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पीयू सीनेट सदस्यों के नोटिफिकेशन के बिना ही भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, लंच पर पहुंचे 41 सदस्य
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव के सदस्यों की अधिसूचना हुए बिना ही भाजपा खेमे ने शक्ति प्रदर्शन किया। सीनेट चुनाव जीतने वाले और मनोनीत सदस्यों को उन्होंने लंच पर बुलाया, जिसमें 42 सदस्यों के पहुंचने का दावा किया गया।
15 सदस्यों के फोन भी भाजपा खेमे का संचालन कर रहे लोगों के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे किन्ही कारणों से बैठक में नहीं आ पा रहे हैं, लेकिन वे उनके साथ हैं। वहीं कांग्रेसी खेमे और गोयल ग्रुप ने कहा है कि सबसे पहले सदस्यों की अधिसूचना होनी चाहिए थी, लेकिन भाजपा खेमे के जुड़े मुख्य लोग अधिसूचना नहीं होने दे रहे हैं। अधिसूचना के बिना आज तक ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है। भाजपा खेमे ने पहली बार ऐसी बैठक करके यह साबित कर दिया कि वे ग्रुपबाजी में विश्वास रखते हैं और पीयू की बेहतरी के लिए काम नहीं करेंगे।
पीयू सीनेट में लंबे समय से कांग्रेसी खेमे का दबदबा रहा है। हर किसी निर्णय को कांग्रेसी खेमा पल भर में बदल सकता था और कुछ भी कर सकने में सक्षम था। इस बार सीनेट चुनाव लगभग डेढ़ साल बाद हुए। भाजपा ने पहले ही पूरी तैयारी कर रखी थी कि इस बार हर हाल में पीयू सीनेट में वे ऐसा नहीं होने देंगे।उन्होंने पहले ही सीनेट चुनाव के मनोनीत सदस्यों की सूची जारी करवा दी। सीनेट चुनाव जीतने वाले सदस्यों की अधिसूचना अब तक नहीं हुई। सभी के अधिसूचना के बाद ही सीनेट की पहली बैठक होगी। इसी बीच भाजपा खेमे ने वीरवार को दोपहर को लंच पर पंजाब यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली हॉल में चुनाव जीतने वाले और मनोनीत सदस्यों को बुलाया।
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बताया जाता है कि इस बैठक में कहा तो यह गया है कि पीयू की बेहतरी के लिए सीनेटर इकट्ठे हुए हैं, लेकिन इस बैठक का माजरा कुछ अलग था। कुछ सीनेटर ने बताया कि यह भाजपा खेमे की ओर से एक तरह से शक्ति प्रदर्शन ही था ताकि इस लंच के माध्यम से यह पता लग सके कि उनके खेमे के साथ कितने सीनेटर जुड़े हुए हैं। यह भी बताया कि ऐसे सीनेटर भी इस लंच पर पहुंचे जो कांग्रेसी खेमे में एक समय में कद्दावर भूमिका अदा किया करते थे। मालूम हो कि सीनेट में 92 सदस्य होते हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी खेमे के भी कुछ सदस्यों ने वीरवार को बैठक की. लेकिन उन्होंने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन नहीं है। वे तो आम दिनों की तरह ही आपस में बैठे थे।
कोट्स
पीयू की बेहतरी के लिए बुलाई बैठक :
पीयू की बेहतरी के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसमें सभी शामिल हुए सभी सीनेटरों का लक्ष्य है कि पीयू को आगे लेकर जाएं और शैक्षणिक संस्थान की बेहतरी के लिए काम किया जाएगा। हम किसी भी ग्रुपबाजी में विश्वास नहीं रखते हैं। -सत्यपाल जैन, पीयू सीनेटर और पूर्व सांसद
भाजपा ग्रुप के कारण ही सीनेट गठन में देरी
भाजपा ग्रुप की ओर से ही सीनेट के चुनाव में देरी के साथ सीनेट के गठन में भी देरी करवाई जा रही है। हमें बैठक के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला था और अगर उनका यह कहना है कि 42 सीनेटर उनके साथ हैं तो क्या बाकी उनके साथ नहीं है ? आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ है कि सीनेट के गठन से पहले ऐसे कोई बैठक बुलाई गई हो। -डॉ. नवदीप गोयल, पीयू सीनेटर और गोयल ग्रुप संचालक
