पठानकोट आतंकी हमले के पीछे मास्टरमाइंड कहीं ये तो नहीं?
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पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी भले ही किसी आतंकी संगठन ने न ली हो, लेकिन इसके पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम आ रहा है। जैश के मुखिया मौलाना मसूद अजहर के छोटे भाई रऊफ को इस हमले का मास्टर माइंड बताया जा रहा है। मसूद अजहर ही वो आतंकी है, जिसे छुड़ाने के लिए कंधार हाईजैक की साजिश रची गई थी।
कौन है मसूद अजहर और क्या है उसकी हिस्ट्री?
मसूद अजहर जैश का वो आतंकी है जिसे 17 साल पहले 1999 में कांधार हाईजैक मामले में भारत ने रिहा किया था। 24 दिसंबर 1999 को 5 हथियारबंद आतंकवादियों ने 178 यात्रियों के साथ इंडियन एयरलाइंस के हवाई जहाज आईसी-814 को हाइजैक कर लिया था।
हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने भारत सरकार के सामने 178 यात्रियों की जान के बदले में तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया था। 1999 में वाजपेयी सरकार ने यात्रियों की जान बचाने के लिए मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया था, जिन तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया था उन्हीं मे से एक है मसूद अजहर।
क्या है जैश ए मोहम्मद?
जैश ए मोहम्मद एक पाकिस्तानी जिहादी संगठन है जिसके आतंकी जम्मू-कश्मीर समेत भारत के कई राज्यों में हुए आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। इतना ही नहीं जैश ए मोहम्मद के आतंकी अमेरिका के विरुद्ध चलाई जा रही गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं।
मार्च 2000 में जैश ए मोहम्मद की स्थापना मसूद अजहर ने की थी। जनवरी 2002 में जब इसे पाकिस्तान की सरकार ने बैन कर दिया तब जैश ए मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम उल इस्लाम कर लिया था।
नए साल के मौके पर हमले की साजिश
पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के बहावलपुर में रहने वाला मसूद अजहर नए साल के मौके पर हमले की साजिश रच रहा था। ख़ुफ़िया एजेंसियों की मानी जाए तो पाकिस्तान में अल रहमान ट्रस्ट चलाने वाले मौलाना अशफाक, हाफ़िज़ अब्दुल गफूर और कासिम जान भी पठानकोट हमले के पीछे शामिल हैं।
खुफिया एजेंसियों की जानकारी के मुताबिक हमले से पहले आतंकियों ने पाकिस्तान में अपने आकाओं से बात की। देर रात 12: 35 मिनट से लेकर रात एक बजकर 40 मिनट तक चार बार पाकिस्तान से फोन पर बात हुई। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हमले के पीछे जैश के होने से इंकार नहीं किया।
कई देशों में बैन है मसूद का संगठन
मसूद अजहर के आतंकी संगठन पर यूएन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और भारत समेत कई देशों में बैन है। फिर भी मसूह अजहर पाकिस्तान में खुलेआम रैलियों में जहर उगलता है। मसूद अजहर को भारतीय विमान के अपहरण करने के लिए कभी कोई सजा नहीं मिली।