लापरवाहीः 9 जिलों में दवाइयां खराब होती रहीं, लोग मरते रहे
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9 जिलों के पीएचसी सेंटर में रखीं दवाएं वितरण न होने के कारण खराब होती रहीं और लोग मरते रहे। खुलासा आरटीआई में हुआ। पिछले साल हरियाणा में स्वाइन फ्लू कहर बरपा रहा था, सौ से अधिक रोगी सामने आए थे और इनमें से करीब बीस लोगों की मौत हो गई थी।
इस पर काबू पाने और उपचार के लिए सेहत विभाग कितना सतर्क था, इसकी पोल आरटीआई से मिली जानकारी ने खोल दी है। वर्ष 2013-14 में प्रदेश के नौ जिलों के अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी के स्टोर में रखी स्वाइन फ्लू सहित लाखों की अन्य दवाओं का वितरण ही नहीं हो पाया और वे एक्सपायर हो गई।
प्रदेश में मैनेजिंग डायरेक्टर हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन के माध्यम से दवाओं की खरीद की जाती है, जिन्हें सभी सिविल अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में सप्लाई कर दिया जाता है। इनके अलावा दवाइयों की एमरजेंसी खरीद भी होती है, वहीं मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत भी अस्पताल सीधे दवाई खरीद लेते हैं।
आरटीआई में हुआ मामले का खुलासा
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. दीपक चौहान ने वर्ष 2013 व 14 में खरीदी गई दवाइयों, उनकी राशि व एक्सपायर हुई दवाइयों का ब्योरा मांगा था। विभाग ने उन्हें खरीद व राशि की सूचना तो नहीं दी, लेकिन एक्सपायर होने का ब्यौरा चौंकाने वाला है।
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक दवाइयां वर्ष 2014 में स्वाइन फ्लू की एक्सपायर हुई हैं। इस साल ही प्रदेश में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक केस मिले थे, जिनकी संख्या 100 से ऊपर थी और करीब 20 की मौत हुई थी।
इस तरह ये दवाएं मरीजों तक पहुंची ही नहीं और स्टोर में ही खराब हो गई। कई अन्य रोगों की दवाइयां है, जो 2013 व 14 में एक्सपायर हुई है।
नियम यह है कि किसी जिले में दवाओं की जरूरत नहीं और एक्सपायरी होने के कगार पर पहुंच चुकी है तो उन्हें जरूरत वाले दूसरे जिलों में शासन के माध्यम से सप्लाई कर दिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।