चंडीगढ़ में सिंगापुर की तर्ज पर बनेगी विश्व स्तरीय बर्ड सेंक्चुरी, जानें क्या होंगी खासियतें
सुखना लेक के नजदीक सिंगापुर की तर्ज पर बर्ड सेंक्चुरी बनाने का खाका तैयार कर लिया गया है। यूटी प्रशासन इस पर जल्द ही काम शुरू करने जा रहा है। सिंगापुर से अध्ययन कर लौटे चीफ कंजरवेटर देबेंद्र दलाई के नेतृत्व में प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। दलाई ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। चूंकि प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसलिए प्रोजेक्ट पर काम जल्द शुरू हो सकता है।
लेक के साथ बर्ड सेंक्चुरी में पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जाएगा। इसी बीच प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और चीफ कंजरवेटर देबेंद्र दलाई सहित कुछ अधिकारियों ने बर्ड सेंक्चुरी को लेकर फॉरेस्ट लैंड का दौरा किया है।
इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि सिंगापुर स्थित बर्ड सेंक्चुरी के अध्ययन के लिए चीफ कंजरवेटर देबेंद्र दलाई के नेतृत्व में एक टीम को भेजा गया था। कौन-कौन से पक्षी बर्ड सेंक्चुरी में रह सकते हैं, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर रिपोर्ट सौंप दी है। दलाई ने बताया कि सिंगापुर बर्ड सेंक्चुरी का दौरा तमाम जानकारियां जुटाई हैं। हर पहलू को नजदीक से समझा गया है।
सिंगापुर जैसा अनुभव देने की कोशिश
हालांकि दलाई ने रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इतना जरूर कहा कि लेक के निकट फॉरेस्ट लैंड पर बनने वाली बर्ड सेंक्चुरी बेहद आकर्षक होगी। इसे देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आएंगे। हम कोशिश कर रहे हैं कि सिंगापुर स्थित बर्ड सेंक्चुरी जैसा अनुभव दे सकें। हमारी टीम प्रयासरत है।
ऐसी होगी चंडीगढ़ की बर्ड सेंक्चुरी
प्रशासन की अनुमति मिलते ही सुखना लेक के निकट आठ एकड़ फॉरेस्ट लैंड में बर्ड सेंक्चुरी बनाने पर काम शुरू कर दिया जाएगा। सबसे अहम हिस्सा बर्ड सेंक्चुरी का एविएरी बर्ड्स जुटाने का रहेगा। विदेशी पक्षी जिन्हें देखकर पर्यटक आकर्षित होंगे। इसमें एक हिस्सा एविएरी, जबकि दूसरा हिस्सा ओपन रहेगा, जहां पक्षियों के लिए वॉटर बॉडी भी रहेगी।