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चंडीगढ़ में अपनी दुकान का सपना देख रहें है तो पढ़िए ये खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:00 AM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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उद्घाटन के तीन साल बाद ताज होटल के सामने बने ओवरब्रिज के नीचे निर्मित 40 दुकानों की नीलामी करवाने के लिए नगर निगम तैयार हो गया है। लेकिन नगर निगम की ओर से इन दुकानों के जो रिजर्व प्राइस तय किए गए हैं, वे काफी ज्यादा हैं।
व्यापारियों का कहना है कि इतने महंगे रेट पर दुकानें कोई नहीं लेगा। जिस एरिया में यह दुकानें बनी हैं, वह सेक्टर-17 का डेड एरिया है। जबकि यहां पर आसपास जो कामर्शियल एरिया है, वह कारोबार के हिसाब से भी ज्यादा चलता नहीं है। दूसरा, नगर निगम ने इन दुकानों को 99 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया है। नगर निगम ने दुकानों के रेट 59 लाख से लेकर एक करोड़ दो लाख रुपये तक तय किया है।
जबकि पुराने ओवरब्रिज के नीचे दुकानें है 40 से 45 लाख रुपये में मिल जाती हैं। जबकि वह मार्केट पूरी तरह डेवलप है। इस माह की 27 तारीख को नीलामी की तारीख तय की गई है। इन 40 दुकानों को नीलाम करने से नगर निगम को 25 करोड़ रुपये कमाई करने का टारगेट है, जबकि नगर निगम का ओवरब्रिज सहित दुकानों को निर्माण करने का खर्चा 14 करोड़ रुपये आया था। इसके अलावा दुकानों के ऊपर आफिस स्पेस भी है जिन्हें किराए पर देने की नीति बनाई गई है।
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व्यापारियों का कहना है कि इतने महंगे रेट पर दुकानें कोई नहीं लेगा। जिस एरिया में यह दुकानें बनी हैं, वह सेक्टर-17 का डेड एरिया है। जबकि यहां पर आसपास जो कामर्शियल एरिया है, वह कारोबार के हिसाब से भी ज्यादा चलता नहीं है। दूसरा, नगर निगम ने इन दुकानों को 99 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया है। नगर निगम ने दुकानों के रेट 59 लाख से लेकर एक करोड़ दो लाख रुपये तक तय किया है।
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जबकि पुराने ओवरब्रिज के नीचे दुकानें है 40 से 45 लाख रुपये में मिल जाती हैं। जबकि वह मार्केट पूरी तरह डेवलप है। इस माह की 27 तारीख को नीलामी की तारीख तय की गई है। इन 40 दुकानों को नीलाम करने से नगर निगम को 25 करोड़ रुपये कमाई करने का टारगेट है, जबकि नगर निगम का ओवरब्रिज सहित दुकानों को निर्माण करने का खर्चा 14 करोड़ रुपये आया था। इसके अलावा दुकानों के ऊपर आफिस स्पेस भी है जिन्हें किराए पर देने की नीति बनाई गई है।
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यहां जानिए बूथों के रिजर्व प्राइस
इस ओवरब्रिज का उद्घाटन साल 2013 में हुआ था लेकिन तब से लेकर अब तक यहां पर बनी दुकानें खाली पड़ी हुई है तत्कालिन मेयर सुभाष चावला के कार्यकाल में यहां पर नाइट फूड स्ट्रीट बनाने का प्रपोजल तैयार हुआ था लेकिन प्रशासन ने इसके लिए मंजूरी नहीं दी थी। सेक्टर-41 की फिश मार्केट भी पिछले पांच साल से नीलाम नहीं हो रही है। इसका कारण यह है कि नगर निगम ने जब भी नीलामी का रिजर्व प्राइस तय किया तो रेट काफी ज्यादा रखे।
बूथ की संख्या नंबर रिजर्व प्राइस (लाखों में )
24 2 से 7,10 से 15,20 से 27, 30 से 35 59.70
8 1,8,9,16,21,28,29,36 88.54
2 17 और 37 102.18
6 18 से 20,38 से 40 68.90
सब-वे शाप का भी रिजर्व प्राइस तय : सेक्टर-17-22 के सब वे के नीचे बनी शाप्स का भी रिजर्व प्राइस तय कर दिया गया है। यहां पर बनी हर दुकान का रिजर्व प्राइस 67.95 लाख रुपये तय किया गया है। सेक्टर-22 के प्रापर्टी डीलर राजीव अवस्थी का कहना है कि इसका रेट भी काफी ज्यादा है।
गांवों की दुकानें भी होगी नीलाम : बढ़हेड़ी की 6, बुटरेला की 4 और बुडै़ल की खाली पड़ी एक दुकान को भी 99 साल की लीज पर 25 अक्तूबर को नीलाम करने की योजना है। बढहेड़ी की दुकान का रिजर्व प्राइस 6.02, बुटरेला की प्रति दुकान का रिजर्व प्राइस 5.52 लाख और बुडै़ल की एक मात्र दुकान का रिजर्व प्राइस 4.82 लाख रुपये तय किया गया है।
यह नीलामी फेल रहेगी, क्योंकि रिजर्व प्राइस काफी ज्यादा रखा गया है। ये दुकानें लीज नहीं बल्कि फ्री होल्ड पर देनी चाहिए। जो इस एरिया के आसपास व्यापारी हैं उन्हें ही यह दुकानें बेची जानी चाहिए। इसका रिजर्व प्राइस 40 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस समय प्रापर्टी में मंदी का दौर है। - कमलजीत पंछी, अध्यक्ष, ट्रेडर्स एसोसिएशन,सेक्टर-17
बूथ की संख्या नंबर रिजर्व प्राइस (लाखों में )
24 2 से 7,10 से 15,20 से 27, 30 से 35 59.70
8 1,8,9,16,21,28,29,36 88.54
2 17 और 37 102.18
6 18 से 20,38 से 40 68.90
सब-वे शाप का भी रिजर्व प्राइस तय : सेक्टर-17-22 के सब वे के नीचे बनी शाप्स का भी रिजर्व प्राइस तय कर दिया गया है। यहां पर बनी हर दुकान का रिजर्व प्राइस 67.95 लाख रुपये तय किया गया है। सेक्टर-22 के प्रापर्टी डीलर राजीव अवस्थी का कहना है कि इसका रेट भी काफी ज्यादा है।
गांवों की दुकानें भी होगी नीलाम : बढ़हेड़ी की 6, बुटरेला की 4 और बुडै़ल की खाली पड़ी एक दुकान को भी 99 साल की लीज पर 25 अक्तूबर को नीलाम करने की योजना है। बढहेड़ी की दुकान का रिजर्व प्राइस 6.02, बुटरेला की प्रति दुकान का रिजर्व प्राइस 5.52 लाख और बुडै़ल की एक मात्र दुकान का रिजर्व प्राइस 4.82 लाख रुपये तय किया गया है।
यह नीलामी फेल रहेगी, क्योंकि रिजर्व प्राइस काफी ज्यादा रखा गया है। ये दुकानें लीज नहीं बल्कि फ्री होल्ड पर देनी चाहिए। जो इस एरिया के आसपास व्यापारी हैं उन्हें ही यह दुकानें बेची जानी चाहिए। इसका रिजर्व प्राइस 40 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस समय प्रापर्टी में मंदी का दौर है। - कमलजीत पंछी, अध्यक्ष, ट्रेडर्स एसोसिएशन,सेक्टर-17