BJP नेता ने फिर धमकाया, ऑडियो वायरल
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भाजपा नेताओं की ओर से अधिकारियों को फोन पर धमकाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। राजस्थान में एक विधायक द्वारा चिकित्सा अधिकारी को फोन पर धमकाने के बाद हरियाणा के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की ओर से सीएमओ को धमकाने का मामला चर्चा में रहा।
अब डबवाली से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके देव कुमार शर्मा का कृषि अधिकारी को धमकाने का ऑडियो व्हाट्स अप पर वायरल हो गया है। इस मामले की चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों में यह वायरल चर्चा का विषय बना हुआ है। एक दुकानदार की बिल बुक वापस दिलवाने को लेकर यह घटना घटी है।
भाजपा नेता कुछ धमकी भरे अंदाज में खंड कृषि अधिकारी सुखदेव सिंह से बातचीत कर रहे हैं। भाजपा नेता जहां अपने जानकार यूरिया बिक्रेता की बिल बुक छुड़वाने की बात कर रहे हैं वहीं वे अधिकारी को दूसरे पार्टियों का हितैषी बताकर भूत उतारने की बात भी कर रहे हैं।
हालांकि देव कुमार की यह वार्तालाप जनवरी माह के अंतिम सप्ताह की है। भाजपा नेता की मंशा भले ही कुछ भी रही हो पर यह ऑडियो खूब चर्चा में बना हुआ है।
राई का पहाड़ बन गया है: देव कुमार
इस मामले में जब भाजपा नेता देव कुमार शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि राई का पहाड़ बन गया है। हमने तो लोगों की परेशानी को लेकर अधिकारियों से बात की थी। जब लोगों को परेशानी होगी तो अधिकारियों से बात करनी पड़ती है।
इस प्रकार ऑडियो व्हाट्स अप पर वायरल होने लगे तो कोई किसी से बात भी नहीं कर सकेगा। मैंने अधिकारी को धमकाया नहीं है बल्कि लोगों के काम के लिए कहा है। मैं जनता व व्यापारियों से कहता हूं कि किसी को रिश्वत नहीं देनी है। इसलिए कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों को मैं अच्छा नहीं लग रहा हूं।
भाजपा नेता ने अधिकारी को इस तरह धमकाया
भाजपा नेता - सुखदेव जी बोल रया है जी
कृषि अधिकारी- हां जी
भाजपा नेता - महाराज सतश्री अकाल जी
कृषि अधिकारी- सतश्री अकाल जी
भाजपा नेता - देव कुमार शर्मा बोल दां भाई साहब डबवाली तों
कृषि अधिकारी- हां जी, हां जी
भाजपा नेता - दया दफ्तर से तुसी लेके आए हो जी बिल बुक
कृषि अधिकारी- हां जी जरूर लाएं हैं गल्त काम करेगा तो लयाएंगे ही
भाजपा नेता - हैं
कृषि अधिकारी- जब गल्त काम करेगें तो लयाएंगे ही हम
भाजपा नेता - और आप बडे़ बोलते हो तरीके से
कृषि अधिकारी- हां तो मैं तो यह कह रया हूं गल्त करते हैं तो गल्त
भाजपा नेता - नहीं नहीं कोई गल्त फहमी है कै
कृषि अधिकारी- नहीं मेरे तो कोई गल्त फहमी नहीं है
भाजपा नेता - कोई ज्यादा गल्त फहमी है कै वो निकाल देंगे आपकी, आपका कोई बोलने का तरीका है कै
कृषि अधिकारी- नहीं मेरे को यह बताओ इनमें म्हारे...
भाजपा नेता - आप क्या बात करते हो आप क्यों फड़दो आप इन्होंने कोई ब्लैक करी है कै
कृषि अधिकारी- नहीं मैंने आपको कोई गल्त तो नहीं किया कोई बात तो गल्त नहीं कही
भाजपा नेता - नहीं नहीं गल्त नहीं आपका स्टाइल आ देखदे आए है आपका बात करने का तरीका ऐसे है न है जैसे कोई मंत्री.....
