भाजपा सांसद मंच से दे बैठे गाली, पीएम मोदी को भी लपेटा
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जाट आरक्षण के हिमायती केंद्रीय मंत्रियों की तल्ख टिप्पणी से भड़के पिछड़ा वर्ग के नेता व भाजपा सांसद राजकुमार सैनी अपनी जुबान पर काबू नहीं रख सके। 28 नवंबर को दिल्ली में होने वाली पिछड़ा वर्ग रैली में भाग लेने के लिए समाज के लोगों को न्योता देने आए सैनी सेन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में एक जाति विशेष के लिए अपशब्द कह बैठे।
हालांकि उन्हें तत्काल अपनी गलती का एहसास हुआ और संबोधन सुधारते हुए उन्होंने कहा कि इन शूरवीरों ने हमारे लोगों को पार्लियामेंट जाने से रोका। सैनी की इस भूल से भूचाल खड़ा हो गया। भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने फरीदाबाद में कहा कि शिकायत मिली है, पार्टी इस पर संज्ञान लेगी।
सांसद सैनी ने कहा, आपका पक्ष लिया भीम राव अंबेडकर ने, लेकिन (गाली) लोगों ने उन्हें पार्लियामेंट में नहीं जाने दिया। इस वाक्य के बाद सांसद ने स्वयं को संभाला और आगे शूरवीरों शब्द का इस्तेमाल किया, बोले-राममनोहर लोहिया को भी शूरवीरों ने पार्लियामेंट नहीं आने दिया। वीपी सिंह और अर्जुन सिंह ने उनका साथ दिया तो बाद में उनका भी सफाया कर दिया। संबोधन के अंत में उन्होंने अल्फाज गलत निकलने पर माफी भी मांगी।
समाज के लोगों को संबोधित करते हुए सैनी ने कहा कि हमारे ही केंद्र के दो-दो मंत्री जिस भाषा से आपको धमका गए, मुझ पर फब्तियां कस गए कि हम आरक्षण लेकर रहेंगे, क्या वे दादागिरी के जरिए आरक्षण लेंगे। वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत बोल रहे हैं और कह रहे हैं कि सैनी माहौल खराब कर रहा है। एक दिन पहले दिए गए केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बाल्याण के बयानों को शर्मनाक करार देते हुए सैनी ने कहा कि वह कहते हैं कि हरियाणवी भाषा में नहीं समझ सकते तो उत्तर प्रदेश की भाषा में समझा देंगे। यह उन्हीं की भाषा है। हमारे वर्ग के पास न डंडा है, न राइफल है, न तोप है। हम तो दुआ करते हैं कि पिछलों से पीछा छूट गया, इनसे भी छूट जाएगा। हिसाब से राजनीति चलेगी, दादागिरी और तानाशाही की राजनीति नहीं चलेगी।
बोले-मोदी ने साथ न दिया तो उनको भी सबक सिखाएंगे
बाद में पत्रकारों से रू-ब-रू सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वैसे तो नरेंद्र मोदी हमारे साथ हैं, फिर भी हमारे साथ ज्यादती होती है तो 28 नवंबर को पिछड़ा वर्ग इकट्ठा होगा, वो भविष्य में उन्हें सबक सिखाएगा।
सैनी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने कभी नहीं कहा कि आरक्षण देंगे। उन्होंने हुडा द्वारा की गई गलती को सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन डाली जिससे पिछड़ा वर्ग में बदले का माहौल बना। भविष्य में वे बिल पर कोई दबाव डालें, इस प्रकार की कोई और गलती न हो इसीलिए बैकवर्ड समाज इकट्ठा हो रहा था।
कांग्रेस ने लोगों को गुमराह किया, इसी प्रकार ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी हमेशा से इनका इस्तेमाल करती रही। अब इस प्रकार हम गुमराह नहीं होंगे। जिस प्रकार ये लोग हमारा हिस्सा खा गए, इनको हिस्सा तब तक नहीं लेने देंगे, जब तक पिछला हिसाब बराबर नहीं हो जाता। जाट समुदाय की रैली के बारे में सैनी ने कहा कि उन्होंने पांच बार रैली करने की प्लानिंग कर ली, पांचों बार स्टेज पर झगड़ा हुआ। पिछड़ा वर्ग के ही लोग जाते थे रैली में अब ये किसी की रैली में नहीं जाएंगे।
वोट 2 फीसदी भी नहीं दिया और सीएम की कुर्सी पर नजर गड़ाए हैं
सैनी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग ने सारे वोट मोदी को दिए हैं। जिन्होंने 2 प्रतिशत भी नहीं दिया फिर भी मंत्री, संत्री और गवर्नर बने बैठे हैं। उसके बाद भी तपिश दूर नहीं हो रही। अब सीएम की कुर्सी पर नजर लगाए हैं। कहते हैं कि कहां पर जाकर स्थापित कर दिया 37वीं बिरादरी का सीएम। उन लोगों को तकलीफ हो रही है, कहते हैं गर्म हवा हो गई है, तुम्हें लग रही होगी।