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बब्बर खालसा के निशाने पर राहुल गांधी
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 03 Feb 2014 07:39 PM IST
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के निशाने पर हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 जनवरी को सभी राज्यों को इस बारे में सूचना भेजी है। इसके साथ ही यूपी में लखनऊ और वाराणसी, राजस्थान के जयपुर, जैसलमेर, अजमेर, दिल्ली और मुंबई महानगरों में आतंकी हमलों की चेतावनी भी दी गई है।
गृह मंत्रालय ने आतंकी खतरों की जानकारी देते हुए सुरक्षा के कदम उठाने को कहा है। राहुल गांधी के बारे में बताया गया है कि अक्तूबर, 2012 में जर्मनी के कोलन शहर में बीकेआई के आतंकियों की बैठक में राहुल गांधी पर हमला करने की योजना बनाई गई थी।
जर्मनी के ही डुरेन शहर में 8 जुलाई, 2012 को सिख और इस्लामिक आतंकियों की साझा बैठक में दिल्ली या मुंबई में आतंकी हमले कराने का फैसला किया था।
दिल्ली में हमले करवाने के लिए पाक स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, दल खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान टाइगर फोर्स के आतंकियों को एकजुट करने के लिए आईएसआई प्रयास कर रही है।
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नवंबर, 2013 में मिले इनपुट के मुताबिक, आईएसआई इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के लखबीर सिंह रोडे और खालिस्तान टाइगर फोर्स के जगतार सिंह तारा समेत सिख आतंकियों के जरिये भारत में हथियार, बम विस्फोटक सामग्री और पैसे भिजवाने के प्रयास में है।
योजना के मुताबिक, जमात-ए-दावा (जेयूडी) आतंकी हमले को अंजाम देगी जबकि बीकेआई को एक करोड़ रुपये हथियार और विस्फोटक सामग्री खरीदने के लिए आईएसआई ने भरोसा दिया है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 जनवरी को सभी राज्यों को इस बारे में सूचना भेजी है। इसके साथ ही यूपी में लखनऊ और वाराणसी, राजस्थान के जयपुर, जैसलमेर, अजमेर, दिल्ली और मुंबई महानगरों में आतंकी हमलों की चेतावनी भी दी गई है।
गृह मंत्रालय ने आतंकी खतरों की जानकारी देते हुए सुरक्षा के कदम उठाने को कहा है। राहुल गांधी के बारे में बताया गया है कि अक्तूबर, 2012 में जर्मनी के कोलन शहर में बीकेआई के आतंकियों की बैठक में राहुल गांधी पर हमला करने की योजना बनाई गई थी।
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जर्मनी के ही डुरेन शहर में 8 जुलाई, 2012 को सिख और इस्लामिक आतंकियों की साझा बैठक में दिल्ली या मुंबई में आतंकी हमले कराने का फैसला किया था।
दिल्ली में हमले करवाने के लिए पाक स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, दल खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान टाइगर फोर्स के आतंकियों को एकजुट करने के लिए आईएसआई प्रयास कर रही है।
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नवंबर, 2013 में मिले इनपुट के मुताबिक, आईएसआई इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के लखबीर सिंह रोडे और खालिस्तान टाइगर फोर्स के जगतार सिंह तारा समेत सिख आतंकियों के जरिये भारत में हथियार, बम विस्फोटक सामग्री और पैसे भिजवाने के प्रयास में है।
योजना के मुताबिक, जमात-ए-दावा (जेयूडी) आतंकी हमले को अंजाम देगी जबकि बीकेआई को एक करोड़ रुपये हथियार और विस्फोटक सामग्री खरीदने के लिए आईएसआई ने भरोसा दिया है।