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मान्यता: एक महीने से ‘बीमार’ हैं भगवान जगन्नाथ
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Fri, 03 Jul 2015 07:51 PM IST
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पिछले एक महीने से ‘बीमार चल रहे भगवान जगन्नाथ 15 दिन और बीमार रहेंगे। मान्यता के अनुसार दो जून को देव स्नान पूर्णिमा पर 108 घड़े पानी से स्नान के बाद उन्हें सर्दी जुकाम हो गया है।
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भगवान आराम कर रहे हैं। विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों से उनका इलाज चल रहा है। मंदिर में पूजा पाठ बंद है। आरती भी नहीं हो रही है। घंटा-घड़ियाल नहीं बज रहे हैं। चावल का भोग नहीं लग रहा है।
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सिर्फ फलों का भोग लगाया जा रहा है। अधिक मास (मलमास) और नव कलेवर वर्ष होने के कारण इस बार भगवान 15 दिन के बजाय 45 दिन तक बीमार रहेंगे।
सेक्टर-31 स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के पुजारी लक्ष्मीधर दास का कहना है कि इस साल नव कलेवर वर्ष के कारण भगवान का नया विग्रह स्थापित होगा इसकी तैयारियां हो रही हैं। ये विग्रह नीम की लकड़ी से बनाए जाते हैं। इस बार नव कलेवर वर्ष 19 साल के बाद आया है।
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लक्ष्मीधर दास ने बताया कि मान्यता के अनुसार भगवान बीमार होते हैं और उनका इलाज होता है। यह प्रथा वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को भगवान का नेत्र उत्सव होगा, इसी दिन वह ठीक हो जाएंगे।
17 जुलाई को भगवान रत्न जड़ित सिंहासन पर विराजमान होंगे। 18 जुलाई को भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण कर अपने भक्तों को दर्शन देंगे और मौसी के घर विराजमान होंगे।
26 जुलाई को बहुडा यात्रा निकाली जाएगी। बहुडा यात्रा के दौरान भगवान मौसी के घर से वापस लौट आएंगे।