पूर्व डीजीपी का दावा- खालिस्तान समर्थक ब्रिटेन को बना रहे अपना हब, पाक पर उठाए सवाल
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पंजाब के एक पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि पाकिस्तान की शह पर खालिस्तान समर्थक सिख इन दिनों ब्रिटेन खासकर बर्मिंघम शहर में अपने नए ठिकाने स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक शशि कांत ने कहा, अब, वे बर्मिंघम में एक अच्छी जगह पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहां वे रैलियों का आयोजन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की ओर से मांग की गई है कि विदेश में खालिस्तान समर्थकों को रैलियां आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए लेकिन ब्रिटिश सरकार यह कहते हुए एक अलग रुख अपना रही है कि जब तक वे हिंसा में शामिल नहीं होंगे, ब्रिटिश सरकार उन पर कार्रवाई करने में असमर्थ है।
पंजाब के पूर्व डीजीपी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन के प्रमुख शहरों में खालिस्तान समर्थकों की भारत विरोधी गतिविधियों में तेजी आई है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत विरोधी भावनाओं को भुनाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पंजाब के युवाओं को बहकाने में नाकाम रहा है क्योंकि सूबे के युवा आईएसआई समर्थित मशीनरी की रचे षड्यंत्र का हिस्सा नहीं बन रहे।
फिर भी ऐसी कोशिशें जारी हैं। आईएसआई ने पंजाब में अपनी कोशिशों में बार-बार नाकाम रहने के बाद, अब भारत के खिलाफ यूरोपीय और अमेरिकी देशों में सिखों की ओर नजरें गड़ा दी हैं। शशिकांत ने कहा कि खालिस्तान समर्थकों ने अपना एजेंडा सेट करने और अपनी पैशाचिक महत्वाकांक्षाओं को हासिल करने के लिए हमेशा पंजाबियों की भावनाओं का शोषण किया है।
उन्होंने कहा कि कई लोग इस विशेष मुद्दे पर बड़े पैमाने पर धन इकट्ठा कर रहे हैं। मैं इसे सिखों की भावनात्मक ब्लैकमेलिंग कहूंगा जो बहुत ही सरल व्यक्ति और भावनात्मक हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यहां तक कि सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे जो कई वर्षों से श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा और अन्य पवित्र सिख स्थानों के दर्शन के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं, वहां भी आईएसआई के लोग तीर्थयात्रियों के साथ खुलकर बातचीत करते हैं और उनकी भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) पर प्रतिबंध लगाने के कदम की प्रशंसा करते हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि यह कदम पाकिस्तान के लिए एक झटका है, जो वर्षों से ऐसे समूहों का पोषण कर रहा है।