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महिलाओं के लिए मोर्चे पर डटी यह महिला शक्ति

Sun, 01 Jun 2014 01:20 PM IST
सीमा एस आनंद/अमर उजाला, चंडीगढ़
सीमा एस आनंद/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 01 Jun 2014 01:20 PM IST
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Awareness Campaign for Womans

मार्केटिंग प्रोफेशनल पीयूषा शर्मा, सोशल एक्टिविस्ट सुनीता धारीवाल और अनुभवी पत्रकार मनीषा की पिछले चार माह की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि शनिवार को चंडीगढ़ यूटी गेस्ट हाउस में महिलाओं के लिए अपनी तरह का पहला ऑनलाइन चैनल डब्ल्यू टीवी इंडिया लांच हुआ।

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महिलाओं की पीड़ा को देखकर सोशल एक्टिविस्ट सुनीता धारीवाल ने उनके लिए कुछ करने की सोची। उनका कहना है कि पीड़ा से भरे हुए उन चेहरों ने ही उन्हें डब्ल्यू टीवी इंडिया शुरू करने का प्रोत्साहन दिया। चार माह पहले उन्होंने पीयूषा को अपना आइडिया बताया तो इन्होंने ऑनलाइन टीवी शुरू करने की ठान ली।
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सड़क हादसे में 23 वर्षीय बेटा खो चुकीं सुनीता धारीवाल ने बेटे की अधूरी ख्वाहिशों को अमली जामा पहनाने के लिए दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस ट्रस्ट की शुरुआत की। उनका कहना है कि इसमें जुड़ने वाले हर सदस्य को वह अपने बेटे का दोस्त मानती हैं। अंकित धारीवाल मेमोरियल ट्रस्ट को वे नॉन प्रॉफिट संस्था बताती हैं।
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क्या है इसका उद्देश्य

सुनीता का कहना है कि अपनी समस्याओं को लेकर आम महिलाएं कई बार खुलकर बोल नहीं पातीं ऐसे में उन्हें एक अलग मंच प्रदान करना इस संस्था का उद्देश्य है। पीयूषा शर्मा का कहना है कि वे पूरे देश से एक्सपर्ट्स जैसे मीडियाकर्मी, डाक्टर, वकील आदि को साथ जोड़ेंगे। पूरे भारत में अब तक डब्ल्यूटीवी इंडिया ने चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू में 300 से ज्यादा सदस्य बना लिए हैं।

क्या-क्या होगा पोर्टल पर
डब्ल्यू टीवी इंडिया अपने पोर्टल पर न्यूज, डाक्यूमेंट्री फिल्में, टॉक शो, चैट शो के अलावा ब्लाग भी उपलब्ध करवाएगा। इनमें महिलाओं की सफलता की गाथाओं तो होंगी ही साथ ही पीड़िता की सच्ची कहानियां भी सामने आएंगी। इस दौरान दिखाई गई डाक्यूमेंट्री में पुरुषों द्वारा मां-बहन की गालियां देने पर लोगों से की गई परिचर्चा दिखाई गई। इसमें सुखना लेक पर आए चंचल सिंह और अहमदाबाद की सुगंधा ने इसे गलत बताया।

जालंधर के सौरभ शर्मा का कहना है कि फिल्मों में ही इस प्रकार की गालियों पर बैन होना चाहिए, फिल्मों को देखकर यूथ गालियां देने को स्टेटस सिंबल समझ बैठता है।शिमला की अंजू शर्मा ने भी कहा, गालियों पर बैन होना चाहिए। ऐसी डाक्यूमेंट्री से लोगों में बदलाव आना लाजिमी है। आरुषि और पूजा द्वारा बनाई गई डाक्यूमेंट्री बहुत बढ़िया है।


फेसबुक पर भी चलाया अभियान

सुनीता का कहना है कि उन्होंने फेसबुक पर इस चैनल को शुरू करने के लिए सुझाव मांगे। उनके पास 650 महिलाओं के सुझाव आए। उसके बाद तो इनके काम में और भी तेजी आ गई।

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