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15 सदस्यों के फोन भी भाजपा खेमे का संचालन कर रहे लोगों के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे किन्ही कारणों से बैठक में नहीं आ पा रहे हैं, लेकिन वे उनके साथ हैं। वहीं कांग्रेसी खेमे और गोयल ग्रुप ने कहा है कि सबसे पहले सदस्यों की अधिसूचना होनी चाहिए थी, लेकिन भाजपा खेमे के जुड़े मुख्य लोग अधिसूचना नहीं होने दे रहे हैं। अधिसूचना के बिना आज तक ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है। भाजपा खेमे ने पहली बार ऐसी बैठक करके यह साबित कर दिया कि वे ग्रुपबाजी में विश्वास रखते हैं और पीयू की बेहतरी के लिए काम नहीं करेंगे।
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पीयू सीनेट में लंबे समय से कांग्रेसी खेमे का दबदबा रहा है। हर किसी निर्णय को कांग्रेसी खेमा पल भर में बदल सकता था और कुछ भी कर सकने में सक्षम था। इस बार सीनेट चुनाव लगभग डेढ़ साल बाद हुए। भाजपा ने पहले ही पूरी तैयारी कर रखी थी कि इस बार हर हाल में पीयू सीनेट में वे ऐसा नहीं होने देंगे।उन्होंने पहले ही सीनेट चुनाव के मनोनीत सदस्यों की सूची जारी करवा दी। सीनेट चुनाव जीतने वाले सदस्यों की अधिसूचना अब तक नहीं हुई। सभी के अधिसूचना के बाद ही सीनेट की पहली बैठक होगी। इसी बीच भाजपा खेमे ने वीरवार को दोपहर को लंच पर पंजाब यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली हॉल में चुनाव जीतने वाले और मनोनीत सदस्यों को बुलाया।
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बताया जाता है कि इस बैठक में कहा तो यह गया है कि पीयू की बेहतरी के लिए सीनेटर इकट्ठे हुए हैं, लेकिन इस बैठक का माजरा कुछ अलग था। कुछ सीनेटर ने बताया कि यह भाजपा खेमे की ओर से एक तरह से शक्ति प्रदर्शन ही था ताकि इस लंच के माध्यम से यह पता लग सके कि उनके खेमे के साथ कितने सीनेटर जुड़े हुए हैं। यह भी बताया कि ऐसे सीनेटर भी इस लंच पर पहुंचे जो कांग्रेसी खेमे में एक समय में कद्दावर भूमिका अदा किया करते थे। मालूम हो कि सीनेट में 92 सदस्य होते हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी खेमे के भी कुछ सदस्यों ने वीरवार को बैठक की. लेकिन उन्होंने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन नहीं है। वे तो आम दिनों की तरह ही आपस में बैठे थे।
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पीयू की बेहतरी के लिए बुलाई बैठक :
पीयू की बेहतरी के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसमें सभी शामिल हुए सभी सीनेटरों का लक्ष्य है कि पीयू को आगे लेकर जाएं और शैक्षणिक संस्थान की बेहतरी के लिए काम किया जाएगा। हम किसी भी ग्रुपबाजी में विश्वास नहीं रखते हैं। -सत्यपाल जैन, पीयू सीनेटर और पूर्व सांसद
भाजपा ग्रुप के कारण ही सीनेट गठन में देरी
भाजपा ग्रुप की ओर से ही सीनेट के चुनाव में देरी के साथ सीनेट के गठन में भी देरी करवाई जा रही है। हमें बैठक के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला था और अगर उनका यह कहना है कि 42 सीनेटर उनके साथ हैं तो क्या बाकी उनके साथ नहीं है ? आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ है कि सीनेट के गठन से पहले ऐसे कोई बैठक बुलाई गई हो। -डॉ. नवदीप गोयल, पीयू सीनेटर और गोयल ग्रुप संचालक