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पेशेंट केयर एलाउंस मामले में पीजीआई स्टाफ को मिली बड़ी राहत
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 May 2016 11:06 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
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पीजीआई ने नॉन फेकल्टी स्टाफ को मिलने वाले पेशेंट केयर एलाउंस को रोकने और रिकवरी करने के फैसले पर रोक लगा दी है। पीजीआई के नॉन फेकल्टी मेंबर को हर महीने 2100 रुपये का पेशेंट केयर एलाउंस मिलता था। कुछ दिन पहले पीजीआई ने पेशेंट केयर एलाउंस को रोकने और पहले दिए गए एलाउंस की रिकवरी की मांग की थी, लेकिन पीजीआई मेडिकल टेक्नोलाजिस्ट एसोसिएशन (एमटीए) ने इसका विरोध जताया और उसके बाद प्रशासन ने फैसला वापस ले लिया।
एमटीए के प्रेसिडेंट चरण सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी रविंदर कुमार जयसवाल, जनरल सेक्रेटरी अश्विनी मुंजाल व आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी कुलजीत सिंह ने पीजीआई के डिप्टी डायरेक्टर अमिताभ अवस्थी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने एसोसिएशन की बातों को विस्तार से सुना और उसके बाद मेंबरों के हित में फैसला लिया। अश्विनी मुंजाल ने बताया कि पीजीआई ने कर्मचारियों के पेशेंट केयर एलाउंस को काटकर उनकी सैलरी भी बना दी थी, लेकिन डीडीए के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों को राहत मिल गई है। इससे मेडिकल टेक्नोलाजिस्ट, ओटी टेक्नीशियन, स्टोर कीपर, मिनिस्ट्रियल स्टाफ, इंजीनियरिंग स्टाफ सहित कई अन्य कर्मचारियों को राहत मिली है।
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एमटीए के प्रेसिडेंट चरण सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी रविंदर कुमार जयसवाल, जनरल सेक्रेटरी अश्विनी मुंजाल व आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी कुलजीत सिंह ने पीजीआई के डिप्टी डायरेक्टर अमिताभ अवस्थी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने एसोसिएशन की बातों को विस्तार से सुना और उसके बाद मेंबरों के हित में फैसला लिया। अश्विनी मुंजाल ने बताया कि पीजीआई ने कर्मचारियों के पेशेंट केयर एलाउंस को काटकर उनकी सैलरी भी बना दी थी, लेकिन डीडीए के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों को राहत मिल गई है। इससे मेडिकल टेक्नोलाजिस्ट, ओटी टेक्नीशियन, स्टोर कीपर, मिनिस्ट्रियल स्टाफ, इंजीनियरिंग स्टाफ सहित कई अन्य कर्मचारियों को राहत मिली है।
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