भाजपा की जीत पर भारी जेटली की हार का दर्द
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पंजाब में 2009 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके बावजूद अरुण जेटली की हार के कारण प्रदेश इकाई में मायूसी का आलम है।
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा केवल अमृतसर सीट जीती थी, जबकि इस बार इसे गुरदासपुर और होशियारपुर सीटों पर जीत हासिल हुई है।
संख्या के हिसाब से इस बार पार्टी का प्रदर्शन सुधरा लेकिन अमृतसर सीट पर पार्टी दिग्गज अरुण जेटली को कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथों मिली एक लाख से अधिक वोटों की हार से प्रदेश भाजपा सकते में है।
दर्द के एहसास के बावजूद जीत का जश्न
बेशक देशभर में पार्टी को मिली बड़ी जीत के कारण सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को जश्न का माहौल था। ढोल की थाप पर भंगड़ा डालकर भाजपा नेताओं ने खुशी मनाई।
लड्डू बांटे गए। फिर भी अरुण जेटली की हार का दर्द पार्टी कार्यकर्ताओं की खुशी पर भारी पड़ता दिखाई दिया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कमल शर्मा, महासचिव (संगठन) अजय जमवाल, भारतीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनीत जोशी, प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी सुनील सिंगला भी उपस्थित थे।
कमल शर्मा ने ली जेटली की हार की जिम्मेदारी
पंजाब भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा ने देश में पार्टी की जीत का जश्न मनाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह अरुण जेटली की हार की जिम्मेदारी लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जेटली का हारना पंजाब भाजपा, प्रदेश और अमृतसर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देशभर में मोदी की लहर के बावजूद पंजाब से अकाली-भाजपा गठबंधन केंद्र सरकार के गठन में उतना योगदान नहीं दे पाया, जितना होना चाहिए था।
यह लोगों का फतवा है, जिसे स्वीकार करते हुए गठबंधन सरकार को अपनी कमियों पर विचार करते हुए उनमें सुधार करना होगा। कई बड़े निर्णय लिए जाने की जरूरत है। शर्मा ने कहा कि गठबंधन सरकार को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा।
कमल शर्मा के इस्तीफे की रही चर्चा
पंजाब के केबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने अरुण जेटली की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा को भेज दिया, वहीं इस बात की चर्चा भी रही कि खुद कमल शर्मा ने प्रधान पद से त्याग पत्र दे दिया है।
हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। इस संबंध में कमल शर्मा से बात करने की सभी कोशिशें बेकार गईं। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पार्टी की जीत का जश्न मनाने के बाद कमल शर्मा वहां से निकल गए और उसके बाद उनका फोन लगातार स्विच ऑफ मिला।