फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Bhupinder Singh Hooda Defeated in Haryana Assembly Elections 2014, HSGMC in Question

कांग्रेस की हार से HSGMC के अस्तित्व पर सवाल

Mon, 20 Oct 2014 02:17 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 20 Oct 2014 02:17 PM IST
विज्ञापन
Bhupinder Singh Hooda Defeated in Haryana Assembly Elections 2014, HSGMC in Question

हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ एचएसजीएमसी के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। अलग सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी एक्ट पारित होने के समय भाजपा ने भी विरोध किया था। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दबाव में केंद्र सरकार ने एक्ट के विरोध में हरियाणा के राज्यपाल को पत्र भी लिखा था।

विज्ञापन


अब हरियाणा में भाजपा सत्ता में पूर्ण बहुमत से आई है। प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के दौरान परस्पर विरोधी बयानबाजी के चलते भले ही शिअद व भाजपा के रिश्तों में कुछ खटास आती दिखाई पड़ी, लेकिन पंजाब में दोनों पार्टियों में गठबंधन कायम है।
विज्ञापन


उधर, एचएसजीएमसी अध्यक्ष झींडा का मानना है कि भाजपा उनके खिलाफ नहीं जाएगी। पहले भाजपा नेता बादल से दोस्ती के चलते एचएसजीएमसी का विरोध कर रहे थे, लेकिन अब इनके रिश्ते पहले जैसे नहीं हैं। भाजपा सरकार सोच-समझ कर ही निर्णय लेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

हुड्डा ने खेला था कार्ड, करारी शिकस्त मिली

Bhupinder Singh Hooda Defeated in Haryana Assembly Elections 2014, HSGMC in Question

हरियाणा विधानसभा चुनाव में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) कार्ड नहीं चला। चुनाव परिणाम में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के सिखों को रिझाने के लिए एचएसजीएमसी का गठन किया था, लेकिन इस मुद्दे पर कांग्रेस का सीधा टकराव शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ हो गया।

विधानसभा में पारित एक्ट में हरियाणा के गुरुद्वारों पर एचएसजीएमसी के कंट्रोल का प्रावधान है। एक्ट से जुड़ा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। विधानसभा चुनाव में एचएसजीएमसी और एसजीपीसी पदाधिकारियों सहित कांग्रेस व शिअद आमने-सामने रहे।

कांग्रेस और एचएसजीएमसी पदाधिकारी अलग कमेटी के गठन को प्रदेश के सिखों को अधिकार देने वाले फैसले के रूप में प्रचारित करते रहे। वहीं, शिअद ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए हुड्डा सरकार के फैसले को श्री अकाल तख्त साहिब व एसजीपीसी की सर्वोच्चता पर हमला करने वाला करार दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed