, तो रीतिका पैसे देने में टालमटोल करने लगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जब दोबारा उन्होंने रीतिका से पैसे मांगे, तो 13 मई 2014 को रीतिका ने ममून थाने में अजय के खिलाफ एक झूठी शिकायत दर्ज करवा दी, जिसमें आरोप लगाया कि अजय की और उसकी शादी हो चुकी है, लेकिन अजय उसे अपने घर से निकाल रहा है। इसके अलावा रीतिका ने यह भी आरोप लगाया था कि वह और अजय लिव-इन-रिलेश्नशिप में है, लेकिन अब वह मुझे खर्चा नहीं दे रहा। झूठी शिकायत दर्ज होने के बाद ही ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हुआ।
भाई ने की आरोपी की मदद
अजय ने बताया कि रीतिका ने अपने भाई विनोद सलारिया की मदद से झूठे आईडी प्रूफ भी तैयार करवा लिए थे। रीतिका ने एक ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें पति के स्थान पर अजय का नाम लिखा हुआ था, तैयार करवाया। इसके बाद उस प्रूफ पर एक झूठा आधार कार्ड भी तैयार करवा लिया।