कृषि अधिकारी- हां तो हम तो यही हम लाये हैं तो आपको बता दिया कि हम लेके आए हैं
भाजपा नेता - हां इनकी किताबें वापस करो इन्होंने कोई ब्लैक नहीं करी
कृषि अधिकारी- हां जी
भाजपा नेता - इनकी किताबें वापस करो, इन्होंने कोई ब्लैक नहीं करी
कृषि अधिकारी- ब्लैक तो हमें क्या पता हमारे साइन करने के बाद उन्होंने क्यों काटा, उसी से पहले काटते
भाजपा नेता - आप इनको पहले किताबें वापस करो इन्होंने कोई ब्लैक नहीं करी इंक्वयारी कर लो आप समझ गए ना
कृषि अधिकारी- हां
भाजपा नेता - इनकी किताबें वापस करो मैं बोल रया हां आप इंक्वयारी कर लो इन्होंने कोई ब्लैक करी है कै हैं, उन्होंने रिटेलर ने गटे भेज दिए हैं कागजात पूरे करके ।
कृषि अधिकारी- तो हमारे सामने भी तो दे सकते थे वो गटे बाद में क्यों दिए हमारे से बाद में
भाजपा नेता - चलो कोई नी इनकी किताबें दयो वापस अब
कृषि अधिकारी- नहीं ऐसे किताबें नहीं देंगे जी, ऐसे कैसे किताब देंगे गल्त काम किया है तो किताबें कैसे दे देंगे हम, हमें तो दिक्कत आएगी आपने उनकी सिफारिश भी करी
भाजपा नेता - आपने तो हमारे समर्थक हैं ये क्या ..... कुछ समझ में नहीं आ रहा।
कृषि अधिकारी- नहीं ये पार्टी का ।
भाजपा नेता - आपने डेढ़ लाख रुपये ले लिया, मेरी रानियां के अंदर रेड मार दी, आपका मतलब यह है कि आपके मुताबिक ही चलेगा सारा काम।
कृषि अधिकारी- नहीं नहीं हमारे मुताबिक नहीं आप
भाजपा नेता - नहीं नहीं आप हमें निकालो दुकानों से
कृषि अधिकारी- ये पार्टी का मामला नहीं
भाजपा नेता - नहीं नहीं पार्टी का नहीं आप बीजेपी के खिलाफ हो बीजेपी को सपोर्टर को बदनाम करने का ठेका ले रखा है आप ने
कृषि अधिकारी- नहीं जी हम तो एसडीएम साहब के पास जा रहे हैं और
भाजपा नेता - किसके पास
कृषि अधिकारी- एसडीएम साहब के पास, वो जो निर्णय लेंगे ले लेंगे
भाजपा नेता - आपका मेरे पास भी है मैं भी सारा काम करता हूं आपका
कृषि अधिकारी- कोई नी
भाजपा नेता - कुछ समझ नहीं आता
कृषि अधिकारी- कोई नी कोई फर्क नहीं पड़ता मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ता
भाजपा नेता---------------
कृषि अधिकारी- हां दो दो एफिडेविट.. दयो सारे दयो
भाजपा नेता - कोई नी, कोई नी, करूंगा! तेरा इलाज करूंगा
कृषि अधिकारी- मैं चोर नहीं हूं जो आप धमकी दे रहे हो
भाजपा नेता - हां तो ये भी चोर नहीं है, हां तो ये भी चोर नहीं है
कृषि अधिकारी- हां मैं भी ......
भाजपा नेता - आपके दिमाग किसी कांग्रेस का है, कोई लोकदल का भूत सवार है, वो मैं देख लूंगा
कृषि अधिकारी- मैं न कांग्रेसी हूं न लोकदली हूं न भाजपाई हूं, सरकार का आदमी हूं सरकार है, उसका आदमी हूं
भाजपा नेता - कोई ब्लैक नहीं करी