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Chandigarh News: मुल्लापुर स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी हार, भारत 102 रन से जीता
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चंडीगढ़। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को मोहाली के मुल्लापुर स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 102 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। यह ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी हार रही। लगातार आठ मुकाबलों में हार झेल चुकी टीम इंडिया ने नौवें मैच में जीत दर्ज की। यह जीत 2021 के बाद ऑस्ट्रेलिया पर पहली और घरेलू मैदान पर करीब 18 साल बाद मिली, जब फरवरी 2007 में चेन्नई में भारत ने कंगारू टीम को हराया था। ऑस्ट्रेलिया को इससे पहले बड़ी पराजय इंग्लैंड के खिलाफ मिली थी जब टीम 92 रन से मैच हार गई थी।
दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड 292 रन बनाए। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले साल 2023 में 282 का स्कोर बनाया था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 40.5 ओवर में 190 रन बनाकर आउट हो गई। मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार बैटिंग, बोलिंग और फील्डिंग का नजारा पेश किया। पूरी टीम एक यूनिट में दिखी और विश्व विजेता टीम को बैटिंग के दौरान एक-एक रन के लिए संघर्ष करना पड़ा।
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टॉस हराने के बाद शानदार शुरुआत
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया था। भारत के दोनों ही ओपनर बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया और 70 रन की पार्टनरशिप की। दोनों ही बल्लेबाजों ने 6 रन प्रति ओवर से ज्यादा की गति से रन बनाए। प्रतिका रावल और स्मृति अब तक 16 वनडे में 12 बार 50 रन से ज्यादा की साझेदारी कर चुके हैं। वे 6 बार शतकीय साझेदारी भी निभा चुकी हैं। भारत की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने केवल 117 गेंदों पर 91 के स्ट्राइक रेट से 117 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
हरलीन और हरमनप्रीत नहीं चल पाई
मैच में एक बार फिर से लोकल गर्ल और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने निराश किया। उन्होंने 26 गेंद में महज 17 रन का योगदान दिया। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 65 का रहा। इसके अलावा पिछले मैच में अर्धशतक बनाने वाली मोहाली की लोकल खिलाड़ी हरलीन देओल महज 10 रन बना सकी। इसके लिए उन्होंने 24 गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 41 के करीब रहा। दोनों लोकल खिलाड़ियों के जल्द आउट होने से दर्शक काफी निराश हुए।
इसके अलावा दीप्ति शर्मा ने 53 गेंदों पर 40 रन का अहम योगदान दिया। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजतर्रार पारी खेली और 33 गेंदों पर 29 रन जोड़े। अंत में स्नेह राणा ने 18 गेंद में 24 रन बनाकर स्कोर को मजबूती दी। भारतीय टीम की पारी 49.5 ओवर में 292 रन पर थमी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से डार्सी ब्राउन ने 8 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि एशले गार्डनर और मेगन शुट्ट ने 2-2 विकेट झटके।
दूसरे ओवर में गिरा पहला विकेट
