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बर्ड फ्लू से नहीं हुई थी मोरों की मौत, कीटनाशकों पर संदेह
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 13 Dec 2016 01:06 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की ओर से गोद लिए गांव दाऊं के पास स्थित गांव रायपुर में कुछ समय पहले हुई मोरों की मौत बर्ड फ्लू से नहीं हुई थी। बल्कि उनकी मौत की वजह किसानों द्वारा प्रयोग की जाने वाली कीटनाशक दवाईयां हो सकती हैं। यह बात जालंधर लैब में शवों के जांच के बाद सामने आई है। वहीं, लैब ने अपनी रिपोर्ट पीएयू को भेज दी है। अब यूनिवर्सिटी स्टडी करेगी कि किस कीटनाशक से मौर मौत हुई है। इसके बाद संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
जानकारी के मुताबिक 14 नवंबर को गांव में उस समय सनसनी फैल गई थी। जब लोगों ने खेतों में मरे हुए मोर देखे थे। इसके बाद तुरंत वन विभाग की टीम हरकत में आई और मरे हुए मोर अपने कब्जे में ले लिए थे। पहले उनकी पोस्टमार्टम मोहाली में ही कराने की तैयारी थी। लेकिन बर्ड फ्लू की आशंका के चलते उक्त सैंपल वन विभाग ने सीधे जालंधर भेज दिए थे। जालंधर स्थित लैब के डायरेक्टर विनय मोहन ने बताया कि बर्ड फ्लू से मोरों की मौत नहीं हुई थी। यह मामला कीटनाशक का लग रहा है। इस संबंधी पीएयू को रिपोर्ट भेजी गई है। जिसके बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
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जानकारी के मुताबिक 14 नवंबर को गांव में उस समय सनसनी फैल गई थी। जब लोगों ने खेतों में मरे हुए मोर देखे थे। इसके बाद तुरंत वन विभाग की टीम हरकत में आई और मरे हुए मोर अपने कब्जे में ले लिए थे। पहले उनकी पोस्टमार्टम मोहाली में ही कराने की तैयारी थी। लेकिन बर्ड फ्लू की आशंका के चलते उक्त सैंपल वन विभाग ने सीधे जालंधर भेज दिए थे। जालंधर स्थित लैब के डायरेक्टर विनय मोहन ने बताया कि बर्ड फ्लू से मोरों की मौत नहीं हुई थी। यह मामला कीटनाशक का लग रहा है। इस संबंधी पीएयू को रिपोर्ट भेजी गई है। जिसके बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
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जालंधर भेजे मृत मोरों के सैंपल से बात आई सामने
जबकि पशु पालन विभाग के माहिरों को तो पहले ही यह अंदेशा था कि मोरों की मौत जहरीली दवाई या खेतों में डाले गए कीटनाशक से हुई है। इस दौरान विभाग ने जहां पर मोरों के शव मिले थे। उन खेतों के मालिकों का रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिया था। ताकि बाद में अगर तय होता है कि खेतों में पड़ी दवाई से मौत हुई है तो खेत मालिकों पर केस दर्ज किया जा सके।
जिले में अलर्ट
मोरों की संदिग्ध हालत में मौत के बाद से विभाग ने पूरे जिले बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी कर रखा है। हर रोज जहां भी विदेशी पक्षी आते हैं वहां नजर रखी जा रही है। क्योंकि विभाग मोरों के इस तरह मरने के मामले को हलके में नहीं ले रहा था।
कहां-कहां आते हैं विदेशी पक्षी
शहर में कई ऐसी जगह है जहां विदेशी पक्षी आते हैं। इसमें छतबीड़ जू, सिसवां डैम, जयंती माजरा, लांडरां व एयरोसिटी से लगता कुछ एरिया शामिल है।
जिले में अलर्ट
मोरों की संदिग्ध हालत में मौत के बाद से विभाग ने पूरे जिले बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी कर रखा है। हर रोज जहां भी विदेशी पक्षी आते हैं वहां नजर रखी जा रही है। क्योंकि विभाग मोरों के इस तरह मरने के मामले को हलके में नहीं ले रहा था।
कहां-कहां आते हैं विदेशी पक्षी
शहर में कई ऐसी जगह है जहां विदेशी पक्षी आते हैं। इसमें छतबीड़ जू, सिसवां डैम, जयंती माजरा, लांडरां व एयरोसिटी से लगता कुछ एरिया शामिल है।