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बगावत का दंश झेल रही भाजपा के तेवर तीखे
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 11 Sep 2014 07:26 PM IST
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टिकट वितरण के बाद बगावत का दंश झेल रही भाजपा के तेवर कम नहीं हुए हैं। भाजपा में शामिल होकर कुर्सी की चाहत रखने वाले नेताओं को पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें टिकट देने का आश्वासन नहीं दिया गया था। पार्टी के आला नेता टिकट वितरण के बाद बागियों को यह आश्वासन दे रही है कि दूसरी सूची में उन पर विचार किया जाएगा।
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असंतुष्टों का मनाने का प्रयास तेज
भाजपा की पहली सूची के ऐलान के बाद कई हलकों में बगावत के बाद पार्टी में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। नाराज दावेदारों को मानने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने असंतुष्ट धड़े को मनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटियां लगा दी हैं।
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किसी को आश्वासन नहीं
दूसरे दल से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का मूड बना कर आने वाले नेताओं के बारे में पार्टी के एक वरिष्ठ नेता स्पष्ट किया है कि हमने किसी को आश्वासन देकर शामिल नहीं करवाया है।
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दूसरी सूची में भी किसी रिश्तेदार को टिकट नहीं:
भाजपा की दूसरी सूची में भी किसी नेता पुत्र या पुत्री के रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाएगा। एक दौर के टिकट वितरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है। लिहाजा उन नेताओं के मंसूबाें पर पानी फिर सकता है जो अपने रिश्तेदार को टिकट दिलवाने के लिए प्रयासरत थे।
इनके चुनाव लड़ने पर संशय:
भाजपा में अहीरवाल के दिग्गज राव इंद्रजीत की पुत्री आरती यादव, फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर के पुत्र देवेंद्र गुर्जर, अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया के टिकट पर संशय है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात के संकेत दिए हैं।
भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज से सीधी बात
. दूसरे दल से आने वाले जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला उन्हें कैसे मनाएंगे?
- ऐसे लोगों की शिकायत सुनकर उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा। उन्हें परिस्थितियों से अवगत करवाएंगे। सब ठीक हो जाएगा।
.जो चुनाव लड़ने का मूड बनाकर भाजपा में शामिल हुए हैं उनका क्या?
- पार्टी ज्वाइन करते समय किसी को टिकट का आश्वासन देकर शामिल नहीं किया गया था। यदि आश्वासन देते तो कांग्रेस से आने वालों की लाइन लगी थी। ऐसा भी नहीं है कि ऐसे नेताओं को विचार नहीं किया जाएगा। अगर सीटें होंगी, तो उन्हें वरीयता दी जाएगी।
. संबंधियों के लिए टिकट मांग रहे भाजपा नेताओं का क्या होगा?
- इस बार संबंधियों को पूरी तरह गुडबाय है। जिन 43 लोगों को टिकट दिया गया है। उनमें से कई लोग रिश्तेदारों के लिए टिकट मांग रहे थे।
.जो नेता अपने पुत्र और पुत्रियों के लिए टिकट मांग रहे हैं उनका क्या होगा?
मैं किसी का नाम नहीं लूंगा। लेकिन ऐसे किसी भी दावेदार को पार्टी टिकट नहीं देने का मन बना चुकी है।