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम को पहला झटका दूसरे ओवर में लग गया। जब जॉर्जिया वोल रेनुका सिंह का गेंद पर बोल्ड हो गई। उसके बाद क्रांति गौड़ जब पांचवें ओवर की अंतिम गेंद डाल रही थी तो अरुंधति रेड्डी के एक शानदार कैच से टीम की कप्तान एलिसा हेली की पारी समाप्त हो गई। उन्होंने मात्र 9 रन बनाए। उसके बाद खिलाड़ियों ने बेथ मूनी के दो कैच भी छोड़े। जब वह शून्य और 8 के स्कोर पर पहुंची तो उनका कैच छूटा लेकिन उसका वह बहुत फायदा नहीं उठा सकी और 18 रन के स्कोर पर आउट हो गई। स्नेह राणा की गेंद एक बार फिर अरुंधति रेड्डी ने कैच पकड़ा। अरुंधति रेड्डी ने पूरे मैच में 3 शानदार कैच पकड़े। ऑस्टेलिया की तरफ से 44 रन का सबसे बड़ा स्कोर एलिस पेरी ने बनाया. उनको राधा यादव ने अपनी ही गेंद पर कंट एंड बोल्ड आउट किया। हालांकि उनका ही कैच राधा ने अपने ही गेंद पर छोड़ा था।
आखिरी के पांच विकेट महज 39 रन पर गिरे
ऑस्ट्रेलिया के आखिरी पांच विकेट महज 39 रन के अंदर गिर गए। पूरे मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से महज एक अर्धशतकीय साझेदारी हो पाई। जब तीसरे विकेट के लिए एलिस पेरी और बेथ मूनी ने 50 रन का जोड़े। भारत की तरफ से क्रांति गौड़ सबसे सफल रहीं, जिन्होंने 9.5 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। रेनुका सिंह ने 6.3 ओवर में 28 रन देकर एक सफलता पाई। स्नेह राणा और राधा यादव को 1-1 विकेट मिला। अरुंधति रेड्डी ने 7.3 ओवर में 46 रन देकर 1 विकेट लिया, जबकि दीप्ति शर्मा ने 6 ओवर में 24 रन पर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया
भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद मोहाली के मुल्लापुर स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया। चारों ओर भारत माता की जय के नारे गूंज उठे और दर्शक खुशी से झूमते नजर आए। 18 साल बाद अपने देश में ऑस्ट्रेलिया को मात देने वाली इस जीत को देखने वाले दर्शकों ने कहा कि यह लम्हा उनके दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।
विश्श्वकप की तैयारियों के लिए जीत अहम
विश्श्वकप की तैयारियों को देखते हुए यह जीत भारतीय टीम के काफी मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा समय विश्व चैंपियन है। ऐसे में उनका हराने से टीम इंडिया का मनोबल बढ़ेगा। इस बार महिला विश्वकप का आयोजन भारत में होने जा रहा है। 30 सितंबर से इसकी शुरुआत है। विश्वकप से पहले दोनों देशों के बीच चल रही तीन मैचों की सीरीज में पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया था। लेकिन दूसरा मैच जीतने के बाद सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई है। अब 20 सितंबर को तीसरा और अंतिम मैच दिल्ली में होगा।
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दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड 292 रन बनाए। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले साल 2023 में 282 का स्कोर बनाया था।
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लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 40.5 ओवर में 190 रन बनाकर आउट हो गई। मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार बैटिंग, बोलिंग और फील्डिंग का नजारा पेश किया। पूरी टीम एक यूनिट में दिखी और विश्व विजेता टीम को बैटिंग के दौरान एक-एक रन के लिए संघर्ष करना पड़ा।
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टॉस हराने के बाद शानदार शुरुआत
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया था। भारत के दोनों ही ओपनर बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया और 70 रन की पार्टनरशिप की। दोनों ही बल्लेबाजों ने 6 रन प्रति ओवर से ज्यादा की गति से रन बनाए। प्रतिका रावल और स्मृति अब तक 16 वनडे में 12 बार 50 रन से ज्यादा की साझेदारी कर चुके हैं। वे 6 बार शतकीय साझेदारी भी निभा चुकी हैं। भारत की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने केवल 117 गेंदों पर 91 के स्ट्राइक रेट से 117 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
हरलीन और हरमनप्रीत नहीं चल पाई
