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'भारत माता की जय बोलने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता'
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 07 Apr 2016 01:02 PM IST
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हरियाणा खाप पंचायत
- फोटो : फाइल फोटो
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भारत माता की जय बोलने को लेकर चारों तरफ विवाद खड़ा हो गया है। कोई इसका खुलकर विरोध कर रहा है तो कोई मिलीजुली प्रतिक्रिया दे रहा है। रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिले की खाप प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर उनकी राय जानी तो सभी ने कहा कि भारत माता की जय बोलने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा सकता।
रोहतक 84 खाप प्रधान हरदीप अहलावत का कहना है कि जिस देश में रह रहे हैं उसकी जय बोलने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। भारत माता की जय बोलना किसी जाति या धर्म का संकेतक नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्र धर्म झलकता है। लेकिन ऐसे में गर्दन काटने वाली बयानबाजी गलत है। इससे माहौल भड़कता है। यह व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है कि उसे बोलना चाहिए या फिर नहीं।
नांदल खाप प्रधान महेंद्र सिंह नांदल का कहना है कि भारत माता की जय बोलना देश का गौरव है। यदि कोई धर्म या समाज ऐसा नहीं बोलता तो वह उसका खुद का नजरिया हो सकता है। इसके लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता। फिर भी यदि कोई भारत माता की जय नहीं बोलता तो उससे राष्ट्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस तरह के मामले को नहीं बढ़ाना चाहिए।
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सर्व जातीय सर्व खाप महापंचायत की महिला अध्यक्ष प्रो. संतोष दहिया का कहना है कि लोगों को अपनी संकीर्ण मानसिकता छोड़नी होगी। जातपात या धर्म-समाज छोड़कर सभी को भारतीय होना होगा। कुछ लोग चर्चाओं में रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर लोगों की भावनाओं से खेलते हैं। ऐसे लोग भारत माता की जय बोले या फिर नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बाबा रामदेव का बयान भी निंदनीय है। इसका खंडन होना चाहिए।
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रोहतक 84 खाप प्रधान हरदीप अहलावत का कहना है कि जिस देश में रह रहे हैं उसकी जय बोलने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। भारत माता की जय बोलना किसी जाति या धर्म का संकेतक नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्र धर्म झलकता है। लेकिन ऐसे में गर्दन काटने वाली बयानबाजी गलत है। इससे माहौल भड़कता है। यह व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है कि उसे बोलना चाहिए या फिर नहीं।
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नांदल खाप प्रधान महेंद्र सिंह नांदल का कहना है कि भारत माता की जय बोलना देश का गौरव है। यदि कोई धर्म या समाज ऐसा नहीं बोलता तो वह उसका खुद का नजरिया हो सकता है। इसके लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता। फिर भी यदि कोई भारत माता की जय नहीं बोलता तो उससे राष्ट्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस तरह के मामले को नहीं बढ़ाना चाहिए।
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सर्व जातीय सर्व खाप महापंचायत की महिला अध्यक्ष प्रो. संतोष दहिया का कहना है कि लोगों को अपनी संकीर्ण मानसिकता छोड़नी होगी। जातपात या धर्म-समाज छोड़कर सभी को भारतीय होना होगा। कुछ लोग चर्चाओं में रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर लोगों की भावनाओं से खेलते हैं। ऐसे लोग भारत माता की जय बोले या फिर नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बाबा रामदेव का बयान भी निंदनीय है। इसका खंडन होना चाहिए।