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हो जाइए सावधान... अच्छी नींद लेने के बावजूद दिनभर रहती है सुस्ती तो हो सकते हैं ओएसए के शिकार

Fri, 18 Mar 2022 01:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2022 01:57 AM IST
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हो जाइए सावधान... अच्छी नींद लेने के बावजूद दिनभर रहती है सुस्ती तो हो सकते हैं ओएसए के शिकार
विश्व नींद दिवस विशेष : पीजीआई के डॉ. संदीप बंसल बोले- हर माह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के 30 नए मरीज आ रहे हैं
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। अच्छी नींद के बाद दिनभर अगर आपको सुस्ती रहती है, रात में अक्सर जागते या खर्राटे आते हैं, इनमें से एक भी लक्षण हैं तो आप ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) के शिकार हो सकते हैं। पीजीआई के नींद विभाग के प्रभारी डॉ. संदीप बंसल का कहना है कि ओएसए के एक माह लगभग 30 नए मरीज उनके पास आ रहे हैं। वहीं इस विषय पर 15 से 20 शोध भी चल रहे हैं। कोरोना काल में भी नींद को लेकर 10 अध्ययन किए गए थे।
डॉ. बंसल ने बताया कि गायक बप्पी लहरी के आकस्मिक निधन से सभी लोग स्तब्ध थे। इसके बाद लोगों के मन में विचार आया कि सोते सोते किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है। यह बिल्कुल संभव है। वास्तव में जागरूकता के अभाव में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। नींद की दवा लेने से ओएसए को ठीक नहीं किया जा सकता है।
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रात में फूलती है सांस तो न करें लापरवाही
डॉ. बंसल ने बताया कि जब किसी व्यक्ति को रात में सोने में कठिनाई हो रही है तो इसके दो कारण हो सकते हैं। एक व्यक्ति को नींद नहीं आती और दूसरा सांस फूलने के कारण रात में कई बार नींद खुल गई। पहला कारण अनिद्रा का मामला है, जिसे मनोचिकित्सक के पास जाकर सुलझाया जा सकता है, लेकिन दूसरा ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का मामला है। यह चर्चा का विषय है और इसके लिए तत्काल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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हृदय रोग सहित कई रोगों की जननी है ओएसए
डॉ. बंसल ने बताया कि ओएसए वयस्कों व बच्चों में हृदय रोग सहित अन्य रोगों की जननी है। हाल के अध्ययनों में ओएसए के प्रसार को पुरुषों में 22 प्रतिशत (रेंज 9-37 प्रतिशत) और महिलाओं में 17 प्रतिशत (रेंज 4-50 प्रतिशत) के औसत पर रखा गया है। मोटापा और अधिक वजन ओएसए के मुख्य कारणों में से एक है। समय रहते इसकी जानकारी हो तो इलाज संभव है। कोरोना काल में यह लोगों पर हावी रहा था।

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बच्चों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक नजर में
- लगभग 5 में से 1 वयस्क में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) के हल्के लक्षण होते हैं जबकि 15 में से 1 में मध्यम से गंभीर लक्षण होते हैं।
- विश्व स्तर पर लगभग एक अरब लोगों को यह स्थिति है, लेकिन केवल 20 प्रतिशत का निदान और उपचार किया गया है।
- स्लीप एपनिया उच्च रक्तचाप (उच्च रक्तचाप) के लिए एक स्वतंत्र जोखिम कारक है।
- 1 से 3 प्रतिशत तक बच्चे ओएसए के शिकार हैं।
- 20 से 25 प्रतिशत बच्चे मोटापा के कारण उच्च जोखिम की श्रेणी में आते हैं।
- टॉन्सिल का बढ़ना बच्चों में ओएसए का सबसे आम कारण है।
-85 प्रतिशत बच्चों को उनके ओएसए से एडिनोटोन्सिलेक्टोमी द्वारा ठीक किया जा सकता है।
- खर्राटे लेना, सांस लेने में रुकावट, बेचैनी, खांसना या दम घुटना, मुंह से सांस लेना, बिस्तर गीला करना, नींद का भय
शिशुओं और छोटे बच्चों को दिन के दौरान नींद आना बच्चों में स्लीप एपनिया के लक्षण हो सकते हैं।
- स्कूल में खराब प्रदर्शन करना, ध्यान देने में कठिनाई होना, सीखने में समस्या होना, व्यवहार संबंधी समस्याएं होना, वजन कम होना भी इसके लक्षण हैं।
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वयस्कों में ओएसए एक नजर में
- दिन में बहुत नींद आना।
- जोर से खर्राटे।
- नींद के दौरान सांस में रुकावट।
- हांफने या घुटन के साथ अचानक जागना।
- शुष्क मुंह या गले में खरास के साथ जागना।
- सुबह सिरदर्द होना।
- दिन के दौरान ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।
- मनोदशा में बदलाव का अनुभव करना जैसे कि अवसाद या चिड़चिड़ापन।
- उच्च रक्तचाप।
- रात के समय पसीना आना।
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इलाज
1. जीवनशैली में बदलाव और प्रतिदिन व्यायाम करें। अधिक वजन, मोटापे और खर्राटों लेने वालों के लिए यह जरूरी है।
2. सर्जरी से पहले सीपीएपी या एपीएपी डिवाइस का उपयोग किया जा सकता है। इससे एक बल के साथ हवा दी जाती है जो वायुमार्ग को खोलने में मदद करता है।
3. वे रोगी जो सीपीएपी डिवाइस के दबाव को नहीं झेल सकते हैं उन्हें शल्य चिकित्सा करवा सकते हैं
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ओएसए के नकारात्मक प्रभाव
अध्ययनों से पता चलता है कि ओएसए सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ा सकता है। वहीं सोते समय ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट से अचानक कार्डियक अटैक का कारण बन सकता है। हाल ही में शोध में पता चला है कि गंभीर स्लीप एपनिया वाले लगभग 19 प्रतिशत लोगों की मौत हुई है। इसलिए खर्राटे लेना या सांस में रुकावट की समस्या को नजर अंदाज न करें।
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