मैच में एक बार फिर से लोकल गर्ल और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने निराश किया। उन्होंने 26 गेंद में महज 17 रन का योगदान दिया। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 65 का रहा। इसके अलावा पिछले मैच में अर्धशतक बनाने वाली मोहाली की लोकल खिलाड़ी हरलीन देओल महज 10 रन बना सकी। इसके लिए उन्होंने 24 गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 41 के करीब रहा। दोनों लोकल खिलाड़ियों के जल्द आउट होने से दर्शक काफी निराश हुए।
इसके अलावा दीप्ति शर्मा ने 53 गेंदों पर 40 रन का अहम योगदान दिया। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजतर्रार पारी खेली और 33 गेंदों पर 29 रन जोड़े। अंत में स्नेह राणा ने 18 गेंद में 24 रन बनाकर स्कोर को मजबूती दी। भारतीय टीम की पारी 49.5 ओवर में 292 रन पर थमी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से डार्सी ब्राउन ने 8 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि एशले गार्डनर और मेगन शुट्ट ने 2-2 विकेट झटके।
दूसरे ओवर में गिरा पहला विकेट
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम को पहला झटका दूसरे ओवर में लग गया। जब जॉर्जिया वोल रेनुका सिंह का गेंद पर बोल्ड हो गई। उसके बाद क्रांति गौड़ जब पांचवें ओवर की अंतिम गेंद डाल रही थी तो अरुंधति रेड्डी के एक शानदार कैच से टीम की कप्तान एलिसा हेली की पारी समाप्त हो गई। उन्होंने मात्र 9 रन बनाए। उसके बाद खिलाड़ियों ने बेथ मूनी के दो कैच भी छोड़े। जब वह शून्य और 8 के स्कोर पर पहुंची तो उनका कैच छूटा लेकिन उसका वह बहुत फायदा नहीं उठा सकी और 18 रन के स्कोर पर आउट हो गई। स्नेह राणा की गेंद एक बार फिर अरुंधति रेड्डी ने कैच पकड़ा। अरुंधति रेड्डी ने पूरे मैच में 3 शानदार कैच पकड़े। ऑस्टेलिया की तरफ से 44 रन का सबसे बड़ा स्कोर एलिस पेरी ने बनाया. उनको राधा यादव ने अपनी ही गेंद पर कंट एंड बोल्ड आउट किया। हालांकि उनका ही कैच राधा ने अपने ही गेंद पर छोड़ा था।
आखिरी के पांच विकेट महज 39 रन पर गिरे
ऑस्ट्रेलिया के आखिरी पांच विकेट महज 39 रन के अंदर गिर गए। पूरे मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से महज एक अर्धशतकीय साझेदारी हो पाई। जब तीसरे विकेट के लिए एलिस पेरी और बेथ मूनी ने 50 रन का जोड़े। भारत की तरफ से क्रांति गौड़ सबसे सफल रहीं, जिन्होंने 9.5 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। रेनुका सिंह ने 6.3 ओवर में 28 रन देकर एक सफलता पाई। स्नेह राणा और राधा यादव को 1-1 विकेट मिला। अरुंधति रेड्डी ने 7.3 ओवर में 46 रन देकर 1 विकेट लिया, जबकि दीप्ति शर्मा ने 6 ओवर में 24 रन पर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया
भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद मोहाली के मुल्लापुर स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया। चारों ओर भारत माता की जय के नारे गूंज उठे और दर्शक खुशी से झूमते नजर आए। 18 साल बाद अपने देश में ऑस्ट्रेलिया को मात देने वाली इस जीत को देखने वाले दर्शकों ने कहा कि यह लम्हा उनके दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।
विश्श्वकप की तैयारियों के लिए जीत अहम
विश्श्वकप की तैयारियों को देखते हुए यह जीत भारतीय टीम के काफी मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा समय विश्व चैंपियन है। ऐसे में उनका हराने से टीम इंडिया का मनोबल बढ़ेगा। इस बार महिला विश्वकप का आयोजन भारत में होने जा रहा है। 30 सितंबर से इसकी शुरुआत है। विश्वकप से पहले दोनों देशों के बीच चल रही तीन मैचों की सीरीज में पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया था। लेकिन दूसरा मैच जीतने के बाद सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई है। अब 20 सितंबर को तीसरा और अंतिम मैच दिल्ली में होगा।