Haryana: कुरुक्षेत्र पहुंचे जेपी नड्डा, बोले- पवित्र ग्रंथ गीता के ज्ञान से सात्विक शक्तियों की होगी 21वीं सदी
नड्डा ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में गीता ज्ञान संस्थानम अहम भूमिका अदा कर रहा है। इस पवित्र स्थल कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थानम प्रचार-प्रसार का एक अदभुत माध्यम बना है।
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21वीं सदी पवित्र ग्रंथ गीता के ज्ञान से सात्विक शक्तियों की होगी, जो सच्चाई के साथ खड़ी होगी। इन सात्विक शक्तियों के कारण देश और समाज का मान बढ़ेगा और भारत एक विकसित और उज्जवल राष्ट्र बनेगा। इसी लक्ष्य को लेकर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक राष्ट्र व्यापी सोच के साथ आगे बढ़ रहे है। इस राष्ट्र को विकसित बनाने का लक्ष्य किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं है अपितु यह भारत वर्ष का है। इसलिए इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी को सात्विक शक्तियों को पहचानना होगा। उक्त विचार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर सांध्यकालीन महाआरती और महापूजन कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, महोत्सव की पार्टनर कंट्री श्रीलंका के बुद्ध शासन, धार्मिक और धार्मिक सांस्कृतिक मामलों के मंत्री विदुरा विक्रमनायके, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद नायब सिंह सैनी, राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक सुभाष सुधा, डॉ. स्वामी शास्वतानंद महाराज, स्वामी राजेंद्र दास महाराज, पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, भाजपा महामंत्री एवं पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, भाजपा के जिलाध्यक्ष रवि बतान सहित जापान के प्रतिनिधिमंडल ने ब्रह्मसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में महापूजन और महाआरती कार्यक्रम में भाग लिया और ब्रह्मसरोवर की पूजा-अर्चना की।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि इस धरा पर ज्ञान और आध्यात्मिकता के दर्शन हो जाते हैं। इस धरा पर हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश दिए जो आज भी पूर्णत: प्रासंगिक हैं। इसी स्थान पर पूरे विश्व को ज्ञान मिला और आज के आधुनिक दौर में देश की प्राचीन संस्कृति, इतिहास, लुप्त हो रहे थे और लोग इस पावन धरा की महता को भूल रहे थे। किसी भी सरकार ने गीता जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की सोच नहीं रखी, लेकिन भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने देश की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता, कुरुक्षेत्र के महत्व और गीता के ज्ञान को फिर से पुनर्जीवित करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा दी और इसके संरक्षक बनके आगे बढ़े हैं। यह ग्रंथ किसी एक धर्म का ग्रंथ नहीं है अपितु पूरी मानवता का ग्रंथ है। पवित्र ग्रंथ गीता का विश्लेषण करने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं मिला ताकि इस ग्रंथ के किसी भी बिंदु पर तर्क दे सके। इस ग्रंथ को बार-बार पढ़ने से ही ज्ञान की प्राप्ति होगी और भविष्य में भी इस ग्रंथ के उपदेश प्रासंगिक रहेंगे।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयास से गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिला। इस ग्रंथ के माध्यम से युवा पीढ़ी को जागृत किया जा रहा है। श्रीलंका के सांस्कृतिक व पर्यटन मंत्री विदुरा विक्रमनायके ने कहा कि इस पावन धरा पर आने से ही अपने आप में एक आध्यात्मिकता की चिंगारी पैदा होती है। इस मौके पर प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राहुल राणा, करनाल की मेयर रेणू बाला, भाजपा नेता हरपाल सिंह, कुरुक्षेत्र 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
गीता ज्ञान संस्थानम प्रचार-प्रसार का एक अदभुत माध्यम बना
ब्रह्मसरोवर तट पर महाआरती से पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। जीओ संग्रहालय का अवलोकन किया और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने जीओ संग्रहालय के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इस संग्रहालय में ही भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप के लाइट एंड साउंड शो को भी देखा। संस्थानम केंद्र में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के प्रयास से बनाए गए यज्ञशाला का उद्घाटन किया और संस्थानम में बने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
नड्डा ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में गीता ज्ञान संस्थानम अहम भूमिका अदा कर रहा है। इस पवित्र स्थल कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थानम प्रचार-प्रसार का एक अदभुत माध्यम बना है। इससे आने वाली युवा पीढ़ी को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश से आत्मसात करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के माध्यम से पवित्र ग्रंथ गीता का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और आज पूरे विश्व में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश पहुंच रहे हैं। आज के परिप्रेक्ष्य में इस संस्थान के द्वारा गीता का प्रचार-प्रसार करना एक अतुलनीय कार्य है। इस पुण्य कार्य में सभी को अपना सहयोग देना चाहिए।